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<title>Nation Republiq Hindi &amp; Latest Posts</title>
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<description>Nation Republiq Hindi &amp; Latest Posts</description>
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<dc:rights>© 2024 Nation Republiq Hindi &amp; All Rights Reserved.</dc:rights>

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<title>SAI HANDA BANGLES का घोषणा पत्र: प्रतिष्ठानों पर सिर्फ 24 कैरेट गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी बेचने का दावा</title>
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<description><![CDATA[ साई हांडा बैंगल्स का दावा है कि प्रतिष्ठानों पर सिर्फ 24 कैरेट गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी बिकती है। यह ठोस सोना नहीं है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 03 Oct 2026 01:01:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>nationrepubliq</dc:creator>
<media:keywords>Sai Handa Bangles, 24K gold plated jewellery, 1 gram gold jewellery, Karol Bagh jewellery</media:keywords>
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<title>M3M Foundation की ‘Threads of India’ ने भारत की वस्त्र विरासत, फैशन और उद्देश्य को जोड़ा</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली, 2 अक्टूबर: भारतभर के पारंपरिक बुनकरों और कारीगरों से सीधे सीखने से लेकर उन अनुभवों को समकालीन फैशन में रूपांतरित करने तक, M3M Foundation की ‘Threads of India – भारत का ताना-बाना’ पहल ने नई दिल्ली के रोज़िएट हाउस में आयोजित विशेष ‘Evening of Patronage &amp; Purpose’ में शिल्प, संस्कृति, स्थिरता और महिला सशक्तीकरण को एक मंच पर प्रस्तुत किया। इस पहल के केंद्र में M3M Foundation की iMpower Academy for Skills की चार युवा महिला कारीगरों द्वारा तैयार की गई 32 अनूठी पोशाकें रहीं। ‘Ada-e-Hind’ नामक यह संग्रह एक ऐसी यात्रा को दर्शाता है, जिसने इन युवा कारीगरों को कक्षा से आगे ले जाकर भारत की समृद्ध वस्त्र परंपराओं के केंद्र तक पहुँचाया। इस अवसर पर दिल्ली के फैशन और सामाजिक क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें रमौला बच्चन, रीना ढाका, सुनीत वर्मा, सोनल मानसिंह सहित कई प्रतिष्ठित फैशन डिजाइनर, कॉर्पोरेट लीडर और दिल्ली की पेज-3 हस्तियाँ शामिल थीं।इस अवसर पर M3M Foundation की चेयरपर्सन एवं ट्रस्टी, डॉ. पायल बंसल कनोडिया ने कहा, “Threads of India मूल रूप से खोज, सीखने और अवसर की एक यात्रा है। हम चाहते थे कि हमारी युवा कारीगर भारत की समृद्ध शिल्प परंपराओं को केवल कक्षा के माध्यम से न समझें, बल्कि उन लोगों से मिलें, जिन्होंने पीढ़ियों से इन परंपराओं को संरक्षित किया है, और उनके पीछे छिपे ज्ञान, कौशल और कहानियों को समझें। उस अनुभव से उन्होंने जो सृजन किया है, वह हमारी विरासत का एक सुंदर प्रतिबिंब है, जिसे उन्होंने अपनी कल्पना और समकालीन संवेदनशीलता के माध्यम से एक नया रूप दिया है। हमारे लिए स्थिरता केवल हम जो बनाते हैं, उससे आगे की बात है; यह उन कौशलों, आजीविकाओं और समुदायों को बनाए रखने के बारे में भी है, जो भारत की असाधारण शिल्प परंपराओं को जीवित रखते हैं और उन्हें आगे बढ़ाते हैं।”‘Threads of India 1.0’ पहल के तहत कारीगरों ने देश के विभिन्न क्षेत्रों की यात्रा की, स्थानीय बुनकरों और कारीगरों से मुलाकात की तथा भारत की विविध वस्त्र विरासत को आकार देने वाली तकनीकों, सामग्रियों, डिजाइनों और सांस्कृतिक कथाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझा। पारंपरिक प्रथाओं से प्राप्त यह अनुभव 32 समकालीन रचनाओं के विकास का आधार बना, जिसमें पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक डिजाइन संवेदनाओं का समन्वय किया गया। ‘Dream Weavers 1.0’ की सफलता के बाद इस संग्रह को पहली बार इस वर्ष Times Fashion Week 2026 में प्रदर्शित किया गया। 32 में से प्रत्येक पोशाक को विशिष्ट रूप से तैयार किया गया है और किसी भी पोशाक की प्रतिकृति नहीं बनाई गई, जो भारतभर की कारीगरों की यात्रा से प्राप्त सीख और उनकी रचनात्मक व्याख्या को दर्शाती है।‘Threads of India’, M3M Foundation की iMpower Academy for Skills के माध्यम से किए जा रहे कार्यों का विस्तार है। अकादमी ने अब तक 12,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया है, जिनमें से 76% से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। इनमें फैशन, सिलाई और टेलरिंग के क्षेत्र में प्रशिक्षित 2,000 से अधिक युवा भी शामिल हैं। यह पहल दर्शाती है कि कौशल विकास केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को अनुभव, रचनात्मक अभिव्यक्ति और टिकाऊ आजीविका की दिशा में अवसर प्रदान कर सकता है। इस पहल के पीछे व्यापक दृष्टिकोण शिल्प संरक्षण और समकालीन अवसरों के बीच एक सार्थक संबंध स्थापित करना है। युवा महिलाओं को पारंपरिक कारीगरों से सीधे सीखने और उस ज्ञान को अपने कार्य के माध्यम से नए रूप में प्रस्तुत करने में सक्षम बनाकर, यह पहल न केवल भारत की शिल्प परंपराओं की निरंतरता में योगदान देने का प्रयास करती है, बल्कि अगली पीढ़ी के कुशल कारीगरों के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी काम करती है।सितंबर की 26 तारीख को आयोजित इस विशेष संध्या के साथ यह यात्रा अपने समापन तक पहुँची। 32 पोशाकों को एक विशेष नीलामी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसमें अतिथियों को इन रचनाओं और इनके पीछे जुड़े व्यापक उद्देश्य का समर्थन करने के लिए आमंत्रित किया गया। Pearl Academy के विद्यार्थियों ने स्वेच्छा से इस उत्कृष्ट परिधान संग्रह को मैनिकिन पर प्रदर्शित करने के लिए ड्रेप किया और प्रत्येक परिधान को उपयुक्त एक्सेसरीज़ के साथ सजाया, जिससे उन्हें नीलामी के लिए तैयार किया जा सके। इस आयोजन में संरक्षण एवं सहयोग को टिकाऊ शिल्प को प्रोत्साहित करने के माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया, साथ ही प्रत्येक रचना में लगे कौशल और प्रयास को भी सम्मान दिया गया।इस अवसर का एक प्रमुख आकर्षण ‘Threads of India’ कॉफी टेबल बुक का लॉन्च रहा, जिसमें सभी 32 रचनाओं और उनके पीछे की पूरी यात्रा को दर्ज किया गया है। इस पुस्तक में M3M Foundation की चेयरपर्सन एवं ट्रस्टी, डॉ. पायल बंसल कनोडिया के साथ चारों युवा कारीगरों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया, जिससे इस कहानी के केंद्र में रचनाकारों को रखा गया। इस अवसर पर ‘Threads of India’ के आधिकारिक गीत का भी लॉन्च किया गया, जिसने भारत की वस्त्र विरासत और इसके युवा संरक्षकों के उत्सव में एक और कलात्मक अभिव्यक्ति जोड़ी।पहल के प्रति व्यक्तिगत समर्थन के रूप में डॉ. पायल बंसल कनोडिया ने इस संग्रह की एक पोशाक स्वयं पहनी। उनकी यह सहभागिता उस दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसके तहत ‘Threads of India’ की परिकल्पना की गई थी—ऐसे मंच तैयार करना, जहाँ युवा महिलाएँ अपने कौशल को प्रदर्शित कर सकें और फैशन के प्रति अधिक जागरूक एवं टिकाऊ दृष्टिकोण को प्रोत्साहित किया जा सके। इस अवसर पर चारों युवा कारीगरों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके कौशल प्रशिक्षण से लेकर राष्ट्रीय फैशन मंच पर प्रस्तुत किए गए संग्रह के निर्माण तक की यात्रा की सराहना के रूप में दिया गया।‘Threads of India – भारत का ताना-बाना’ के माध्यम से M3M Foundation भारत की जीवंत शिल्प परंपराओं और युवा पीढ़ ]]></description>
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<pubDate>Fri, 02 Oct 2026 16:54:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>संविधान पे चर्चा 4.0 में पारुल विश्वविद्यालय में विधिज्ञों ने संविधान पर की परिचर्चा</title>
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<description><![CDATA[ वडोदरा (गुजरात) [भारत], 1 अक्टूबर : पारूल विश्वविद्यालय में अपने अनुठे कानून सम्बन्धित कॉन्क्लेव संविधान पे चर्चा के चौथे संस्करण का आयोजन किया गया| इस समारोह में न्यायपालिका क्षेत्र के ख्यातनाम दिग्गज, वरिष्ठ अधिवक्ता गण, कानून के व्यवसायी और विधि के छात्रों ने सहभाग लिया| इस समारोह में संवैधानिक मूल्य, वर्तमान के कानून से जुड़े मुद्दे और कानून के बदलते परिप्रेक्ष्य के बारे में चर्चा की गई| इस कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, चर्चा सत्र, पीयु संवाद, कार्यशालाएँ और प्रतियोगिता मंच थे और इनके द्वारा छात्रों को अपनी क्लासरूम के बाहर जाकर कानून क्षेत्र की हस्तियों के साथ संवाद करने का मौका मिला|इन विशिष्ट दिग्गजों में भारतीय उच्चतम न्यायालय के आदरणीय न्यायमूर्ति श्री. विपूल एम. पंचोली, गुजरात उच्च न्यायालय के आदरणीय न्यायमूर्ति श्री. डी. एन. रे, गुजरात उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आदरणीय श्री. एन. एस. संजय गोडा, भारतीय उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता तथा भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. गौरव भाटिया, भारतीय उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सुश्री. महालक्ष्मी पावनी और भारतीय उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सुश्री. अनिता शेणॉय समेत कानून के क्षेत्र से जुड़े कई विख्यात व्यक्ति सम्मीलित हुए| इनकी उपस्थिति से उभरते अधिवक्ताओं को न्यायपालिका क्षेत्र के दिग्गजों को प्रत्यक्षसुनने का मौका मिला तथा कानून शिक्षा और एडवोकसी से जुड़े वास्तविक पहलू समझने का मौका मिला|कानून के व्यवसाय को ले कर संवैधानिक तत्त्वों का महत्त्व अधोरेखित करते हुए तथा भविष्य के अधिवक्ताओं के बारे में बात करए हुए आदरणीय न्यायमूर्ति श्री. विपूल मनुभाई पंचोली ने कहा, &quot; कानून सीखानेवाले विश्वविद्यालय को सिर्फ कानून की शिक्षा देने का ही दायित्व नही होता है, बल्की व्यवसायिक नीतिमत्ता, संवैधानिक मूल्य और सामाजिक जिम्मेदारी को भी बढ़ावा देने का दायित्व होता है| इसलिए भविष्य के अधिवक्ताओं को सिर्फ कानून का ज्ञान होना पर्याप्त नही है, बल्की उन्हे जिस समाज और टेक्नोलॉजी के बीच कानून काम करता है, उन्हे भी समझना पड़ेगा| भविष्य के अधिवक्ता के रूप में स्मरण रखिए कि एडवोकसी सिर्फ जीतने के बारे में नही है, बल्की न्यायपूर्ण और कानून की दृष्टि से उचित निर्णय लेने में न्यायालय की सहायता करना भी है|”श्रोताओं से संवाद करते हुए आदरणीय न्यायमूर्ति श्री. डी. एन. रे ने संवैधानिक और कानून से जुड़े मुद्दों पर अपने दृष्टिकोण रखे और तेज़ी से बदलनेवाली दुनिया में युवाओ के सामने होनेवाली चुनौतियो पर भी प्रकाश डाला| उन्होने कहा, &quot;तत्काल समाधान मिलने के और इन्स्टंट सक्सेस के आजके युग में असफल होने की तैयारी कृपया कीजिए| यह सबसे अहम सीख है जो कभी कोई आपको नही सीखाता है| असफल होना ठीक है| कोई हर्ज नही है| इसलिए सबसे महत्त्वपूर्ण बात असफल होना स्वीकार करना है और ऐसे सभी अनुभवों से सीखते जाना है| आपको समझना है कि आप किसी के साथ प्रतियोगिता नही कर रहे हैं| आपका एकलौता प्रतिस्पर्धी आप स्वयं हैं|” इस परिचर्चा में भारतीय उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता तथा भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. गौरव भाटिया के द्वारा एक संवाद के स्वरूप में पीयु टॉक भी दिया गया जिसका विषय था &quot;जीवित संविधान: जनसत्ता, कानून की सत्ता और मूलभूत अधिकारों का बदलता परिप्रेक्ष्य|” इस सत्र में संवैधानिकतत्त्व तथा वर्तमान भारत के मूलभूत अधिकारों के बदलते आंकलन पर चर्चा की गई| इस चर्चा को वर्तमान संवैधानिक पृष्ठभूमि के और समीप लाते हुए और बदलते समाज के सन्दर्भ में संवैधानिक तत्त्वों को समझने पर बल देते हुए उन्होने कहा, “संविधान समानता, स्वतन्त्रता, बन्धुता और न्याय के बारे में चर्चा करता है| अगर आपको सम्मान नही मिलता है, तो जीवन का क्या मकसद होगा? यह अस्तित्व से भी महत्त्वपूर्ण है| साँस लेना ही जीना नही होता है| जीवन का अर्थ जीने के साथ सम्मान के स्वरूप में आत्मा जुड़ना यह होता है|भारतीय संविधान- अतीत में, आज और कल इस विषय पर छात्रों के साथ संवाद करते हुए गुजरात उच्च न्यायालय के आदरणीय न्यायमूर्ति एन. एस. संजय गोडा ने कहा “संविधान ऐसी पुस्तिका है जो हमें निर्माण करती है| संविधान की मूलभूत आवश्यकता हम क्या कर सकते हैं, यह हमें बताना नही है, बल्की हम क्या नही कर सकते हैं और हमें क्या नही करना चाहिए, यह बताना है|”इस अवसर पर पारूल विश्ववियालय के अध्यक्ष डॉ. देवांशू पटेल ने कहा, &quot;संविधान पे चर्चा यह ऐसा प्रयास है जो अर्थपूर्ण संवाद के साथ संविधान की विचारधारा को कानून के व्यवसायिकों की आनेवाली पीढ़ि के सामने लाता है| न्यायमूर्ति, अधिवक्ता गण और विशेषज्ञों के साथ मिल कर छात्रों को ऐसे दृष्टिकोण मिल सकते हैं जिससे उनके शैक्षिक अध्ययन को बढ़ावा मिलता है और कानून के व्यवसाय के तत्त्व, दायित्व और वास्तवता को ले कर और सक्रिय पहल करने की प्रेरणा उन्हे मिलती है|”कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन करनेवाले पारूल विश्वविद्यालय के विधि के छात्रों का सम्मान भी इस कॉन्क्लेव में किया गया| हैद्राबाद के आईसीएफएआई लॉ स्कूल द्वारा आयोजित 11 वी श्री. एन. जे. यशस्वी मेमोरियल मूट कोर्ट कंपिटिशन 2026 के विजेता सचिदानंद पाटील, जय गलवानी और इशांत सुतार को सम्मानित किया गया| नई दिल्ली की इनोवेशन इन्स्टिट्युट ऑफ लॉ के द्वारा आयोजित नॅशनल मूट कोर्ट कंपिटीशन 2026 में सर्वश्रेष्ठ वक्ता बने प्रियोदर्शिनी रॉय को सम्मानित किया गया| गुजरात के जेजी विश्वविद्यालय में सबसे बड़ी परिचर्चा में कुंज प्रजापती का विशेष उल्लेख किया गया तथा एआईपीपीएम में कांस्य पदक जीतनेवाले स्वयं प्रकाश शुल्का का भी विशेष उल्लेख किया गया|संविधान पे चर्चा 4.0 में प्रतियोगिता पहल के रूप में मूट कोर्ट कंपिटीशन का आयोजन किया गया तथा उसके क्वार्टर फायनल और सेमी फायनल राउंडस अंग्रेजी और गुजराती में हुए| इसमें छात्रों को कानून क्षेत्र के दिग्गजों के सामने अपना कानून से ज ]]></description>
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<pubDate>Fri, 02 Oct 2026 09:02:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>संविधान, पे, चर्चा, 4.0, में, पारुल, विश्वविद्यालय, में, विधिज्ञों, ने, संविधान, पर, की, परिचर्चा</media:keywords>
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<title>बुजुर्गों के लिए RetiredPeople.in ग्लोबल पहल शुरू</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/retiredpeople-in-global-initiative-for-the-elderly-launched</link>
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<description><![CDATA[ दुनिया भर के सेवानिवृत्त लोगों को 24x7x365 जोड़ने वाला नया प्लेटफॉर्म संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर 1 अक्टूबर को लॉन्च हुआमोहाली (पंजाब) [भारत], 1 अक्टूबर: दुनिया की बढ़ती बुजुर्ग आबादी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज यहां एक नई डिजिटल पहल की शुरुआत हुई। वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से तैयार वैश्विक डिजिटल समुदाय RetiredPeople.in को संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया।वरिष्ठ नागरिकों की डिजिटल दूरी होगी कमदुनिया में जनसांख्यिकीय बदलाव के साथ वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म की आवश्यकता बढ़ रही है। वर्तमान में दुनिया भर में लगभग 1.2 अरब लोग 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं। वर्ष 2050 तक यह संख्या बढ़कर 2.1 अरब होने का अनुमान है। भारत भी बड़े जनसांख्यिकीय बदलाव से गुजर रहा है। वर्ष 2025 के आंकड़ों के अनुसार, देश में करीब 15.3 करोड़ वरिष्ठ नागरिक हैं और 2050 तक 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों की संख्या 34.7 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसका अर्थ है कि तब प्रत्येक पांच भारतीयों में से एक वरिष्ठ नागरिक होगा।दशकों का विशेष ज्ञान, व्यावहारिक अनुभव और स्थापित नेटवर्क होने के बावजूद अनेक सेवानिवृत्त पेशेवर डिजिटल युग में दिखाई नहीं देते। RetiredPeople.in इस दूरी को कम करने का प्रयास है। प्लेटफॉर्म वरिष्ठ नागरिकों को अपनी डिजिटल पहचान बनाने का अवसर देता है, जहां वे अपनी पेशेवर विरासत, व्यावहारिक ज्ञान और विशेषज्ञता को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं।पेशेवर और सामाजिक अवसरों के नए रास्तेप्लेटफॉर्म का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रिटायरमेंट का अर्थ योगदान का अंत न हो। रजिस्ट्रेशन के बाद वरिष्ठ नागरिक विभिन्न प्रकार के अवसर तलाश सकेंगे, जिनमें शामिल हैं:फुल-टाइम और पार्ट-टाइम भूमिकाएंकंसल्टेंसी असाइनमेंट और एडवाइजरी भूमिकाएंमेंटरशिप और कॉरपोरेट ट्रेनिंगप्रोजेक्ट कंसल्टिंग और फ्रीलांस वर्कसामाजिक संगठनों के साथ जुड़ने के अवसरइस पहल के विजनरी एवं स्ट्राटेजिस्ट अमृत पाल सिंह के अनुसार प्लेटफॉर्म का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनुभव की उपयोगिता बनी रहे। सिंह ने कहा, “रिटायरमेंट का मतलब यह नहीं कि कोई व्यक्ति दुनिया की नजरों से ओझल हो जाए।”उनका मानना है कि टेक्नोलॉजी वरिष्ठ नागरिकों की व्यापक आकांक्षाओं को आधुनिक दुनिया की जरूरतों से जोड़ सकती है।सिल्वर इकोनॉमी के लिए वन-स्टॉप इकोसिस्टमपेशेवर अवसरों के अलावा यह प्लेटफॉर्म सेवानिवृत्त लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी एक व्यापक केंद्र के रूप में काम करेगा। यह वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न क्षेत्रों के जरूरी सर्विस प्रोवाइडर्स से जोड़ेगा, जैसे कि –हैल्थकेयर एवं वैलनेस: अस्पताल, डॉक्टर, डायग्नोस्टिक लैब, फिजियोथेरेपिस्ट, होम हैल्थकेयर, योग और मेडिटेशन।होम एवं लाइफस्टाइल: कुक, ड्राइवर, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और होम नर्सिंग।फाइनेंशियल एवं लीगल: वित्तीय सलाह, बैंकिंग, वेल्थ मैनेजमेंट, इंश्योरेंस और कानूनी सेवाएं।ट्रेवल एवं फुरसत: धार्मिक पर्यटन, घूमना-फिरना, होटल, टैक्सी, रेलवे और एयरलाइन सेवाएं।सर्विस प्रोवाइडर्स से सीधा संपर्कयह प्लेटफॉर्म तेजी से बढ़ती ‘सिल्वर इकोनॉमी’ तक पहुंचने के इच्छुक व्यवसायों के लिए भी एक नया माध्यम बनेगा। सर्विस प्रोवाइडर्स शहर या देश के आधार पर उन वरिष्ठ नागरिकों को खोज सकेंगे, जिन्हें उनकी विशेष सेवाओं की आवश्यकता है। प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्लेटफॉर्म जीरो ब्रोकरेज पर सीधे संपर्क की सुविधा देने का प्रस्ताव करता है।RetiredPeople.in पर रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निःशुल्क होगा। इसके लिए कोई मासिक, तिमाही या वार्षिक सब्सक्रिप्शन शुल्क नहीं होगा। प्लेटफॉर्म दुनिया भर में 24x7x365 कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा, हालांकि कुछ विशेष प्रोफाइल को एक्सेस करने के लिए पे-पर-यूज मॉडल लागू हो सकता है।संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के साथ अपने लॉन्च को जोड़ते हुए RetiredPeople.in का उद्देश्य ऐसा एकीकृत वैश्विक डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करना है, जो वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा और क्षमताओं का सम्मान करे और उन्हें दुनिया से जुड़े रहने के नए अवसर प्रदान करे।अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:अमृत पाल सिंहविजनरी एवं स्ट्राटेजिस्टRetiredPeople.inईमेल: info@retiredpeople.inमोबाइल: +91 98766 25076 ]]></description>
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<pubDate>Fri, 02 Oct 2026 09:02:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>RetiredPeople.in, Global Initiative, the Elderly Launched</media:keywords>
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<title>Invertis University के Prem Kumar Shreshtha करेंगे World Armwrestling में भारत का प्रतिनिधित्व</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/prem-kumar-shreshtha-of-invertis-university-to-represent-india-at-world-armwrestling</link>
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<description><![CDATA[ National level performance के बाद MBA Student Prem Kumar Shreshtha को Global Championship में compete करने का मिला अवसरनई दिल्ली, 1 अक्टूबर : Student talent सिर्फ academic performance तक सीमित नहीं होता।यह Sports, Research, Innovation और Entrepreneurship जैसे कई क्षेत्रों में सामने आ सकता है।Invertis University के  student, Prem Kumar Shreshtha की sports  में achievement इसका एक उदाहरण हैऐसा educational ecosystem, जो इन क्षमताओं को आगे बढ़ने का अवसर दे और students की academic abilities के साथ इन्हें विकसित करे, उन्हें confident, competent और real world challenges का सामना करने के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाता है।Department of Management के MBA in Business Analytics के student Prem Kumar Shreshtha का चयन भारत को 47th World Armwrestling &amp; 28th Para Armwrestling Championship 2026 में represent करने के लिए हुआ है।  यह international championship 20 October से 1 November 2026 तक New Delhi में आयोजित होने वाली है।यह selection Prem के 4th PAFI National Arm Wrestling &amp; Para Arm Wrestling Championship 2026 में उनके प्रदर्शन के आधार पर  हुआ यह championship 29 May से 2 June 2026 तक Rashtriya Raksha University, Gandhinagar, Gujarat में आयोजित की गई थी।  Prem ने Men’s Below 75 Kg Youth, Left Hand category में हिस्सा लिया और National Championship में Silver Medal हासिल किया। National event में उनके प्रदर्शन और prescribed championship rules के आधार पर उनका selection World Championship के लिए इसी category – Men Below 75 Kg, Youth, Left Hand में हुआ है।  इस selection की जानकारी Invertis University के Vice-Chancellor को एक formal letter के माध्यम से दी गई, जिसे Dr. Praveen Kumar Singh Jadon, President, Uttar Pradesh Arm Wrestling Association, ने जारी किया है।Upcoming championship में Sub Junior, Junior और Youth सहित अलग-अलग categories में athletes compete करेंगे।  Invertis community के लिए Prem का selection academic pursuits के साथ आगे बढ़ रही student achievements की कड़ी में एक और उपलब्धि है।Students को उनकी प्रतिभा और रुचियों को आगे बढ़ाने में support करना ऐसे  academic environment का हिस्सा है, जहाँ learning केवल classroom तक सीमित नहीं रहतीMBA in Business Analytics की पढ़ाई के साथ competitive arm wrestling जारी रखना यह दिखाता है कि सही institutional support के साथ students अपनी पढ़ाई और दूसरी रुचियों को साथ लेकर आगे बढ़ सकते हैं।October में होने वाली championship की तैयारी कर रहे Prem को Invertis University ने उनके selection पर बधाई दी है और upcoming international competition के लिए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 02 Oct 2026 09:02:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Invertis, University, के, Prem, Kumar, Shreshtha, करेंगे, World, Armwrestling, में, भारत, का, प्रतिनिधित्व</media:keywords>
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<title>Razorpay के व्यापारी अब बिना कार्ड विवरण दर्ज किए और OTP का इंतज़ार किए ऑनलाइन व स्टोर में Apple Pay स्वीकार कर सकते हैं</title>
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<description><![CDATA[ Apple Pay अब Razorpay के ज़रिए Zepto, ixigo, IndiGo, Tata 1mg और JioMart समेत हज़ारों व्यवसायों के ग्राहकों के लिएRead Now ► ]]></description>
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<pubDate>Fri, 02 Oct 2026 09:01:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>newsvoir</dc:creator>
<media:keywords>Razorpay, Apple Pay online, card details, OTP</media:keywords>
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<title>भारतीय फ़ैशन ब्रांड KGL ने Moscow फ़ैशन वीक में अपनी पहली एंट्री की</title>
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<description><![CDATA[ दिल्ली, भारत Kanika Goyal उस भारतीय डिज़ाइनर्स की पीढ़ी से हैं जिनके ब्रांड शुरू से ही ग्लोबल मार्केट को ध्यानRead Now ► ]]></description>
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<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 15:56:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>newsvoir</dc:creator>
<media:keywords>Indian fashion, KGL, Moscow Fashion Week</media:keywords>
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<title>त्योहारी खरीदारी में क्रेडिट से जुड़ी इन 5 गलतियों से बचें</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/avoid-these-5-credit-mistakes-in-festive-shopping</link>
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<description><![CDATA[ नो-कॉस्ट EMI पूरी
अवधि के लिए आपकी क्रेडिट लिमिट का एक हिस्सा ब्लॉक कर देती है। चुकाया हुआ लोन भी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में एक्टिव दिख सकता है। खरीदारी से पहले इन बातों को ज़रूर जाँच लें। 

बेंगलुरु : त्योहारी सीज़न के ऑफ़र आने शुरू हो गए हैं। फ़ोनों पर ज़ीरो-ब्याज़ वाली EMI, पहले
से मंज़ूर लिमिट में बढ़ोतरी, और
मिनटों में पास होने वाले इंस्टेंट लोन।

इनमें से ज़्यादातर ऑफ़र वाकई काम के होते हैं। लेकिन कुछ ऑफ़र के साथ ऐसे खर्च भी जुड़े होते हैं जो प्राइस टैग पर नज़र नहीं आते। इनका असर महीनों बाद आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर दिख सकता है, खासकर
जनवरी में, जब
कई बिल एक साथ आने लगते हैं। 

खरीदारी से पहले इन 5 गलतियों
को जानना ज़रूरी है। 

1. एक नो-कॉस्ट EMI पूरी अवधि के लिए आपकी क्रेडिट लिमिट को ब्लॉक कर देती है 

यह ऐसी बात है जिसे लगभग कोई नहीं देखता। इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है, भले
ही आपने एक भी पेमेंट न चूक की हो। 

जब आप क्रेडिट कार्ड पर नो-कॉस्ट EMI लेते
हैं, तो
पूरी खरीदारी की रकम आपकी क्रेडिट लिमिट में ब्लॉक हो जाती है और यह रकम पूरी EMI अवधि
तक ब्लॉक रह सकती है। उदाहरण के लिए, ₹1 लाख
की क्रेडिट लिमिट वाले कार्ड से ₹60,000 का फ़ोन खरीदने पर ₹60,000 की लिमिट नौ महीने तक उपलब्ध नहीं रहेगी, भले
ही आप हर महीने किस्त चुका रहे हों। 

क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन, यानी
आपकी कुल क्रेडिट लिमिट में से इस्तेमाल की जा रही रकम का हिस्सा, क्रेडिट
स्कोर तय करने वाले अहम कारकों में से एक है। इसे अक्सर स्कोर का करीब 30% माना
जाता है। ऐसे में अगर आपकी क्रेडिट लिमिट का 60% हिस्सा
नौ महीने तक इस्तेमाल में रहता है, तो
इसका असर इस पूरे दौरान आपके स्कोर पर पड़ सकता है। 

Oolka
के संस्थापक और CEO उत्कृष्ट
कुमार ने कहा, &quot;आप
हर किस्त एकदम सही समय पर चुका सकते हैं और फिर भी अपने स्कोर को गिरते हुए देख सकते हैं। लोग अक्सर मानते हैं कि स्कोर तभी गिरता है जब कोई पेमेंट छूट जाए। लेकिन क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन भी चुपचाप आपके स्कोर को प्रभावित करता रहता है, भले
ही आप अपनी तरफ़ से सब कुछ सही कर रहे हों।&quot;

क्या
करें: त्योहारी सीज़न की खरीदारी को एक से ज़्यादा कार्ड पर बाँटें, या
खरीदने के बाद के बजाय खरीदने से पहले अपने कार्ड जारी करने वाले बैंक से लिमिट बढ़ाने के लिए कहें।

2. &quot;नो कॉस्ट&quot; का मतलब यह नहीं है कि कोई खर्च नहीं है

नो-कॉस्ट EMI में
ब्याज़ पूरी तरह माफ़ नहीं होता। आमतौर पर उसकी लागत को दूसरे तरीकों से समायोजित किया जाता है। 

आमतौर पर तीन खर्च बच जाते हैं। ब्याज़
वाले हिस्से
पर 18% GST , जिसे
रिटेलर का डिस्काउंट कवर नहीं करता है और जिसे आप चुकाते हैं। एक 1%
से 3% की
प्रोसेसिंग फ़ीस , साथ
ही उस फ़ीस पर GST, जो
बैंक अपनी मर्ज़ी से लगाता है। और वह
डिस्काउंट जो
आपने छोड़
दिया
, क्योंकि ब्याज़ की भरपाई अक्सर उस कैश डिस्काउंट या कैशबैक से की जाती है जो आपको एकमुश्त पेमेंट करने पर मिलता।

एक ₹30,000 के फ़ोन पर जिसमें लगभग ₹4,500 का
ब्याज़ जुड़ा होता है, अकेले
GST करीब ₹810 जोड़
देता है। प्रोसेसिंग फ़ीस के साथ, यह
₹30,000 की खरीदारी कम से कम ₹30,810 के करीब बैठती है।

क्या
करें: एकमुश्त पेमेंट की कीमत और EMI की
कीमत अलग-अलग पूछें। जहाँ कैश डिस्काउंट मौजूद होता है, वहाँ
अक्सर एकमुश्त पेमेंट करना सस्ता पड़ता है।

3. अक्टूबर में ली गई तीन EMI जनवरी तक एक साथ चुकानी होती हैं

त्योहारी सीज़न में EMI एक-एक करके ली जाती हैं। कुछ हफ़्तों के अंतर पर ली गई हर EMI अपने
आप में किफ़ायती लग सकती है। लेकिन कुछ महीनों बाद ये किस्तें एक ही समय पर आपके बजट पर असर डाल सकती हैं। जनवरी में इन EMI के
साथ स्कूल फ़ीस और शादी के सीज़न जैसे दूसरे खर्च भी सामने आ सकते हैं। जनवरी के पैटर्न के पीछे यही प्रक्रिया है। 

त्योहारी महीनों के बाद कार्ड का खर्च तेज़ी से गिरता है, डिफ़ॉल्ट
बढ़ते हैं, और
लेंडर साफ़ तौर पर नियम सख़्त कर देते हैं। हाल ही के एक त्योहारी साइकल में, उस
समय रिपोर्ट किए गए RBI के
डेटा से पता चला कि डिफ़ॉल्ट बढ़ने पर बैंकों ने एक महीने में नए कार्ड जारी करना लगभग 9.2 लाख
से घटाकर 6.2 लाख
कर दिया।

क्या
करें: दूसरी या तीसरी EMI जोड़ने
से पहले, जनवरी
में आने वाली हर किस्त का टोटल करें और अपनी एक महीने की आय से उसकी तुलना करें। अगर कुल रक़म आपकी हर महीने हाथ में आने वाली आय के 40% से
ऊपर है, तो
वहीं रुक जाएँ।

4. आपने लोन चुका दिया। फिर भी यह एक्टिव दिख सकता है।

यह उन लोगों के लिए खास तौर पर परेशान करने वाली स्थिति हो सकती है जिन्होंने अपना लोन समय पर चुका दिया है। 

लोन चुकाने से आपकी क्रेडिट रिपोर्ट अपने आप अपडेट नहीं होती है। आपके लेंडर को ब्यूरो को क्लोज़र की रिपोर्ट करनी होती है, और
इंडस्ट्री के दिशानिर्देशों के अनुसार इस रिपोर्टिंग में 45 दिनों
तक का समय लग सकता है। कभी-कभी यह बिल्कुल नहीं होता है, जिसकी
वजह एक अधूरी क्लोज़र फ़ाइल, बेमेल
PAN या लोन अकाउंट नंबर, या
ब्यूरो के स्तर पर कोई ग़लती हो सकती है।

ऐसे में आपकी रिपोर्ट पर वह अकाउंट अभी भी एक्टिव या बकाया दिख सकता है। यह आपके हर आवेदन पर आपके ख़िलाफ़ गिना जाता है, और
आपके अपने बर्ताव से यह ठीक नहीं होगा, क्योंकि
समस्या एक रिकॉर्ड की है, न
कि पेमेंट की।

इससे बाहर निकलने का रास्ता एक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफ़िकेट (NOC) है।
आपको क्लोज़र लेटर, NOC, आख़िरी
पेमेंट की रसीद और लोन एग्रीमेंट चाहिए होते हैं, जिन्हें
एक डिस्प्यूट के साथ ब्यूरो में जमा करना होता है, जो
आमतौर पर 30 से
45 दिनों में सुलझ जाता है।

कुमार ने कहा, &quot;हम
देखते हैं कि जो अकाउंट सालों पहले चुकाए जा चुके थे, वे
अभी भी लोगों की रिपोर्ट में खुले हुए पड़े हैं। हमारे एक यूज़र की पूरी फ़ाइल सिर्फ़ एक अकाउंट पर पाँच रुपये ]]></description>
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<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 15:56:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Avoid, 5 credit mistakes, festive shopping</media:keywords>
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<title>Invertis University HackBhoomi 2.0 में 1,400 Students, 100 Teams SIH के लिए Nominated</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/invertis-university-hackbhoomi-2-0-nominated-for-1-400-students-100-teams-sih</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली : किसी idea को solution में बदलने के लिए सिर्फ सोच काफी नहीं होती, उसे develop करने, test करने और बेहतर बनाने का मौका भी चाहिए।   Invertis University, Bareilly  में आयोजित HackBhoomi 2.0 students के लिए एक ऐसा ही मंच बना,  जहाँ उन्होंने अपने ideas को shape दिया, projects तैयार किए और उन्हें experts के सामने पेश किया। 8 और 9 September को आयोजित इस दो दिवसीय event में करीब 1,400 students ने 283 teams में हिस्सा लिया। Seminar Hall और CSED Labs में हुए इस event ने students को Smart India Hackathon (SIH) की आगे की प्रक्रिया के लिए अपने projects को और मजबूत करने का मौका दिया।इन 283 teams में 260 software teams और 23 hardware teams शामिल थींStudents ने Artificial Intelligence, Machine Learning, Internet of Things,  agriculture, healthcare,  cybersecurity, environment ,  cloud computing और emerging technologies से जुड़े real world problem statements पर अपने projects  तैयार किए।Invertis से 100 Teams हुईं Smart India Hackathon के लिए NominatedHackBhoomi 2.0 का एक महत्वपूर्ण परिणाम रहा 100 teams का Smart India Hackathon platform पर registration के लिए nomination। अब ये teams SIH की आगे की selection process में शामिल होंगी। इस process में qualify करने वाली teams को पूरे भारत के अलग अलग institutions की teams के साथ compete करने का अवसर मिलेगा।Event के दौरान students को अपने ideas को परखने और उन्हें बेहतर बनाने का मौका मिला।  उन्होंने expert jury के सामने अपने solutions present किए, feedback लिया और अपनी presentations और prototypes में सुधार किया। Participants का evaluation दो phases में किया गया,  पहले दिन 30-mark preliminary evaluation में problem statements, ideas और approaches को देखा गया।  दूसरे दिन final presentations, prototype demonstrations और cumulative scoring के आधार पर अगले 30 marks दिए गए। Creativity, feasibility और teamwork evaluation के प्रमुख criteria रहे। Judges ने students को detailed feedback के साथ industry insights भी दिए।सबसे अधिक score करने वाली teams में Team Synapse (53/60),  Codex (52/60),  Gandharvas (51/60), TurboFlex, CyberBulls (50/60 each) और Yatra Tech (49/60) शामिल रहीं। Universal Nexus, Ecovolt,  Tech Explorers , Runtime Rebels,  Logic Larq और Beyond Binary ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।Top teams को trophies, gifts और certificates देकर सम्मानित किया गया, जबकि participants और volunteers को उनके योगदान के लिए certificates दिए गए।SIH में उपलब्धियों की Legacy को आगे बढ़ाते हुए Invertis UniversityHackBhoomi 2.0, Invertis University के SIH में पिछले प्रदर्शन की कड़ी को भी आगे बढ़ाता है। Previous cycle में Team Gandharvas ने करीब 500 competing teams के बीच first position हासिल की और SIH Grand Finale में winner बनी।  Final stage में पाँच teams ने compete किया था। Team Gandharvas को  ₹1.5 lakh prize  के साथ  Ministry of Earth Sciences में internship opportunity भी मिलीअब HackBhoomi 2.0 के जरिए एक नई generation of student innovators को अपने ideas पर काम करने,  उन्हें present करने और  feedback  के आधार पर आगे बढ़ाने का अवसर मिला है। कई projects को आगे research, entrepreneurship और national level competitions के लिए develop करने की संभावना के तौर पर identify किया गया।Event का coordination Mohd. Talha Khan, Director – Industry Partnership &amp; CSED और SPOC for HackBhoomi 2.0 ने किया।  Faculty members, industry advisors और student volunteers ने भी event में सक्रिय भूमिका निभाई।1,400 students, 283 teams और SIH registration के लिए nominated 100 teams के साथ, HackBhoomi 2.0 ने students को अपने ideas को campus पर develop और test करने से लेकर national level innovation platforms की ओर आगे बढ़ने का अवसर दिया। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 14:54:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Invertis University, HackBhoomi 2.0 Nominated, Teams SiH</media:keywords>
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<title>पारूल विश्वविद्यालय ने वर्बल ड्युएल 2026 राज्य स्तरीय अंतर&amp;विश्वविद्यालय चर्चा का आयोजन किया</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/parul-university-organizes-verbal-dual-2026-state-level-inter-university-discussion</link>
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<description><![CDATA[ वडोदरा (गुजरात) [भारत], 30 सितंबर : पारूल विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डेवलपमेंट अँड कम्युनिकेशन (सीडैक) द्वारा राज्य स्तरीय आंतर विश्वविद्यालय चर्चा प्रतियोगिता वर्बल ड्युएल 2026 का आयोजन टाईम्स ऑफ इंडिया समूह के साथ संयुक्त रूप से किया गया| इस प्रतियोगिता में माध्यम तथा कॉरपोरेट जगत के विख्यात व्यक्ति सम्मीलित हुए थे| इस प्रतियोगिता ने छात्रों को उनके संवाद और तर्क के हुनर की पड़ताल का अवसर दिया तथा संवाद आधारित दायित्व निभाने का अनुभव होनेवाले इस क्षेत्र के व्यवसायिकों से सीखने का अवसर दिया| इसमें गुजरातभर के विश्वविद्यालय और शैक्षिक संस्थाओं की 46 टीमों ने सहभाग लिया|इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता और उद्योग के विशेषज्ञ सहभागी हुए थे| बेनेट कोलमान अँड कं., के सिनियर व्हाईस प्रेसिडंट, आरएमओ और मीडिया जगत के दिग्गज श्री राहुल शंकर जज करनेवाले पैनल में सहभागी थे| जब कल्पनाएँ स्पष्ट रूप से और प्रभावशाली ढंग से बतायी जाती है, तो संवाद किस तरह का होता है, इसकी झलक उनकी उपस्थिति में देखने को मिली| किस तरह भुमिका खड़ी करनी चाहिए, कैसे निर्दोष तरीके से बात करनी चाहिए और विरोधी दृष्टिकोण को उत्तर देना चाहिए आदि एकेडमिक तैयारी से आगे ले जानेवाले कौशलों का मूल्यांकन कैसे किया जाता है, इसको ले कर छात्रों का मूल्यांकन उनके मार्गदर्शन में हो सका|टाईम्स ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य श्री. अनिमेश भट्ट जैसे अन्य अनुभवी सदस्यों ने उनके टाईम्स समूह और टाटा समूह के लम्बे अनुभव के आधार पर अन्य पहलू सामने रखे| उनके विविधता होनेवाले व्यावसायिक करीअर के द्वारा छात्रों ने समझा कि किस तरह से कम्युनिकेशन, आत्मविश्वास और विभिन्न दृष्टिकोणों के साथ काम करने की क्षमता से कैसे व्यापक व्यावसायिक परिस्थितियों में बेहतर संवाद और कार्य किया जा सकता है| क्लासरूम या प्रतियोगिता के बाहर सार्वजनिक रूप से कैसे सम्भाषण किया जाता है, यह भी उनके मार्गदर्शन से उजागर हुआ|इस प्रतियोगिता में होनेवाले विषय देखते हुए ऐसे गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति विशेष रही| कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए. आई.) तथा मानवीय विचार प्रक्रिया, कौशल आधारित अध्ययन, सोशल मीडिया और छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल और भौतिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, पुनर्निर्माण योग्य कृषि और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बनाम कल्याणकारी योजनाएँ जैसे विषयों पर छात्रों ने अपने विचार रखे| दिग्गज निरीक्षक और आलोचकों की उपस्थिति से इन संवादों का मूल्यांकन हो सका तथा वर्तमान के जटिल मुद्दों पर काम करते समय किस तरह स्पष्ट विचार करने की क्षमता तथा अपने मुद्दे का समर्थन करने का हुनर कितना अहम होता है, यह छात्रों ने समझा|इस प्रतियोगिता का उद्घाटन पारूल विश्वविद्यालय के प्रो व्हाईस चैंसेलर डॉ. कुंजल सिन्हा ने किया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से क्रियान्वित जगत में स्वतन्त्र सोच की बढ़ती आवश्यकता अधोरेखित की| उनके वक्तव्य में उन्होने छात्रों को जानकारी पर प्रश्न उपस्थित करने के लिए कहा, सामने आनेवाली परिस्थिति को जाँचने के लिए कहा और खुद का निर्णय करने का महत्त्व बताया| उन्होने कहा कि टेक्नोलॉजी को एक उपयोगी साधन के तौर पर और चर्चा के फॉरमैट के लिए आवश्यक तर्क के प्रयोग जैसी कार्यपद्धती की तर्ज पर देखा जाना चाहिए|अतिथि प्रतिद्वंद्वियों की बड़ी उपस्थिति के कारण मंच के बाहर भी इस प्रतियोगिता ने अन्य छात्रों को शिक्षा का एक अनुभव दिया| सीमित समय में छात्रों को प्रतिस्पर्धी के मुद्दे को सुनना था, उस पर सोचना था और उसका उत्तर देना था| सक्रिय रूप से सुनना, आलोचनात्मक सोच, स्पष्ट संवाद और अनुभवी वरिष्ठों से मूल्यमापन किए जाने पर उसके द्वारा एडाप्ट करने की क्षमता दर्शाना जैसे कौशलों को वे सादर कर सके और उनमें सुधार भी कर सके|छात्र और दिग्गज अतिथियों के साथ आने से वर्बल ड्युएल का दायरा और फैला| छात्रों को गुजरातभर की संस्थाओं से आनेवाले उनके मित्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिला और साथ ही इस क्षेत्र में कई वर्षों का कम्युनिकेशन का अनुभव होनेवाले, श्रोताओं का अनुभव होनेवाले और जटिल कल्पनाओं के साथ काम करनेवाले व्यक्तियों के दृष्टिकोण भी वे देख पाए| इस तरह से यह प्रतियोगिता शैक्षिक कार्य और आगे अपने व्यावसायिक और सार्वजनिक जीवन में छात्र जिन कौशलों के साथ आगे बढ़ेंगे, उन्हे जोड़नेवाला एक सेतु बनी| ]]></description>
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<pubDate>Wed, 30 Sep 2026 17:30:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Parul University, Verbal Dual 2026, State Level, Inter-University Discussion</media:keywords>
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<item>
<title>सर्वोटेक ने ‘नवआरंभ 2026’ में नेक्स्ट&amp;जेन सोलर इनवर्टर्स लॉन्च कर चैनल पार्टनरशिप का जश्न मनाया</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/servotech-celebrates-channel-partnership-by-launching-next-gen-solar-inverters-at-navarambh-2026</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली,29 सितंबर : सर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम लिमिटेड सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी समाधानों की भारत की अग्रणी निर्माता कंपनी ने ‘नवआरंभ 2026’ नाम से एक विशेष चैनल पार्टनर मीट और प्रोडक्ट लॉन्च इवेंट का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देशभर से 300 से ज़्यादा सर्वोटेक के चैनल पार्टनर्स शामिल हुए। आयोजन का उद्देश्य मजबूत साझेदारियों का जश्न मनाना, चैनल पार्टनर्स के योगदान को सम्मानित करना, और कंपनी के नवीनतम इनोवेशंस को पेश करना रहा। नवआरंभ 2026 सर्वोटेक की इनोवेशन, ग्रोथ और स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य की दिशा में निरंतर यात्रा की एक नई शुरुआत का प्रतीक रहा।नवआरंभ के दौरान सर्वोटेक के ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर सोनू सूद, सर्वोटेक के मैनेजिंग डायरेक्टर रमन भाटिया, सेल्स डायरेक्टर सारिका भाटिया, सर्वोटेक के चैनल पार्टनर्स और कंपनी के अन्य प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे। नवआरंभ 2026 का एक प्रमुख आकर्षण सर्वोटेक के चैनल पार्टनर्स के लिए एक्सक्लूसिव प्रिविलेज प्रोग्राम की घोषणा रही। घोषणा के दिन ही प्रिविलेज प्रोग्राम के सदस्य बनने वाले चैनल पार्टनर्स को सोनू सूद, रमन भाटिया और सारिका भाटिया ने प्रमाण-पत्र प्रदान किए। यह पहल उन मजबूत साझेदारियों का उत्सव रही, जो सर्वोटेक की निरंतर ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।नवआरंभ 2026 के अवसर पर सर्वोटेक ने तीन नए प्रोडक्ट्स, स्पार्कल प्रो आईपी 54, हाइब्रिड इन्वर्टर, स्पार्कल इलीट आईपी 65 हाइब्रिड इन्वर्टर, और माइक्रो ग्रिड इन्वर्टर भी लॉन्च किया। नई पीढ़ी के एडवांस्ड सोलर इनवर्टर सॉल्यूशंस के रूप में डिजाइन किए गए ये प्रोडक्ट्स स्मार्ट एनर्जी मैनेजमेंट, बेहतर परफॉर्मेंस और बदलती ग्राहक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किए गए हैं। इन नए प्रोडक्ट को SAARC देशों और मिडिल ईस्ट में भी एक्सपोर्ट किया जाएगा, जो सर्वोटेक के इंटरनेशनल विस्तार की दिशा में एक कदम है। ये इनोवेशंस सर्वोटेक की स्वच्छ और अधिक टेक्नोलॉजी-ड्रिवन ऊर्जा भविष्य की दिशा में निरंतर बढ़ते कदम को दर्शाते हैं।सोनू सूद की मौजूदगी ने कार्यक्रम की ऊर्जा को और बढ़ाया। उन्होंने सर्वोटेक की टीम और चैनल पार्टनर्स के साथ बातचीत की और इस आयोजन का हिस्सा बने। देश के विभिन्न हिस्सों से चैनल पार्टनर्स की भागीदारी ने ‘नवआरंभ 2026’ को सार्थक संवाद, साझेदारी और भविष्य की साझा दिशा को सेलिब्रेट करने का एक विशेष मंच बनाया।यह आयोजन केवल एक प्रोडक्ट लॉन्च तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उस पूरे इकोसिस्टम का उत्सव रहा जिसने सर्वोटेक की ग्रोथ को गति दी है और कंपनी की इनोवेशन व साझेदारी की नई शुरुआत को दर्शाया।नवआरंभ 2026 पर बोलते हुए रमन भाटिया, फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, सर्वोटेक ने कहा, “नवआरंभ सर्वोटेक के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है, लेकिन इसके साथ यह उन पार्टनर्स के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है, जो हमारी यात्रा का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। हमारे नए-जेनरेशन इनवर्टर सॉल्यूशंस के साथ हम स्मार्ट, स्वच्छ और अधिक भरोसेमंद एनर्जी सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने की दिशा में एक और कदम बढ़ा रहे हैं और अपने चैनल पार्टनर इकोसिस्टम के साथ मिलकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”नवआरंभ 2026 में अपने अनुभव को साझा करते हुए सोनू सूद, ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर, सर्वोटेक ने कहा, “नवआरंभ का हिस्सा बनना और सर्वोटेक की टीम व उसके चैनल पार्टनर्स की ऊर्जा को करीब से देखना शानदार अनुभव रहा। पूरे आयोजन में इनोवेशन, साझेदारी और ग्रोथ की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। मैं सर्वोटेक और उसके सभी पार्टनर्स को एक स्वच्छ और बेहतर भविष्य की दिशा में उनके आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं देता हूं।” ]]></description>
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<pubDate>Tue, 29 Sep 2026 16:39:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Servotech, Channel Partnership, Solar Inverters, Navarambh 2026</media:keywords>
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<title>हर बच्चे की थाली में सुरक्षित भोजन: पोषण, स्वच्छता और गुणवत्ता का संकल्प</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली,28 सितंबर : किसी बच्चे के लिए स्कूल में मिलने वाला भोजन केवल एक थाली नहीं होता। वह उसके दिन की ऊर्जा, उसके स्वास्थ्य की जरूरत और कई बार उसके परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा होती है। इसलिए बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी केवल पेट भरने तक सीमित नहीं हो सकती। भोजन पौष्टिक होने के साथ-साथ स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भी होना चाहिए।इसी सोच के साथ Annamrita Foundation बच्चों के लिए भोजन तैयार करने और उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में पोषण के साथ स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता को महत्वपूर्ण मानता है। संस्था का प्रयास है कि बच्चों तक पहुंचने वाला प्रत्येक भोजन ऐसी व्यवस्था के माध्यम से तैयार हो, जिसमें साफ-सफाई, सुरक्षित खाद्य सामग्री और व्यवस्थित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दी जाए।एक बच्चे की थाली के पीछे होती है बड़ी जिम्मेदारीजब किसी स्कूल में भोजन की थाली बच्चे के सामने रखी जाती है, तो उसके पीछे कई लोगों की मेहनत होती है। खाद्य सामग्री की व्यवस्था से लेकर उसका भंडारण, भोजन की तैयारी, पैकिंग, परिवहन और अंततः बच्चों तक वितरण—हर चरण महत्वपूर्ण होता है।इस पूरी प्रक्रिया में छोटी-सी लापरवाही भी बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। इसलिए बड़े स्तर पर भोजन तैयार करने वाली व्यवस्थाओं में स्पष्ट प्रक्रियाएं, स्वच्छ रसोई, प्रशिक्षित कर्मचारी और नियमित निगरानी बेहद जरूरी हो जाती है।भोजन केवल पौष्टिक नहीं, सुरक्षित भी होना चाहिएबच्चों के विकास के लिए संतुलित आहार आवश्यक है। उन्हें मिलने वाले भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों का होना उनके स्वास्थ्य और दैनिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन पोषण का उद्देश्य तभी पूरा होता है जब भोजन सुरक्षित और स्वच्छ भी हो।इसीलिए खाद्य सुरक्षा को केवल एक तकनीकी आवश्यकता नहीं, बल्कि बच्चों के प्रति जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए। साफ पानी, खाद्य सामग्री का उचित भंडारण, रसोई की स्वच्छता, भोजन तैयार करने की सुरक्षित प्रक्रिया और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता—ये सभी एक सुरक्षित भोजन व्यवस्था का हिस्सा हैं।हर बच्चे के लिए पर्याप्त भोजनस्कूल में भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था का उद्देश्य केवल निर्धारित भोजन परोसना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि कोई बच्चा भूखा न रहे और भोजन की कमी महसूस न करे।Annamrita Foundation की इस सोच के तहत छात्रों को नियमित रूप से निर्धारित भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ, आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी महत्व दिया जाता है। यदि किसी छात्र को निर्धारित मात्रा से अधिक भोजन की आवश्यकता हो, तो मांग के अनुसार अतिरिक्त भोजन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।यह व्यवस्था इस भावना को मजबूत करती है कि भोजन केवल एक तय मात्रा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों की वास्तविक जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। नियमित भोजन के साथ आवश्यकता के समय अतिरिक्त भोजन की उपलब्धता यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कि कोई बच्चा भूखा न रहे।बड़े स्तर पर भोजन, बड़ी जिम्मेदारीस्कूलों में बड़ी संख्या में बच्चों तक भोजन पहुंचाने के लिए एक मजबूत और व्यवस्थित व्यवस्था की आवश्यकता होती है। केंद्रीय रसोई मॉडल के माध्यम से बड़ी मात्रा में भोजन को निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार तैयार करने, गुणवत्ता के लिए समान मानक बनाए रखने और पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संचालित करने में सहायता मिलती है।Annamrita Foundation के लिए यह केवल भोजन तैयार करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि बच्चों तक पोषण और विश्वास पहुंचाने की जिम्मेदारी है।हर थाली के पीछे एक बच्चे का भविष्य हैएक बच्चे के लिए पौष्टिक भोजन का महत्व केवल आज की भूख तक सीमित नहीं है। पर्याप्त और संतुलित भोजन उसके स्वस्थ विकास, ऊर्जा और सीखने की क्षमता से जुड़ा है।कई परिवारों के लिए स्कूल में मिलने वाला भोजन उनके बच्चे के दैनिक पोषण का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ऐसे में उस थाली की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।यही कारण है कि बच्चों के भोजन से जुड़ी हर प्रक्रिया में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी आवश्यक है।स्वच्छता से बनता है विश्वासकिसी भी भोजन व्यवस्था में लोगों का विश्वास केवल भोजन की मात्रा से नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और तैयार करने की प्रक्रिया से बनता है। नियमित सफाई, सुरक्षित भंडारण, उचित प्रशिक्षण, गुणवत्ता की निगरानी और जवाबदेही ऐसी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।Annamrita Foundation का प्रयास इसी व्यापक सोच के साथ जुड़ा है कि बच्चों तक पहुंचने वाला प्रत्येक भोजन सम्मान, सुरक्षा और पोषण के मानकों के अनुरूप हो।एक स्वस्थ बच्चे से बनता है स्वस्थ भारतभारत के बच्चों का स्वास्थ्य केवल उनके परिवारों की जिम्मेदारी नहीं है। यह समाज और संस्थाओं की भी साझा जिम्मेदारी है। जब एक बच्चा स्वस्थ भोजन प्राप्त करता है, तो वह बेहतर तरीके से सीखने, खेलने और अपने भविष्य के सपनों की ओर बढ़ने में सक्षम होता है।इसीलिए बच्चों के भोजन को केवल एक सेवा के रूप में नहीं, बल्कि देश के भविष्य में निवेश के रूप में देखने की आवश्यकता है।Annamrita Foundation का विश्वास है कि हर बच्चे की थाली में केवल भोजन नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, सम्मान और बेहतर भविष्य की उम्मीद पहुंचनी चाहिए।क्योंकि एक बच्चे का स्वस्थ बचपन ही एक मजबूत और स्वस्थ भारत की नींव है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 29 Sep 2026 13:06:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>हर, बच्चे, की, थाली, में, सुरक्षित, भोजन:, पोषण, स्वच्छता, और, गुणवत्ता, का, संकल्प</media:keywords>
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<title>खेल, मनोरंजन और ब्रांड कम्युनिकेशन के संगम को राजस्थान व गुजरात में विस्तार देने की दिशा में RUVI DIGITAL और LEGAXY की रणनीतिक साझेदारी</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/ruvi-digital-legaxy-partnership-rajasthan-gujarat</link>
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<description><![CDATA[ RUVI DIGITAL और LEGAXY ने राजस्थान व गुजरात में खेल, क्रिएटर और ब्रांड अभियानों पर साथ काम करने के लिए समझौता किया। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 29 Sep 2026 13:06:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>जम्मू राइजिंग समिट में ज़ीनत कुरैशी ने GCC बाजार से जुड़ने का सुझाव दिया</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/Zeenat--Kureshi-suggests-joining-gcc-bazaar-at-jammu-rising-summit</link>
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<description><![CDATA[ जम्मू (जम्मू और कश्मीर)  : जम्मू-कश्मीर के स्थानीय व्यवसायों को खाड़ी देशों के खरीदारों और उपयुक्त फंडिंग साझेदारों से जोड़ने पर जम्मू राइजिंग समिट 1.0 में चर्चा हुई। 23 सितंबर 2026 को ताज विवांता, जम्मू में आयोजित इस समिट में एशियन अरब काउंसिल की जीसीसी ट्रेड कमिश्नर और उद्यमी ज़ीनत कुरैशी विशेष मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।अपने संबोधन में कुरैशी ने व्यापार, पर्यटन और ग्रोथ फंडिंग को जम्मू-कश्मीर के उद्यमों के लिए तीन महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि समिट के बाद दस तैयार स्थानीय व्यवसायों से शुरुआत की जाए। उनकी जरूरतें समझकर उन्हें संबंधित GCC खरीदारों या उपयुक्त फंडिंग साझेदारों से जोड़ने का प्रयास हो और प्रत्येक बैठक के बाद फॉलो-अप की जिम्मेदारी तय की जाए।फंडिंग की जरूरत पर बात करते हुए उन्होंने उन कारोबारों का उदाहरण दिया जिनके पास उत्पाद और मांग है, लेकिन मशीनरी, कोल्ड स्टोरेज या उत्पादन बढ़ाने के लिए पूंजी कम पड़ती है। उनके अनुसार ऐसे व्यवसायों के लिए निवेशकों, फंडिंग साझेदारों और संयुक्त उद्यमों के विकल्प तलाशे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि फंडिंग संबंधी बातचीत के लिए उद्यमी यह स्पष्ट करें कि उन्हें कितनी पूंजी चाहिए और उसके इस्तेमाल से उनका कारोबार क्या हासिल करेगा। दस्तावेज, यथार्थवादी आंकड़े और योजना को लागू करने की तैयारी आवश्यक हैं; प्रत्येक प्रस्ताव का आकलन उसकी व्यवहार्यता और समुचित जांच के आधार पर होगा।व्यापार के संदर्भ में कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर के केसर, सूखे मेवों, शॉल और हस्तशिल्प को खाड़ी बाजारों तक पहुंचाने के लिए पैकेजिंग, मूल्य निर्धारण, गुणवत्ता और नियमित आपूर्ति पर जोर दिया। पर्यटन के लिए उन्होंने स्थानीय होटल और टूर ऑपरेटरों को GCC ट्रैवल पार्टनरों से जोड़ने की संभावना रखी। महिला उद्यमियों और युवा संस्थापकों को इन कारोबारी तथा फंडिंग चर्चाओं में शामिल करने की जरूरत भी बताई।GHRT International द्वारा आयोजित समिट में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कारोबार और एमएसएमई क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर भी विचार-विमर्श हुआ। आयोजन के अंतर्गत हुए ‘डुग्गर दा सम्मान’ समारोह में कुरैशी ने क्षेत्रीय प्रतिभाओं को पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम में गुलाम अली सहित विभिन्न क्षेत्रों के अतिथि मौजूद रहे।आयोजक एवं GHRT International के चेयरमैन डॉ. एच. आर. रहमान ने समिट के माध्यम से कारोबार, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर संवाद को स्थानीय प्रतिभाओं के सम्मान के साथ जोड़ा। कुरैशी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इसकी सफलता तब दिखेगी जब किसी उद्यमी को नया खरीदार, किसी कारीगर को अगला ऑर्डर और किसी स्थानीय व्यवसाय के विस्तार से नया रोजगार मिलेगा। Disclaimer: समिट में हुई चर्चा और प्रस्तावित कारोबारी संपर्क किसी भी प्रकार की फंडिंग, निवेश, संयुक्त उद्यम, निर्यात ऑर्डर या व्यावसायिक साझेदारी की पेशकश, गारंटी या सिफारिश नहीं हैं। किसी भी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले व्यवसायों को संबंधित पक्षों, शर्तों, लाइसेंस, शुल्क, आवश्यक दस्तावेजों और कानूनी दायित्वों की स्वतंत्र रूप से जांच कर लेनी चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 29 Sep 2026 13:06:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Zeenat Kureshi, GCC Bazaar, Jammu Rising Summit</media:keywords>
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<title>श्योरपाथ एडटेक के ‘गो एमबीए समिट’ में जुटे 450 से अधिक विद्यार्थी; लगभग 30 एमबीए कॉलेजों ने एक ही छत के नीचे दिया मार्गदर्शन</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/go-mba-summit-jaipur-surepath-edtech-students</link>
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<description><![CDATA[ जयपुर में श्योरपाथ एडटेक के गो एमबीए समिट में विद्यार्थियों ने एमबीए प्रवेश और करियर विकल्पों पर मार्गदर्शन लिया। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 28 Sep 2026 20:08:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Go MBA Summit, Surepath Edtech, Jaipur MBA summit, MBA colleges, MBA admissions, career guidance, Kapil Dixit, ISB Hyderabad</media:keywords>
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<title>त्रिशा स्टूडियोज़ ने शोध&amp;आधारित पंजाबी फीचर फिल्म ‘Sui &amp; Maqboolpura Files’ की घोषणा की</title>
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<description><![CDATA[ त्रिशा स्टूडियोज़ की नई पंजाबी फिल्म ‘सुई - मकबूलपुरा फाइल्स’ में किरण शेरगिल प्रमुख भूमिका निभाएँगी। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 28 Sep 2026 20:08:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Trisha Studios, Sui Maqboolpura Files, Punjabi film, Kiran Shergill, Abhinav Thakur, Tilok Kothari</media:keywords>
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<title>त्रिशा स्टूडियोज़ लेकर आ रहे हैं ‘कृष्ण अवतार – श्री रामदेव पीर’, आस्था और भक्ति की अनोखी कहानी</title>
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<description><![CDATA[ त्रिशा स्टूडियोज़ आगामी फीचर फिल्म ‘कृष्ण अवतार – श्री रामदेव पीर’ लेकर आ रहा है। फिल्म का निर्माण तिलोक कोठारी कर रहे हैं और यह त्रिशा स्टूडियोज़ की प्रस्तुति है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 28 Sep 2026 20:08:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Krishna Avatar Shri Ramdev Pir, Trisha Studios, Tilok Kothari, Ramdev Pir Film, Rajasthan Gujarat Devotion, Pan India Cinema</media:keywords>
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<title>Wibmo फ्रॉड एंड रिस्क मैनेजमेंट ने अपने एजेंटिक रिस्क इंटेलिजेंस सॉल्यूशन के लिए चार्टिस डिसरप्टर अवॉर्ड जीता</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/wibmo-fraud-and-risk-management-wins-chartis-disruptor-award-for-its-agentic-risk-intelligence-solution</link>
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<description><![CDATA[ Chartis RiskTech100® 2027 के लिए शुरू की गई नई वर्कफ़्लो, एजेंटिक AI और लो-कोड/नो-कोड कैटेगरी के तहत मान्यता दी गईRead Now ► ]]></description>
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<pubDate>Mon, 28 Sep 2026 17:19:46 +0530</pubDate>
<dc:creator>newsvoir</dc:creator>
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<title>एलजी इंडिया ने स्मार्ट फीचर्स वाली नई सेमी&amp;ऑटोमैटिक वाशिंग मशीन रेंज पेश की</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/lg-india-introduces-new-semi-automatic-washing-machine-range-with-smart-features</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली,28 सितंबर : एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड ने आज सेमी-ऑटोमैटिक वाशिंग मशीन की अपनी नई रेंज लॉन्च करने की घोषणा की। इसे शानदार वाशिंग परफॉरमेंस, स्मार्ट सुविधा, बेहतरीन टिकाऊपन और आकर्षक प्रीमियम डिज़ाइन के साथ तैयार किया गया है। 8 kg से 12 kg क्षमता वाले 15 मॉडल्स में उपलब्ध, यह नई रेंज भारतीय ग्राहकों को उनके परिवार के आकार, कपड़े धोने की ज़रूरतों और डिज़ाइन की पसंद के अनुसार कई शानदार विकल्प प्रदान करती है। दुनिया भर के 10 से अधिक देशों को लक्षित करते हुए AX सेमी-ऑटोमैटिक वाशिंग मशीन का निर्यात 2027 से शुरू होने वाला है।इस नई लाइनअप में प्रीमियम लुक के साथ एडवांस वाशिंग टेक्नोलॉजी की खूबियां दी गई हैं। 8 kg से 12 kg क्षमता वाले 15 मॉडल्स में टफन ग्लास लिड, डुअल स्पिन शावर, रोलर जेट पल्सेटर+, अल्ट्रा स्क्रब वॉल और विंड जेट ड्राई+ जैसे फीचर्स शामिल हैं। 2027 से निर्यात शुरू होने की योजना है।इस लॉन्च के साथ, एलजी सेमी-ऑटोमैटिक वाशिंग मशीन कैटेगरी से जुड़ी उम्मीदों को फिर से परिभाषित कर रहा है। यह कपड़ों में डिटर्जेंट रह जाने, लिंट (रोएं), जिद्दी दाग, धीरे सूखने और कमज़ोर ढक्कन जैसी रोज़मर्रा की समस्याओं को दूर करती है। व्यावहारिक इनोवेशन और स्टाइलिश डिज़ाइन का यह बेहतरीन संगम कपड़े धोने की प्रक्रिया को आसान, तेज़ और अधिक प्रभावी बनाता है।एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड के होम अप्लायंसेज सॉल्यूशन सेल्स डिवीजन के प्रमुख, यंग मिन ह्वांग ने कहा, “नई सेमी-ऑटोमैटिक वाशिंग मशीन रेंज उन ग्राहकों के लिए डिज़ाइन की गई है जो रोज़मर्रा के कपड़े धोने की प्रक्रिया से अधिक की उम्मीद करते हैं। यह एलजी की भरोसेमंद तकनीक, टिकाऊ इंजीनियरिंग, प्रीमियम डिज़ाइन और स्मार्ट फीचर्स को एक साथ लाती है, जो घर की वास्तविक समस्याओं को हल करते हैं।”इस नई रेंज की मुख्य खूबी डुअल स्पिन शावर है, जो कपड़ों से डिटर्जेंट को अधिक प्रभावी ढंग से निकालने के लिए दो शक्तिशाली वॉटर इनलेट्स का उपयोग करता है, जिससे कपड़े अधिक साफ और ताज़े रहते हैं। व्हेल की पूंछ के डिज़ाइन से प्रेरित रोलर जेट पल्सेटर+, पानी का एक डायनामिक फ्लो बनाता है जिससे कपड़ों का सर्कुलेशन बेहतर होता है और फैब्रिक की देखभाल करते हुए जिद्दी गंदगी को हटाने में मदद मिलती है।इसमें अल्ट्रा स्क्रब वॉल भी दिया गया है, जिसे कफ, कॉलर और ज्यादा गंदे हिस्सों पर जमी जिद्दी गंदगी से निपटने के लिए एक विशेष स्क्रब पैटर्न के साथ डिज़ाइन किया गया है। इसका नया स्मार्ट फिल्टर वाश साइकिल के दौरान रोएं (लिंट) को प्रभावी ढंग से पकड़ता है। इसे निकालना और साफ करना आसान है, जिससे कम मेहनत में बेहतर वाश क्वालिटी बनाए रखने में मदद मिलती है।इस सीरीज़ में विंड जेट ड्राई+ फीचर भी पेश किया गया है, जो स्पिनिंग के दौरान अतिरिक्त नमी को हटाने के लिए शक्तिशाली एयरफ्लो का उपयोग करता है और कपड़ों को तेज़ी से सुखाने में मदद करता है। इसके अलावा, कपड़े धोने में अधिक सहूलियत के लिए इसमें 3+1 वाश प्रोग्राम्स और अतिरिक्त सुरक्षा एवं टिकाऊपन के लिए रैट अवे टेक्नोलॉजी भी दी गई है।भीड़ से अलग दिखने के लिए डिज़ाइन की गई इस नई रेंज में एक मजबूत बॉक्स-टाइप बॉडी, बोल्ड पैटर्न, टिकाऊ नॉब्स और ओनिक्स ब्लैक, मिडल ब्लैक तथा बरगंडी जैसे प्रीमियम कलर ऑप्शन्स मिलते हैं। कुछ चुनिंदा मॉडल्स सॉफ्ट-क्लोजिंग मैकेनिज्म वाले टफन ग्लास लिड के साथ आते हैं, जो अधिक टिकाऊपन, शांत संचालन और एक शानदार प्रीमियम यूज़र अनुभव प्रदान करते हैं।इस नई रेंज का निर्माण एलजी की ग्रेटर नोएडा स्थित फैसिलिटी में किया गया है, जो कंपनी की इंडस्ट्री 5.0-केंद्रित स्मार्ट फैक्ट्रियों में से एक है। एलजी की उन्नत निर्माण क्षमताओं में एआई-सक्षम स्मार्ट फैक्ट्री ऑपरेशन्स, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और हाई-प्रिसिजन (अत्यधिक सटीक) उत्पादन तथा कुशल लॉजिस्टिक्स के लिए एजीवी (AGVs) शामिल हैं। एलजी इंडस्ट्री के सर्वोत्तम स्तरों तक परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए NABL-मान्यता प्राप्त लैब्स में 100% क्वालिटी चेक, एआई विज़न इंस्पेक्शन और कड़ी टेस्टिंग के माध्यम से विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है।दशकों के उपभोक्ता विश्वास, भारतीय घरों की गहरी समझ और होम अप्लायंस इनोवेशन में अपने नेतृत्व के साथ, एलजी अपने सेमी-ऑटोमैटिक वाशिंग मशीन पोर्टफोलियो को लगातार मजबूत कर रहा है। यह नई लाइनअप भारतीय ग्राहकों को कपड़े धोने का बेहतरीन अनुभव प्रदान करने के लिए शानदार परफॉरमेंस, स्मार्ट सुविधा, आकर्षक डिज़ाइन, टिकाऊ इंजीनियरिंग और एलजी की भरोसेमंद क्वालिटी को एक साथ जोड़ती है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 28 Sep 2026 17:19:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>LG India, semi-automatic washing machine, smart features</media:keywords>
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<title>एलजीई इंडिया को इनोवेटिव एचआर प्रैक्टिसेज और सीएचओ को इम्पैक्टफुल एचआर लीडर अवार्ड</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली,28 सितंबर : बेंगलुरु में आयोजित 25वें एशिया पैसिफिक एचआरएम कांग्रेस अवार्ड्स 2026 में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया को दो पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जो एक पीपल-फर्स्ट और भविष्य के लिए तैयार संगठन बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। लीडरशिप डेवलपमेंट, ऑर्गेनाइजेशनल कैपेबिलिटी, वर्कप्लेस कल्चर, एम्प्लॉयी एक्सपीरियंस और टैलेंट डेवलपमेंट के क्षेत्र में अपनी पहलों के लिए एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया को टॉप ऑर्गनाइजेशन विद इनोवेटिव एचआर प्रैक्टिसेज के रूप में मान्यता दी गई है। इस पुरस्कार के साथ ही, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर (सीएचओ), श्री ज्वा नाम किम को एचआर ट्रांसफॉर्मेशन को आगे बढ़ाने और बिजनेस ग्रोथ में कर्मचारियों को एक रणनीतिक आधार के रूप में स्थापित करने में उनके नेतृत्व के लिए मोस्ट इम्पैक्टफुल एचआर लीडर अवार्ड से भी सम्मानित किया गया।“यह सम्मान एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के हर एक सदस्य को समर्पित है। हमारी एचआर प्रैक्टिसेज हमेशा बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ी पहलों के साथ गहराई से जुड़ी रही हैं। जैसे ही हम अपनी ग्रोथ के अगले चरण में प्रवेश कर रहे हैं, हमारी यह जिम्मेदारी है कि हम ऐसी लीडरशिप, क्षमताओं, कल्चर और संगठन का निर्माण करें, जो हमारे कर्मचारियों और हमारे बिजनेस को एक साथ आगे बढ़ने में सक्षम बनाए,” एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के सीएचओ, श्री ज्वा नाम किम ने कहा।ये पहलें कंपनी के “मेक इन इंडिया, मेक फॉर इंडिया और मेक इंडिया ग्लोबल” के रणनीतिक दृष्टिकोण से काफी करीब से जुड़ी हुई हैं, जो सस्टेनेबल ग्रोथ और एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन व एक्सपोर्ट हब के रूप में भारत के उभरने के मूल में कर्मचारियों और ऑर्गेनाइजेशनल कैपेबिलिटी को स्थापित करती हैं।ये हालिया सम्मान एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के एचआर एक्सीलेंस के निरंतर ट्रैक रिकॉर्ड को और मजबूत करते हैं। कंपनी को लगातार दो वर्षों (2024 और 2025) के लिए ग्रेट प्लेस टू वर्क प्रमाणित किया गया है और वर्ल्ड एचआरडी कांग्रेस से नेशनल बेस्ट एम्प्लॉयर ब्रांड अवार्ड 2026 भी मिला है। इसके अतिरिक्त, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के सीएचओ, श्री ज्वा नाम किम को हाई-परफॉर्मिंग और पीपल-सेंट्रिक ऑर्गनाइजेशन बनाने में उनके योगदान के लिए टॉप एचआर आइकॉनिक लीडर अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था। इस साल की शुरुआत में, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया को लर्निंग व वर्कफोर्स कैपेबिलिटी में निरंतर निवेश के लिए एचआर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (HRAI) की ओर से मोस्ट इनोवेटिव एलएंडडी प्रोग्राम अवार्ड 2026 और एचआर डिस्टिंक्शन डायमंड सम्मान भी मिला।कुल मिलाकर, ये मान्यताएं एक इंक्लूसिव, एजाइल और हाई-परफॉर्मिंग वर्कप्लेस बनाने की दिशा में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के कई वर्षों के सफर को दर्शाती हैं – एक ऐसा वर्कप्लेस जहां टैलेंट, लीडरशिप और ऑर्गेनाइजेशनल कैपेबिलिटी इनोवेशन और लॉन्ग-टर्म बिजनेस ग्रोथ की नींव बने हुए हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 28 Sep 2026 17:19:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Innovative HR Practices, LGE India, HR Leader Award to Cho</media:keywords>
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<title>पितृपक्ष: पूर्वजों और दोहराते जीवन&amp;पैटर्न को समझने का समय: Psychic Medium Daksh</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली,26 सितंबर : पितृपक्ष 2026 शुरू होने वाला है। इस मौके पर दिल्ली के Psychic Medium Daksh, जो Evidential Medium और Akashic Records Reader हैं, का कहना है कि यह समय सिर्फ पूर्वजों को याद करने का ही नहीं, बल्कि अपने जीवन में बार-बार होने वाली बातों को समझने का भी है। इस साल पितृपक्ष 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक रहेगा और इसका समापन सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा। Untitled document PR (1)Psychic Medium Daksh के अनुसार, Ancestral Healing एक ऐसी आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जिसमें लोग अपने परिवार के इतिहास, रिश्तों और पुरानी यादों को समझने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि कई बार परिवार की पुरानी बातें और अनुभव अगली पीढ़ियों के जीवन पर भी असर डाल सकते हैं।पितृपक्ष करीब 15 दिनों तक चलता है। इसकी शुरुआत पूर्णिमा श्राद्ध से होती है और आखिरी दिन सर्व पितृ अमावस्या होती है। इस दिन उन सभी पूर्वजों को याद किया जाता है जिनकी मृत्यु की सही तिथि पता नहीं होती। अलग-अलग शहरों में तिथि और समय पंचांग के अनुसार बदल सकते हैं, इसलिए अपने शहर का पंचांग जरूर देखना चाहिए।Psychic Medium Daksh बताते हैं कि इस समय लोग उनसे कई तरह के सवाल पूछते हैं। जैसे परिवार में बार-बार झगड़े क्यों होते हैं, रिश्तों में एक जैसी परेशानियां क्यों आती हैं, करियर या पैसों में बार-बार रुकावट क्यों आती है, या बिना किसी वजह के मन भारी क्यों लगता है। उनका कहना है कि इन बातों के पीछे आध्यात्मिक कारण हो सकते हैं, लेकिन कई बार इसकी वजह परिवार का माहौल, आदतें और जीवन की परिस्थितियां भी होती हैं।उनके सैशन में लोग अपनी परेशानी या सवाल बताते हैं। इसके बाद Daksh अपनी आध्यात्मिक प्रक्रिया के दौरान जो महसूस करते हैं, उसे लोगों के साथ साझा करते हैं। उनका कहना है कि इन बातों को सोचने और समझने के लिए देखें, न कि उन्हें अंतिम सच मान लें।Psychic Medium Daksh, “पितृपक्ष हमें अपने परिवार और पूर्वजों के बारे में सोचने का मौका देता है। जब हम बार-बार होने वाली बातों को पहचानते हैं, तभी उन्हें समझकर आगे बढ़ सकते हैं। मैं हमेशा लोगों से कहता हूं कि सैशन में जो भी बातें सामने आएं, उन्हें डर की नहीं बल्कि समझने की नजर से देखें।”पितृपक्ष के दौरान लोग श्राद्ध, तर्पण, भोजन का दान और जरूरतमंदों की मदद जैसे काम करते हैं। Psychic Medium Daksh का कहना है कि Ancestral Healing इन परंपराओं की जगह नहीं लेती, बल्कि इनके साथ चलने वाली एक अलग आध्यात्मिक प्रक्रिया है। सही श्राद्ध तिथि जानने के लिए अपने परिवार के पंडित या स्थानीय पंचांग की मदद लेनी चाहिए।जो लोग बिना किसी सैशन के शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए Daksh कुछ आसान बातें बताते हैं। अपने परिवार के जितने पूर्वजों के नाम याद हों, उन्हें लिखें। परिवार में बार-बार होने वाली घटनाओं पर ध्यान दें। घर के बड़े लोगों से पुराने समय की बातें पूछें। साथ ही पितृपक्ष के दौरान हर दिन कुछ मिनट निकालकर अपने पूर्वजों को अपनी परंपरा के अनुसार याद करें।Psychic Medium Daksh, “Ancestral Healing का मतलब बीते हुए समय को दोष देना नहीं है। इसका मकसद यह समझना है कि हमें क्या मिला है और अब हमें अपने जीवन में क्या आगे बढ़ाना है और क्या पीछे छोड़ देना है।”उन्होंने यह भी कहा कि उनके सैशन केवल आत्म-समझ और सोचने के लिए होते हैं। ये डॉक्टर, मनोवैज्ञानिक, वकील या आर्थिक सलाह का विकल्प नहीं हैं। अगर किसी को ऐसी मदद की जरूरत हो, तो उन्हें संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। किसी भी खास नतीजे की गारंटी नहीं दी जाती।पितृपक्ष के दौरान सैशन की बुकिंग psychicmediumdaksh.com पर की जा सकती है।Psychic Medium Daksh:Psychic Medium Daksh दिल्ली के रहने वाले Evidential Medium और Akashic Records Reader हैं। वह Mediumship, Akashic Records Reading और आध्यात्मिक मार्गदर्शन से जुड़े सैशन करते हैं। उनकी सभी कंसल्टेशन उनकी वेबसाइट psychicmediumdaksh.com के माध्यम से बुक की जा सकती हैं।Media ContactPsychic Medium DakshWebsite: psychicmediumdaksh.comInstagram: https://www.instagram.com/psychic_medium_daksh/Email: info.pmdaksh@gmail.comPhone: +91 95-1111-9918 / Whatsapp: +91 999-111-8592Location: Delhi, India ]]></description>
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<pubDate>Sat, 26 Sep 2026 17:38:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Pitru Paksha, Psychic Medium Daksh</media:keywords>
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<title>श्रेया घोषाल बनीं Shaya by CaratLane की नई ब्रांड एंबेसडर, चांदी के गहनों को देंगी नई पहचान</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई, महाराष्ट्र, भारत CaratLane के सिल्वर ज्वेलरी ब्रांड Shaya ने अपने आठवें जन्मदिन के मौके पर श्रेया घोषाल को अपना नयाRead Now ► ]]></description>
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<pubDate>Sat, 26 Sep 2026 15:58:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>newsvoir</dc:creator>
<media:keywords>Shreya Ghosal, brand ambassador, Shaya, CaratLane, silver jewelry</media:keywords>
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<title>Funded Trader Markets के रिवॉर्ड्स ने पार किया USD 7.4 मिलियन का आंकड़ा, हर पेआउट का पब्लिक लेजर उपलब्ध</title>
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<description><![CDATA[ दुबई, संयुक्त अरब अमीरात Funded Trader Markets (FTM) ने 9 अगस्त 2024 को अपने पहले पेआउट के बाद से अबRead Now ► ]]></description>
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<pubDate>Fri, 25 Sep 2026 16:35:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>newsvoir</dc:creator>
<media:keywords>Funded Trader Markets, Public Ledger Available</media:keywords>
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<title>एक्सएलआरआई का मेटामॉरफ़ोस 2026 कार्य के भविष्य को नई दिशा देने पर केंद्रित</title>
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<description><![CDATA[ जमशेदपुर (झारखंड) [भारत] :  कार्य की दुनिया पहले से कहीं अधिक तेजी से बदल रही है। संगठन छोटे और अधिक वितरित हो रहे हैं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब केवल एक सहायक तकनीक नहीं रह गई है, बल्कि एक सहयोगी की भूमिका की ओर बढ़ रही है। वहीं, कंपनियों की संरचना और नेतृत्व के पारंपरिक तरीके भी धीरे-धीरे बदल रहे हैं। ऐसे समय में छात्रों और युवा पेशेवरों के लिए यह बदलाव केवल एक सामान्य चर्चा का विषय नहीं है, बल्कि यह तय करेगा कि भविष्य में नौकरियां कैसी होंगी, कौन-से कौशल महत्वपूर्ण होंगे और नेतृत्व से क्या अपेक्षाएं की जाएंगी।इसी बदलाव को समझने और भविष्य की चुनौतियों के लिए संगठनों को तैयार करने के उद्देश्य से एक्सएलआरआई – ज़ेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, जमशेदपुर द्वारा मेटामॉरफ़ोस 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 25 और 26 सितंबर 2026 को मेमेंटोस बाय आईटीसी होटल्स, उदयपुर में आयोजित होगा।मेटामॉरफ़ोस को भारत का एक विशेष रूप से तैयार किया गया मुख्य मानव संसाधन अधिकारी रणनीति सम्मेलन बताया गया है, जहां देश के प्रमुख मानव संसाधन नेता संगठनों के भविष्य, नेतृत्व और कार्यस्थल में हो रहे बदलावों पर गहन चर्चा करेंगे।मेटामॉरफ़ोस 2026 का उद्देश्य केवल मामलों के अध्ययन या अनुभव साझा करना नहीं है, बल्कि इस बात पर विचार करना है कि तेजी से बदलती कार्य दुनिया में संगठनों को किस प्रकार तैयार, संचालित और नेतृत्व किया जाना चाहिए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बदलती संगठनात्मक संरचनाओं, नई क्षमताओं और नेतृत्व की जरूरतों के बीच यह चर्चा कंपनियों के साथ-साथ व्यापक कारोबारी और संस्थागत भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।दो दिनों में भविष्य के कार्यस्थल पर व्यापक चर्चा25 सितंबर – कमियों की पहचानकार्यक्रम के पहले दिन का ध्यान मौजूदा बदलावों को समझने और संगठनों की वर्तमान स्थिति का आकलन करने पर होगा। दिन की शुरुआत एक्सएलआरआई द्वारा कार्य के भविष्य पर एक श्वेत पत्र के विमोचन के साथ होगी। इसके बाद 2026 में संगठनों की स्थिति सत्र में उन बदलावों पर चर्चा की जाएगी, जो पहले से ही विभिन्न उद्योगों और संगठनों के काम करने के तरीकों को प्रभावित कर रहे हैं।इसके बाद चर्चा संगठनात्मक मूल्य निर्माण की ओर बढ़ेगी, जहां संगठन की संरचना, जवाबदेही, कौशल और संस्कृति सहित 12 महत्वपूर्ण तत्वों के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि बदलते कारोबारी माहौल में संगठन किस प्रकार प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकते हैं।पहले दिन संदीप बख्शी, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, आईसीआईसीआई बैंक का मुख्य संबोधन भी होगा। बड़े पैमाने पर नेतृत्व, निर्णय लेने और संगठनात्मक बदलाव के उनके अनुभवों के माध्यम से विभिन्न उद्योगों के लिए प्रासंगिक नेतृत्व संबंधी पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।26 सितंबर – निर्णय लेकर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्धतादूसरे दिन का ध्यान बदलावों को समझने से आगे बढ़कर उन पर ठोस कार्रवाई करने पर होगा। 12 तत्वों के आधार पर संगठनात्मक डिजाइन के विकल्प सत्र में पहले दिन चर्चा किए गए संगठनात्मक ढांचे को व्यावहारिक रूप से समझाया जाएगा। इसमें इस बात पर ध्यान दिया जाएगा कि अलग-अलग आकार और विकास के चरणों वाले संगठनों के लिए एक जैसी संरचना और रणनीति अलग-अलग परिणाम दे सकती है।स्वायत्त कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं संगठनात्मक संरचना सत्र में कंपनियों के सामने उभर रहे एक महत्वपूर्ण प्रश्न पर चर्चा होगी—जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल सहायता करने के बजाय टीम के सदस्य की तरह काम करने लगेगी, तब संगठनों में भूमिकाएं, कौशल, संरचनाएं और शासन व्यवस्था किस प्रकार बदलेंगी?इसके साथ ही प्रतिभा एवं उत्तराधिकार योजना सत्र में भविष्य के लिए मजबूत नेतृत्व की श्रृंखला तैयार करने और महत्वपूर्ण भूमिकाओं के लिए प्रतिभाओं को विकसित करने पर चर्चा की जाएगी।मेटामॉरफ़ोस 2026 की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें उद्योग जगत के अनुभवी पेशेवरों के साथ शैक्षणिक और शोध विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। इससे चर्चा को व्यावहारिक अनुभव और शोध आधारित दृष्टिकोण, दोनों का आधार मिलेगा।भविष्य के संगठनों की तैयारी पर केंद्रित पहलमेटामॉरफ़ोस 2026 का व्यापक उद्देश्य यह समझना है कि भविष्य के कार्यस्थल को आज ही किस प्रकार आकार दिया जा सकता है। संगठनात्मक संरचनाओं को नए सिरे से परिभाषित करने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और अगली पीढ़ी के नेतृत्व को विकसित करने के माध्यम से भविष्य के संगठनों की नींव तैयार की जा सकती है।यह मंच विभिन्न क्षेत्रों के मानव संसाधन नेताओं, व्यावसायिक प्रमुखों, शैक्षणिक विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं को एक साथ लाकर विचारों को व्यावहारिक रणनीतियों और कार्रवाई में बदलने के लिए एक सहयोगात्मक वातावरण तैयार करेगा।मेटामॉरफ़ोस 2026 से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए metamorphose.xlri.ac.in पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 14:25:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>डिब्बर इंडिया और एमईपीएससी ने ‘इंटरनेशनल एजुकेटर ट्रेनिंग प्रोग्राम’ के लिए किया समझौता</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/dibber-india-and-mepsc-sign-mou-for-international-educator-training-programme</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली : भारत प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के एक नए युग की दहलीज पर है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर द फाउंडेशनल स्टेज भारत में बच्चे के शुरुआती और सबसे रचनात्मक वर्षों को देखने के नजरिए को बदल रहे हैं। अब खेल, अन्वेषण, अनुभव और विकास के अनुकूल सीखने की प्रक्रिया शिक्षा के केंद्र में हैं।बच्चों के सीखने के इस नए दृष्टिकोण के लिए उन शिक्षकों के नजरिए में भी बदलाव की आवश्यकता है जो इस शिक्षा को आकार देते हैं।भारत में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की अगली छलांग केवल इस बात पर निर्भर नहीं करेगी कि इन नन्हें बच्चों को क्या पढ़ाया जाता है, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करेगी कि शिक्षक उनके पहले सवालों को कैसे प्रेरित करते हैं, उनकी जिज्ञासा को कैसे पोषित करते हैं और उनके सीखने के शुरुआती अनुभवों को आकार देकर उन्हें जीवन भर सीखने की यात्रा के लिए कैसे तैयार करते हैं। इसके लिए ऐसे शिक्षकों की एक नई पीढ़ी की आवश्यकता है जो पेशेवर रूप से तैयार, कक्षा के लिए सक्षम, आत्मविश्वासी और भविष्य के लिए तैयार हों। ये शिक्षक बाल विकास के केवल सैद्धांतिक ज्ञान से आगे बढ़कर सार्थक अनुभवों, उद्देश्यपूर्ण बातचीत, खेल, अन्वेषण और उत्तरदायी शिक्षण के माध्यम से इसे व्यवहार में लाना जानते हों।डिब्बर इंडिया की हेड ऑफ एकेडमिक्स, दीपा पिल्लई ने कहा, “एक सुसज्जित प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षक की पहचान केवल इस बात से नहीं होती कि वह क्या जानता है, बल्कि इस बात से होती है कि वह उस ज्ञान को कक्षा में कितनी समझदारी से लागू करता है। DIETP के माध्यम से, एमईपीएससी के साथ हमारा सहयोग हमें प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की मजबूत नींव को संरचित कौशल विकास और व्यावहारिक उपयोग के साथ जोड़ने की अनुमति देता है। हम चाहते हैं कि शिक्षक इस कार्यक्रम से केवल एक योग्यता लेकर न निकलें, बल्कि आत्मविश्वास, पेशेवर निर्णय लेने की क्षमता और एक ऐसी सोच लेकर जाएं जिससे वे अपने पूरे करियर में सीखते, ढलते और आगे बढ़ते रहें।”क्योंकि प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा में बदलाव की शुरुआत शिक्षक में बदलाव से ही होती है।डिब्बर का वैश्विक नेतृत्व एक प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का अनावरण करने के लिए भारत में एकत्रित हुआ है। यह कार्यक्रम शिक्षकों की तैयारी में वैश्विक विशेषज्ञता लेकर आएगा, जिसमें इंटर्नशिप और भविष्योन्मुखी उन्नत पाठ्यक्रम शामिल हैं।भारत में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए, डिब्बर इंडिया और मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप एंड प्रोफेशनल स्किल्स काउंसिल (एमईपीएससी) ने आज भारत सरकार के स्किल इंडिया मिशन के तत्वावधान में “डिब्बर इंटरनेशनल एजुकेटर ट्रेनिंग प्रोग्राम” शुरू करने के लिए आधिकारिक तौर पर अपनी साझेदारी की घोषणा की। इस कार्यक्रम का शुभारंभ डिब्बर समूह के संस्थापक हंस जैकब सुंडबी और रैंडी लौवलैंड सुंडबी, मुख्य शिक्षाशास्त्र और गुणवत्ता अधिकारी ट्रूड मोएन सिडटैंगेन, डिब्बर नॉर्वे के कंट्री हेड एडम डार्नेमिर, स्वीडन से जोहान्स स्टीघ और फिनलैंड से अनु–एलीना हिंटसा, डिब्बर इंडिया के सीईओ लग्नजीत मोहंती और एमईपीएससी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कर्नल अनिल कुमार पोखरियाल (सेवानिवृत्त) की उपस्थिति में किया गया।इस समारोह में शिक्षा और कार्यबल विकास क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय और घरेलू नेतृत्व एक साथ आए। यह कार्यक्रम डिब्बर की प्रारंभिक बाल्यावस्था विशेषज्ञता और व्यावहारिक उद्योग अनुभव को भारत के कौशल विकास इकोसिस्टम में एमईपीएससी की संरचित विशेषज्ञता के साथ जोड़ता है। प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा में डिब्बर के 40 से अधिक वर्षों के वैश्विक अनुभव का लाभ उठाते हुए, प्रतिभागियों को डिब्बर की वैश्विक टीम द्वारा संचालित चुनिंदा सत्रों, उद्योग विशेषज्ञों द्वारा निर्देशित कार्यशालाओं और व्यावहारिक कक्षा अनुभव के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से अवगत कराया जाएगा।यह कार्यक्रम सीखने को अभ्यास से जोड़ता है, जिससे प्रतिभागियों को प्रीस्कूल और डेकेयर परिवेश में प्रभावी ढंग से काम करने के लिए आवश्यक ज्ञान, दक्षताओं और पेशेवर क्षमताओं को विकसित करने में मदद मिलती है।नया अनावरित कार्यक्रम देश में प्रमाणित और उच्च क्षमता वाले अर्ली इयर्स एजुकेटर्स की बढ़ती मांग को सीधे तौर पर पूरा करता है।आज उद्घाटित प्रशिक्षण मॉडल के प्रमुख स्तंभों में शामिल हैं:भविष्य के लिए तैयार शिक्षा और एआई एकीकरण : योजना दस्तावेज़ीकरण, संचार, रचनात्मक शिक्षा और सीखने के व्यक्तिगत रास्तों सहित कक्षा प्रशासन को सुव्यवस्थित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण।नेतृत्व और व्यावसायिक विकास: कक्षा प्रबंधन, संस्थागत नेतृत्व और स्टेकहोल्डर्स के साथ प्रभावी संचार पर समर्पित प्रशिक्षण।सिद्धांत के साथ व्यावहारिक इंटर्नशिप: अकादमिक पाठ्यक्रम के साथ संरचित इंटर्नशिप के माध्यम से वास्तविक कक्षा के माहौल का सीधा अनुभव।कमाते हुए सीखें वित्तीय सहायता: सभी को समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से नामांकित उम्मीदवारों को उनके प्रशिक्षण कार्यकाल के दौरान स्टाइपेंड प्राप्त करने के अवसर।उद्योग–मान्यता प्राप्त प्रमाणन: एमईपीएससीद्वारा NSQF स्तर 4 का प्रमाणन, जो अर्ली इयर्स सेटिंग्स में प्रीस्कूल शिक्षकों के लिए स्किल इंडिया कार्यबल मानकों के अनुरूप है।महिलाओं की रोजगार क्षमता और कौशल को बढ़ावा देना: कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्यों में आर्थिक सक्षमता और महिला सशक्तिकरण शामिल है। यह पहल प्रत्यक्ष और उच्च–मूल्य वाले रोजगार के अवसर पैदा करती है, जो कार्यबल में प्रवेश करने या वापसी करने वाली महिलाओं के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा को एक पेशेवर करियर इकोसिस्टम में बदल देती है।डिब्बर समूह के संस्थापक हंस जैकब सुंडबी ने कहा, “शिक्षा की गुणवत्ता उन लोगों की गुणवत्ता से शुरू होती है जो बच्चों को हर दिन प्रेरित करते हैं ]]></description>
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<pubDate>Thu, 24 Sep 2026 14:25:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Dibber India, MEPSC, ‘International Educator Training Programme’</media:keywords>
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<title>स्कूल की शिकायतें सिर्फ अनुशासनहीनता नहीं, बच्चे की कठिनाई का संकेत: डॉ विनी झारिया</title>
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<description><![CDATA[ डॉ. विनी झारिया एक आर.सी.आई.-पंजीकृत (RCI-registered) क्लिनिकल और बाल मनोवैज्ञानिक (Child Psychologist) हैं और अपने क्षेत्र में एक दशक से अधिक के अनुभव के साथ एक टेडएक्स (TEDx) वक्ता भी हैं। वह ऊर्जस्विनी चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर और स्पेशल स्कूल , इंदौर की संस्थापिका हैं। उनके कार्यों में मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, आई.क्यू. और संज्ञानात्मक परीक्षण (cognitive testing), विकासात्मक एवं व्यावहारिक मूल्यांकन, सीखने में आने वाली कठिनाइयाँ (learning difficulties) और बहुविषयक बाल हस्तक्षेप (multidisciplinary child intervention) आदि शामिल हैं।इंदौर (मध्य प्रदेश) [भारत], 23 सितंबर : स्कूल से बार-बार यह शिकायत मिलना कि बच्चा कक्षा में ध्यान नहीं देता, सीट से उठता रहता है, निर्देश नहीं मानता, काम पूरा नहीं करता, पढ़ाई से बचता है या जल्दी गुस्सा हो जाता है, हमेशा अनुशासन की समस्या नहीं होती । इसके पीछे ध्यान संबंधी कठिनाई, सीखने में परेशानी, चिंता, नींद की समस्या, भावनाओं को नियंत्रित करने में कठिनाई या अन्य विकासात्मक कारण हो सकते हैं ।इंदौर की क्लिनिकल और बाल मनोवैज्ञानिक डॉ. विनी झारिया के अनुसार, “जो व्यवहार हमें बाहर से जिद, शरारत या लापरवाही जैसा दिखाई देता है, कई बार वह बच्चे की किसी ऐसी कठिनाई की अभिव्यक्ति होता है जिसे वह स्वयं समझ या बता नहीं पा रहा होता। इसलिए केवल यह पूछना कि बच्चा ऐसा क्यों कर रहा है, पर्याप्त नहीं है; हमें यह भी समझना चाहिए कि उसे कठिनाई कहां हो रही है।”हर शिकायत का मतलब एडीएचडी नहीं होता – कक्षा में ध्यान भटकना, सीट से बार-बार उठना, निर्देश भूलना और काम अधूरा छोड़ना एडीएचडी में दिखाई दे सकता है, लेकिन इन संकेतों में से किसी एक के आधार पर एडीएचडी का निदान नहीं किया जा सकता।एक शोध के अनुसार एडीएचडी के लिए कोई एक परीक्षण नहीं है । नींद की समस्या, चिंता, अवसाद और कुछ प्रकार की सीखने की कठिनाइयां भी मिलते-जुलते लक्षण पैदा कर सकती हैं । बच्चे के व्यवहार को घर, स्कूल और दूसरी परिस्थितियों में समझना तथा माता-पिता और शिक्षकों, दोनों से जानकारी लेना मूल्यांकन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।डॉ विनी झारिया ने बताया की पढ़ाई में कठिनाई भी अक्सर व्यवहार की समस्या जैसी दिखाई देती है । उदाहरण के लिए, यदि बच्चा पढ़ने, लिखने, वर्तनी, गणित या लिखे हुए को समझने में लगातार संघर्ष कर रहा है, तो वह कठिन कार्य से बच सकता है, काम शुरू करने में देर कर सकता है, दूसरी चीजों में ध्यान लगा सकता है या जल्दी गुस्सा हो सकता है।ऐसे में माता-पिता और शिक्षक के लिए एक महत्वपूर्ण प्रश्न है: “बच्चा काम नहीं करना चाहता, या वह यह काम कर नहीं पा रहा है?”दोनों स्थितियां देखने में एक जैसी लग सकती हैं, लेकिन उनके कारण और सहायता के तरीके अलग होते हैं। बच्चों में चिंता भी हमेशा रोने या डरने के रूप में सामने नहीं आती। बार-बार पेट दर्द की शिकायत, स्कूल जाने से बचना, गलती करने का अत्यधिक डर, बार-बार आश्वासन मांगना, कठिन काम से बचना या चिड़चिड़ापन भी भावनात्मक परेशानी से जुड़े हो सकते हैं।नींद को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। 35,936 स्कूली बच्चों पर किए गए 86 अध्ययनों के मेटा-विश्लेषण में कम नींद का संबंध कमजोर उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली, कम शैक्षणिक प्रदर्शन और अधिक व्यवहार संबंधी समस्याओं से पाया गया।इसी प्रकार हर समस्या के लिए मोबाइल को जिम्मेदार ठहराना भी उचित नहीं है। 87 अध्ययनों और 1,59,425 बच्चों पर हुए एक मेटा-विश्लेषण में अधिक स्क्रीन समय और व्यवहारिक तथा भावनात्मक समस्याओं के बीच छोटा लेकिन महत्वपूर्ण संबंध पाया गया, लेकिन शोध में यह कारण-परिणाम का सीधा प्रमाण नहीं था।डॉ. झारिया के अनुसार, “स्क्रीन समय को अकेले देखने के बजाय यह देखना अधिक उपयोगी है कि उससे बच्चे की नींद, पढ़ाई, शारीरिक गतिविधि, परिवार के साथ समय और दिनचर्या कितनी प्रभावित हो रही है।”कब विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए? हर छोटी स्कूल शिकायत के लिए मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन जरूरी नहीं है। लेकिन यदि एक जैसी शिकायतें कई सप्ताह या महीनों से लगातार आ रही हों, समस्या घर पर भी दिखाई देती हो, पढ़ाई अपेक्षित स्तर से पीछे होती जा रही हो, बच्चा बार-बार कार्य से बचता हो, अत्यधिक चिंतित हो, स्कूल जाने से मना करे या उसके व्यवहार से पढ़ाई और मित्रता प्रभावित होने लगे, तो विशेषज्ञ से परामर्श लेना उपयोगी हो सकता है।मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन का उद्देश्य बच्चे को कोई “लेबल” देना नहीं, बल्कि उसकी ताकत, कठिनाइयों और उनके कारणों को समझना है। आवश्यकता के अनुसार विकासात्मक इतिहास, स्कूल से मिली जानकारी, ध्यान, संज्ञानात्मक क्षमताएं, शैक्षणिक कौशल, व्यवहार और भावनात्मक स्थिति का मूल्यांकन किया जा सकता है।माता-पिता अभी क्या कर सकते हैं? – स्कूल से शिकायत मिलते ही बच्चे को डांटने से पहले शिक्षक से ठोस उदाहरण पूछें—किस समय समस्या अधिक होती है? किस विषय में? बच्चा निर्देश समझता है लेकिन पूरा नहीं कर पाता, या निर्देश ही समझ नहीं पाता? पढ़ने-लिखने में भी कठिनाई है? समस्या रोज होती है या कुछ खास परिस्थितियों में?ऐसी जानकारी अक्सर समस्या की दिशा समझने में “ध्यान नहीं देता” जैसे सामान्य वाक्य से कहीं अधिक उपयोगी होती है।डॉ. विनी झारिया कहती हैं, “स्कूल की शिकायत अपने आप में कोई निदान नहीं है, लेकिन बार-बार आने वाली शिकायत एक संकेत जरूर है। केवल व्यवहार को रोकने की कोशिश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि उस व्यवहार के पीछे बच्चे को कौन-सी कठिनाई हो रही है।”सही कारण समझने के बाद ही तय किया जा सकता है कि बच्चे को कक्षा में बदलाव, उपचारात्मक शिक्षा, परामर्श, व्यवहार संबंधी सहायता या विस्तृत मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन में से किसकी आवश्यकता है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 23 Sep 2026 16:52:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>School complaints not just indiscipline, indicative of child&#039;s difficulty, Dr Vini Jharia</media:keywords>
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<title>DB Investing ने dbinvesting.ai के साथ AI&amp;आधारित बदलाव की शुरुआत की</title>
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<description><![CDATA[ DB Investing ने dbinvesting.ai और एक AI कोर इंजन लॉन्च किया है, जिसे ट्रेडिंग, इन्वेस्टिंग, एजुकेशन, मार्केट इंटेलिजेंस और ऑपरेशन्सRead Now ► ]]></description>
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<pubDate>Wed, 23 Sep 2026 14:35:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>newsvoir</dc:creator>
<media:keywords>DB Investing, AI-based transformation, dbinvesting.ai</media:keywords>
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<title>एक दिन—कई सपनों को उड़ान, पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन पर बच्चों के लिए अनोखी पहल</title>
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<description><![CDATA[ सूरत : देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 76वें जन्मदिन पर हीराबानो खम्मकार फाउंडेशन द्वारा सड़क और फुटपाथ पर जीवन बिताने वाले बच्चों के छोटे-छोटे सपनों को साकार करने के संकल्प के साथ एक विशेष दिन का आयोजन किया गया है।इन बच्चों के लिए यह दिन केवल घूमने या मनोरंजन का दिन नहीं होगा, बल्कि उन्हें भी सम्मान, खुशी और नई उम्मीद का एहसास कराने का एक प्रयास होगा।दिनभर का विशेष आयोजन:• सुबह बच्चों के हेयरकट और ग्रूमिंग• इसके बाद बच्चों को लग्जरी कार में कपड़ों के शोरूम ले जाया जाएगा, जहां उन्हें उनकी पसंद के नए कपड़े दिए जाएंगे।• नए जूते और चप्पल दिए जाएंगे।• हीराबानो खम्मकार फाउंडेशन के कार्यालय में श्री गणपति जी की आरती।• पीयूषभाई देसाई के साथ बच्चों के लिए प्रेमपूर्वक भोजन।• मीडिया/न्यूज संस्थान की विशेष यात्रा।• बच्चों को थिएटर में फिल्म दिखाई जाएगी।• दिन के अंत में कैफे में विशेष पार्टी और आनंदोत्सव।लेकिन सेवा का यह प्रयास यहीं समाप्त नहीं होता…– 76 जरूरतमंद परिवारों को नई शुरुआतइस कार्यक्रम के तहत लगभग 76 जरूरतमंद परिवारों को प्रति परिवार 25,000 रूपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि वे अपना छोटा व्यवसाय, रोजगार या स्वरोजगार शुरू कर सकें।हमारा उद्देश्य केवल एक दिन की खुशी देना नहीं है, बल्कि परिवारों को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर, आय का नया साधन और जीवन में नई उम्मीद देना है।– हर बच्चे को सपना देखने का अधिकार है…और हर जरूरतमंद परिवार को फिर से खड़े होने का एक अवसर मिलना चाहिए।हीराबानो खम्मकार फाउंडेशनशिक्षा • सेवा • स्वाभिमान • स्वरोजगार“एक दिन बच्चों के सपनों के लिए…और एक प्रयास परिवारों के पूरे भविष्य के लिए।” ]]></description>
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<pubDate>Wed, 23 Sep 2026 13:08:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>One day— flying multiple dreams, unique initiative for children, PM Modi, 76th birthday</media:keywords>
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<title>Bag2Bag ने जयपुर और उदयपुर में यात्रियों के लिए होटल बुकिंग को बनाया आसान</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/bag2bag-simplifies-hotel-bookings-for-travellers-in-jaipur-and-udaipur</link>
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<description><![CDATA[ जयपुर और उदयपुर राजस्थान के प्रमुख पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी बाजारों में शामिल हैं। यहां पूरे साल घूमने वाले यात्रियों, कारोबारी यात्रियों, परिवारों, कपल्स और शादी समारोहों में शामिल होने वाले समूहों की आवाजाही बनी रहती है। दोनों शहरों की यात्रा से जुड़ी जरूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन सुविधाजनक आवास की आवश्यकता दोनों जगह समान है। होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म Bag2Bag इन दोनों बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है, ताकि यात्री अपने बजट, स्थान और ठहरने की अवधि के अनुसार सत्यापित स्टे आसानी से खोज सकें।Bag2Bag पूरे भारत में उचित कीमतों पर सत्यापित आवास विकल्प उपलब्ध कराता है। इनमें होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे और सर्विस्ड अपार्टमेंट शामिल हैं। प्लेटफॉर्म ने चुनिंदा प्रमुख एयरपोर्ट्स पर वेकेशन रेंटल और पॉड्स की सुविधा भी शुरू की है, जिससे यात्रियों को अपनी जरूरत के अनुसार ठहरने के अधिक विकल्प मिलते हैं।जयपुर में यात्रियों के बीच कम अवधि के ठहराव की बढ़ती लोकप्रियताजयपुर का पर्यटन और यात्रा क्षेत्र काफी विविध है। यहां आने वाले यात्री अक्सर शहर के साथ राजस्थान या उत्तर भारत के अन्य प्रमुख स्थानों को भी अपनी यात्रा में शामिल करते हैं। इसी वजह से कई यात्री कुछ घंटों से लेकर एक या तीन दिनों तक के छोटे ठहराव को प्राथमिकता देते हैं। इससे ऐसे Hotels in Jaipur की मांग बढ़ी है, जहां यात्री प्रति घंटे और कई दिनों के लिए दोनों तरह की बुकिंग कर सकें।दिल्ली और जयपुर के बीच जयपुर-दिल्ली एक्सप्रेसवे के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी भी कम अवधि की यात्राओं को बढ़ावा देती है। जल्दी आने-जाने वाले यात्री कुछ घंटों के लिए होटल बुक कर सकते हैं, जबकि जयपुर और आसपास के पर्यटन स्थलों को देखने वाले यात्री रातभर या कई दिनों के लिए ठहरने का विकल्प चुन सकते हैं।जयपुर का मजबूत कॉर्पोरेट इकोसिस्टम भी होटल की मांग में योगदान देता है। शहर में कई कंपनियां, बिजनेस हब और जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC) जैसे प्रमुख आयोजन स्थल मौजूद हैं। यहां नियमित रूप से मीटिंग, कॉन्फ्रेंस और कॉर्पोरेट कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इसके कारण बिजनेस मीटिंग के लिए Hotels in Jaipur की मांग बनी रहती है, खासकर उन कंपनियों और समूहों के बीच जो सुविधाजनक स्थान पर आवास की तलाश करते हैं।शादियां और पारिवारिक समारोह भी जयपुर के हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। शहर के होटल और रिसॉर्ट अलग-अलग तरह के समारोहों के लिए ठहरने और आयोजन की सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में एक साथ यात्रा करने वाले समूहों के लिए परिवारों के लिए Hotels in Jaipur    एक उपयोगी विकल्प बनते हैं। शहर घूमने आने वाले कपल्स भी अलग-अलग स्थानों और बजट श्रेणियों में कपल्स के लिए Hotels in Jaipur तलाश सकते हैं।इस तरह की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए Bag2Bag ने दिसंबर 2025 से जयपुर में अपने 3-स्टार और 4-स्टार होटलों की इन्वेंट्री को दोगुना किया है। प्लेटफॉर्म अलग-अलग बजट श्रेणियों में सत्यापित स्टे उपलब्ध कराता है, जिनमें प्रति घंटे और रातभर ठहरने दोनों तरह की बुकिंग की सुविधा है।कंपनी ने अगस्त 2025 से Hotels in Jaipur की बुकिंग में 4 गुना वृद्धि भी दर्ज की है। अपनी बढ़ती इन्वेंट्री के साथ Bag2Bag शहर में अधिक गुणवत्तापूर्ण स्टे जोड़ना जारी रखे हुए है, ताकि अलग-अलग जरूरतों वाले यात्रियों को विभिन्न प्रकार के आवास आसानी से मिल सकें।उदयपुर में अपनी सुविधा के अनुसार ठहरने के विकल्पों की बढ़ती मांगझीलों, महलों, ऐतिहासिक स्थलों और डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए प्रसिद्ध उदयपुर पूरे भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भी आकर्षित करता है। शहर में आमतौर पर साल के अंत की ओर यात्रा गतिविधियां बढ़ जाती हैं, जिससे Hotels in Udaipur  की मांग में वृद्धि होती है। इसके अलावा, शादी और लेजर टूरिज्म से जुड़े यात्री भी शहर के हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।खासतौर पर लेक पिचोला और सिटी पैलेस के आसपास झील के नजारे वाले आवास यात्रियों के बीच लोकप्रिय हैं। उदयपुर आने वाले परिवारों और कपल्स की ठहरने से जुड़ी जरूरतें अलग-अलग होती हैं। कुछ परिवार समूह यात्रा के लिए अधिक जगह वाले स्टे पसंद करते हैं, जबकि कपल्स छोटे और आरामदायक रोमांटिक गेटवे के लिए उपयुक्त आवास तलाशते हैं। Bag2Bag उदयपुर में परिवारों और कपल्स के लिए कई होटल उपलब्ध कराता है, जो इन अलग-अलग जरूरतों को पूरा करते हैं।उदयपुर की डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए बढ़ती लोकप्रियता ने प्रीमियम आवास में भी रुचि बढ़ाई है। डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उदयपुर के होटल तलाशने वाले यात्री ऐसे प्रॉपर्टी विकल्प चुन सकते हैं, जहां बड़े समूहों और समारोहों के लिए ठहरने की सुविधा के साथ उपयुक्त स्थान भी उपलब्ध हों।Bag2Bag उदयपुर में अपनी इन्वेंट्री का विस्तार कर रहा है, ताकि यात्रियों को अलग-अलग मूल्य श्रेणियों में अधिक सत्यापित आवास विकल्प मिल सकें। प्लेटफॉर्म पर ऐसे स्टे उपलब्ध हैं, जहां प्रति घंटे और रातभर ठहरने दोनों तरह की बुकिंग की जा सकती है। इससे यात्री अपनी यात्रा की अवधि के अनुसार आवास का विकल्प चुन सकते हैं।पिछले वर्ष नवंबर-दिसंबर की अवधि की तुलना में Bag2Bag ने उदयपुर में प्रति घंटे और कई दिनों के ठहराव दोनों आधारों पर होटल बुकिंग में पांच गुना वृद्धि दर्ज की है।Bag2Bag के एक प्रवक्ता ने कहा, “उदयपुर हमारे लिए अपेक्षाकृत नया बाजार है और हम शहर में अपनी इन्वेंट्री का लगातार विस्तार कर रहे हैं। राजस्थान का पर्यटन परिदृश्य काफी विविध है और हम उदयपुर, जैसलमेर और माउंट आबू जैसे पर्यटन स्थलों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की महत्वपूर्ण संभावनाएं देखते हैं।”एक प्लेटफॉर्म, ठहरने के कई विकल्पBag2Bag पूरे भारत के अलग-अलग शहरों और पर्यटन स्थलों में अपने आवास नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रहा है। 20,000 से अधिक प्रॉपर्टीज के साथ प्लेटफॉर्म अलग-अलग श्रेणियों और मूल्य स्तरों में ]]></description>
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<pubDate>Wed, 23 Sep 2026 13:08:41 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Bag2Bag, Hotel bookings for travellers, Jaipur and Udaipur</media:keywords>
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<title>अब प्रीमियम फर्नीचर के लिए विदेश जाने की जरूरत नहीं, जयपुर में खुला ‘नायाब एक्सपीरियंस’</title>
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<description><![CDATA[ जयपुर (राजस्थान)  : आर्किटेक्ट्स, इंटीरियर डिजाइनर्स और होमओनर्स को एक नए डिजाइन एवं फर्नीचर अनुभव से जोड़ते हुए 25,000 वर्गफुट के डिजाइन डेस्टिनेशन ‘नायाब एक्सपीरियंस’ का बगरू, जयपुर में सफल उद्घाटन हुआ। यह डेस्टिनेशन भारत में निर्मित प्रीमियम, समकालीन और जरूरत के अनुरूप कस्टमाइज्ड फर्नीचर को डिजाइन, चयन और मैन्युफैक्चरिंग की एकीकृत सुविधा के साथ प्रस्तुत करता है।वर्षों से बड़े पैमाने पर प्रीमियम और आधुनिक फर्नीचर की सोर्सिंग के लिए भारत से बाहर के बाजारों का रुख करना आम रहा है। खासतौर पर चीन के अंतरराष्ट्रीय फर्नीचर बाजार आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिजाइनर और कारोबारियों के लिए विविधता, डिजाइन, बड़े पैमाने पर उपलब्धता और प्रतिस्पर्धी कीमतों के कारण पसंदीदा केंद्र रहे हैं। नायाब एक्सपीरियंस इस समीकरण को बदलने की कोशिश कर रहा हैजयपुर के बगरू में स्थित नवनिर्मित 25,000 वर्गफुट का नायाब एक्सपीरियंस एक ही स्थान पर फर्नीचर डिजाइन, चयन, कस्टमाइजेशन और मैन्युफैक्चरिंग की सुविधा उपलब्ध कराता है। इसे सीधे 2 लाख वर्गफुट की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का सहयोग प्राप्त है, जहां फर्नीचर इन-हाउस तैयार किया जाता है।विचार सरल है, लेकिन महत्वपूर्ण है, जब प्रीमियम, आधुनिक और जरूरत के मुताबिक तैयार किया जा सकने वाला फर्नीचर भारत में ही डिजाइन और निर्मित हो सकता है, तो फर्नीचर की सोर्सिंग के लिए दुनिया के दूसरे छोर तक जाने की जरूरत क्यों हो?नायाब एक्सपीरियंस को ऐसे डेस्टिनेशन के रूप में तैयार किया गया है, जहां ग्राहक केवल शोरूम के फर्श पर रखे अलग-अलग फर्नीचर पीस नहीं देखते, बल्कि उन्हें उसी तरह अनुभव करते हैं, जैसे वे किसी वास्तविक इंटीरियर का हिस्सा हों। फर्नीचर को पूरे कमरे की सेटिंग के साथ प्रदर्शित किया गया है, जिससे आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिजाइनर और होमओनर्स यह समझ सकते हैं कि अलग-अलग फर्नीचर पीस एक साथ किसी स्थान को किस तरह तैयार करते हैं।कलेक्शन में तीन अलग-अलग डिजाइन दिशाएँ नियो-क्लासिकल, मॉडर्न और टाइमलेस शामिल की गई हैं। नियो-क्लासिकल कलेक्शन में नक्काशी, बारीक डिजाइन और पारंपरिक दृश्य समृद्धि पर जोर दिया गया है, जबकि मॉडर्न कलेक्शन की पहचान साफ-सुथरे आकार और आधुनिक रेखाओं से होती है। टाइमलेस कलेक्शन दोनों के बीच संतुलन बनाता है और इसे बदलती इंटीरियर शैलियों व पसंद के अनुरूप इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि, इस डेस्टिनेशन को डिजाइन इंडस्ट्री के लिए खास तौर पर प्रासंगिक बनाने वाली बात शोरूम के बाहर मौजूद व्यवस्था है।यह एक्सपीरियंस सीधे नायाब की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी से जुड़ा हुआ है। इससे ग्राहक की कल्पना और वास्तव में निर्मित किए जा सकने वाले फर्नीचर के बीच सीधा संबंध बनता है। आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिजाइनर और ग्राहक टीम के साथ सीधे अपनी जरूरतों पर चर्चा कर सकते हैं फिर चाहे वह फर्नीचर के आकार, फिनिश, मात्रा या किसी खास प्रोजेक्ट की जरूरत से जुड़ी हो।यह सुविधा खास तौर पर बड़े पैमाने की आवासीय, हॉस्पिटैलिटी, व्यावसायिक और ऑफिस परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है, जहां फर्नीचर की जरूरत अक्सर सामान्य कैटलॉग में उपलब्ध पीस से आगे बढ़ जाती है। मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी फर्नीचर के प्रकार, आकार, फिनिश और मात्रा के लिहाज से अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है।नायाब एक्सपीरियंस के लिए यह एकीकरण उसके प्रस्ताव का केंद्रीय हिस्सा है। प्रीमियम फर्नीचर का मतलब अंतरराष्ट्रीय डिजाइन, भारतीय मैन्युफैक्चरिंग, कस्टमाइजेशन और वैल्यू में से किसी एक को चुनना नहीं होना चाहिए।नायाब एक्सपीरियंस के डायरेक्टर ललित अग्रवाल ने कहा कि, “फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में हमें दो दशकों से अधिक का अनुभव है। हमने देखा है कि ग्राहक अब केवल अच्छा फर्नीचर नहीं, बल्कि अपने स्थान के लिए सही फर्नीचर चाहते हैं और वह भी सही डिजाइन, आकार, फिनिश और कार्यक्षमता वाला। हमारा प्रयास इसे अधिक सुविधाजनक और सोच-समझकर पूरा करना है। यह सिर्फ एक नया शोरूम नहीं है, बल्कि वर्षों के हमारे मैन्युफैक्चरिंग अनुभव को ग्राहकों और डिजाइन प्रोफेशनल्स की जरूरतों के आधार पर उनके करीब लाने का प्रयास है।”नायाब एक्सपीरियंस के डायरेक्टर पंकज अग्रवाल के लिए शोरूम और मैन्युफैक्चरिंग फ्लोर के बीच यह कनेक्शन समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि, “नायाब एक्सपीरियंस हमारी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को ग्राहकों और डिजाइन प्रोफेशनल्स के करीब लाता है, जिससे वे फर्नीचर को देख सकते हैं और अपनी जरूरतों पर हमारी टीम के साथ सीधे चर्चा कर सकते हैं।”डायरेक्टर अशोक शाह कलेक्शन और एक्सपीरियंस के पीछे की सोच पर जोर देते हुए कहते हैं कि “हमारा ध्यान हमेशा डिजाइन, गुणवत्ता और कार्यक्षमता के सही संतुलन वाला फर्नीचर तैयार करने पर रहा है। नायाब एक्सपीरियंस के जरिए हम चाहते हैं कि ग्राहक इस सोच को और करीब से अनुभव कर सकें।”19 सितंबर को हुए लॉन्च में पूरे भारत से करीब 200 आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिजाइनर और डिजाइन क्षेत्र से जुड़े प्रोफेशनल्स शामिल हुए। उन्होंने कलेक्शन को प्रत्यक्ष रूप से देखा और इस नए डेस्टिनेशन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली संभावनाओं को समझा। लॉन्च के दौरान डिजाइन कम्युनिटी को घरों और ऑफिस से लेकर व्यावसायिक और हॉस्पिटैलिटी स्पेस तक विभिन्न परियोजनाओं के लिए फर्नीचर की खरीद और जरूरतों पर चर्चा करने का अवसर भी मिला। यह प्रतिक्रिया जयपुर के फर्नीचर इकोसिस्टम के लिए एक बड़े अवसर को दर्शाती है। भारत के भीतर ही फर्नीचर की व्यापक रेंज तक पहुंच उपलब्ध कराना और साथ ही मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया को उन लोगों के करीब लाना, जो फर्नीचर की जरूरत तय करते हैं और उसे खरीदते हैं।सिर्फ रिटेल डेस्टिनेशन के रूप में काम करने के बजाय नायाब एक्सपीरियंस को डिजाइन की खोज, फर्नीचर चयन, कस्टमाइजेशन और मैन्युफैक्चरिंग को एक साथ लाने के लिए तैयार किया गया है। ग्राहक स्टैंडर्ड और सुपर-प्रीमियम कलेक्शन देख स ]]></description>
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<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 12:24:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>नमो संवेदना दिवस: SVNM ट्रस्ट का २०० निःशुल्क नेत्र सर्जरी का संकल्प</title>
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<description><![CDATA[ सुपा, नवसारी  [भारत] : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के पावन अवसर पर स्वामी विवेकानंद नेत्र मंदिर ट्रस्ट (SVNM TRUST),सुपा, नवसारी द्वारा सेवा और संवेदना का अनूठा सेवायज्ञ प्रारंभ किया गया। इस विशेष अवसर पर SVNM ट्रस्ट ने 200 जरूरतमंद मरीजों की पूर्णतः निःशुल्क नेत्र सर्जरी करने का संकल्प लिया था।सेवा के इस संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ट्रस्ट द्वारा लक्ष्य से अधिक कुल 220 निःशुल्क नेत्र सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की गईं।यह पहल 200 से अधिक लोगों के जीवन में नई रोशनी लाने और उनके परिवारों में खुशी एवं नई आशा का संचार करने का एक पवित्र प्रयास है। दृष्टि की पुनर्स्थापना से मरीजों के जीवन में आत्मविश्वास, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की एक नई शुरुआत हुई है।सेवा की अविरत धारा: 49,500 से अधिक सफल सर्जरीरोकथाम योग्य अंधत्व (Preventable Blindness) के विरुद्ध निरंतर समर्पित SVNM ट्रस्ट द्वारा अब तक 49,500 से अधिक निःशुल्क नेत्र सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। यह सेवायज्ञ अस्पताल परिसर से आगे बढ़कर समाज के अंतिम छोर तक पहुँचा है, जिसमें नियमित निःशुल्क नेत्र जांच शिविर, गुणवत्तापूर्ण उपचार, चश्मा वितरण और व्यापक जनजागरूकता अभियान शामिल हैं।‘घर–घर दृष्टि’ अभियान: प्रत्येक आँख को मिले रोशनी का अधिकारट्रस्ट का मुख्य अभियान ‘घर–घर दृष्टि’ इस उद्देश्य के साथ कार्यरत है कि समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक आधुनिक नेत्र उपचार और संवेदनशील सहायता सहज रूप से पहुँच सके, ताकि हर व्यक्ति अपने सपनों को खुली आँखों से साकार कर सके। 200 नेत्र सर्जरी के लक्ष्य को पार कर 220 तक पहुँचना ‘घर-घर दृष्टि’ अभियान को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक व मानवीय कदम है।200+ आँखें • 200+ जीवन • 200+ परिवारएक पिता अपने प्यारे बच्चे को फिर से देख सके,एक माँ अपने पूरे परिवार के स्नेहभरे चेहरों को निहार सके,और बुज़ुर्ग अपने पोते-पोतियों की मुस्कान का आनंद ले सकें—ऐसे अनगिनत भावुक पलों में ही इस सेवायज्ञ की वास्तविक सार्थकता निहित है।दृष्टि यानी जीवन को पुनः नए उत्साह और आत्मसम्मान के साथ जीने की एक नई दिशा।स्वामी विवेकानंद नेत्र मंदिर ट्रस्ट (SVNM TRUST)सुपा, नवसारी, गुजरातSave Vision. Save Life. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 21 Sep 2026 17:15:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>Mr. Rajasthan 2026: पिलानी के पुनीत नेहरा बने विजेता</title>
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<description><![CDATA[ जयपुर। राजस्थान के पुरुष प्रतिभागियों के लिए आयोजित पेजेंट &#039;Mr. Rajasthan 2026 – Season 5&#039; का खिताब पिलानी, झुंझुनूं के पुनीत नेहरा ने अपने नाम किया। 13 सितंबर 2026 को जयपुर के Hotel Trade International (अजमेर रोड) में हुए ग्रैंड फिनाले के साथ तीन दिवसीय आयोजन का समापन हुआ। आयोजकों का दावा है कि यह राज्य का सबसे बड़ा पुरुष पेजेंट है।
3,000 ऑडिशन, 33 फाइनलिस्ट: कड़ी छंटनी
Infinity Takeovers Production House द्वारा आयोजित और शो डायरेक्टर अनूप चौधरी के निर्देशन में हुई इस प्रतियोगिता के लिए प्रदेशभर से करीब 3,000 युवाओं ने ऑडिशन दिया। इनमें से सिर्फ 33 को फाइनलिस्ट चुना गया, यानी चयन दर लगभग एक प्रतिशत रही। इसी से समझा जा सकता है कि फिनाले तक पहुंचना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी।
नौ चरणों की कसौटी
फाइनलिस्टों को तीन दिन में कई कसौटियों से गुजरना पड़ा। इनमें Talent Round, Fitness Round, Question &amp; Answer Round, Self Styling Round, Swimwear Round, Professional Shoots, Walk, Trunk Round और Traditional Round शामिल थे। इस तरह मंच पर सिर्फ रैंप वॉक नहीं, बल्कि हुनर, फिटनेस, संवाद-कौशल और अपनी छवि गढ़ने की समझ भी परखी गई।
टॉप-5 विजेताओं की सूची

विजेता: पुनीत नेहरा (पिलानी, झुंझुनूं)
फर्स्ट रनर-अप: शैलेश जोशी (जोधपुर)
सेकंड रनर-अप: शंकर मीणा (जयपुर)
थर्ड रनर-अप: जितेंद्र चौधरी (नागौर)
फोर्थ रनर-अप: मेहंत कुमार (जयपुर)

कंटेंट क्रिएटर से पेजेंट चैंपियन तक
पुनीत नेहरा सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएटर और इन्फ्लुएंसर के रूप में भी सक्रिय हैं। वे मोटिवेशन, दैनिक जीवन और निजी अनुभवों पर ब्लॉग व वीडियो बनाते हैं। डिजिटल दर्शकों के बीच पहले से मौजूद पहचान और मंच पर आत्मविश्वास का यह मेल उनके खिताब तक पहुंचने की कहानी को खास बनाता है। यह उस बदलते रुझान का भी संकेत है, जिसमें छोटे शहरों के युवा सोशल मीडिया से अपनी पहचान बनाकर अब बड़े मंचों की ओर बढ़ रहे हैं।
यह आयोजन क्यों मायने रखता है
सीजन 5 तक पहुंचना बताता है कि यह आयोजन एक बार का इवेंट नहीं, बल्कि नियमित मंच बन चुका है। पिलानी, जोधपुर, नागौर और जयपुर जैसे अलग-अलग इलाकों से आए विजेता यह भी दिखाते हैं कि प्रतिभा किसी एक शहर तक सीमित नहीं है।
अनूप चौधरी के अनुसार राजस्थान में युवकों के लिए ऐसे पेशेवर मंच बहुत कम हैं, जहां वे अपनी प्रतिभा और व्यक्तित्व को बड़े स्तर पर दिखा सकें। उन्होंने कहा कि Mr. Rajasthan केवल खिताब की प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को दिशा देने का प्रयास है। इस दौरान डिजिटल मीडिया पार्टनर &quot;सांगरी इंटरनेट&quot; रहा हैं।  
आगे की राह
आयोजकों का कहना है कि इस मंच से प्रतिभाशाली युवाओं को मॉडलिंग, फिल्म और मनोरंजन जगत में अवसर मिल सकते हैं। विजेता पुनीत नेहरा अब राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे। इन अवसरों को वे कितना आगे ले जा पाते हैं, यह आने वाले महीनों में उनके सफर से तय होगा। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Sep 2026 21:02:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Punit Nehra, Pilani, Mr. Rajasthan 2026</media:keywords>
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<title>फूड इंडस्ट्री में डेटा आधारित लागत प्रबंधन की दिशा में Focus Prism की पहल</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/focus-prism-initiatives-towards-data-driven-cost-management-in-the-food-industry</link>
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<description><![CDATA[  कोयंबटूर [भारत] : खाद्य और हॉस्पिटैलिटी उद्योग में बढ़ती लागत, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अलग-अलग प्रकार के ingredients, जटिल मेन्यू और उत्पादन से जुड़ी बर्बादी व्यवसायों की profitability को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे माहौल में लागत को केवल अनुमान के आधार पर नहीं, बल्कि व्यवस्थित डेटा और वास्तविक operational insights के माध्यम से समझना महत्वपूर्ण हो जाता है। इसी दिशा में Focus Prism Private Limited food cost optimisation और profitability management पर काम कर रही है।20 मार्च 2017 को स्थापित Focus Prism Private Limited का मुख्यालय कोयंबटूर में है। कंपनी food processing, institutional और industrial catering, restaurants और hotels, bakeries तथा sweet shops जैसे क्षेत्रों में food cost management और business transformation से जुड़ी सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी का दृष्टिकोण इस विचार पर आधारित है कि procurement, inventory, production और portioning जैसे अलग-अलग operational areas को मापकर और उनका विश्लेषण करके लागत से जुड़ी inefficiencies को व्यवस्थित रूप से पहचाना जा सकता है।Subramanian Suryanarayanan का अनुभवFocus Prism के Chairman &amp; Managing Director Subramanian Suryanarayanan, जिन्हें उनके सहयोगियों और clients के बीच Subbu के नाम से भी जाना जाता है, food और hospitality industry में लगभग तीन दशकों का अनुभव रखते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1996 में की और तब से लगातार food industry से जुड़े रहे हैं।उन्होंने Merit Swiss Asian School of Hotel Management से Hotel Management की शिक्षा प्राप्त की और costing, विशेष रूप से food cost, में अपने कार्य के लिए gold medal प्राप्त किया। अपने शुरुआती करियर में उन्होंने कई star hotels के साथ काम किया, जहां उन्हें food service operations की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिला।बाद में Subbu ने independent consultant के रूप में भी काम किया और Sri Krishna Sweets तथा Adyar Ananda Bhavan जैसी food companies के साथ food cost performance को monitor और improve करने में योगदान दिया। उनके काम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा Cost of Goods Sold यानी COGS को व्यवस्थित तरीके से मापने और operational inefficiencies को अलग-अलग क्षेत्रों में समझने पर केंद्रित रहा है।Clarity SaaS प्लेटफॉर्मFocus Prism की प्रमुख पेशकशों में Clarity शामिल है। यह Microsoft .NET आधारित SaaS platform है, जिसे food cost से जुड़े विभिन्न factors को model करने और operators को अपने margins पर बेहतर visibility देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।कंपनी के अनुसार, Clarity food cost को प्रभावित करने वाले 40 तक अलग-अलग aspects को ध्यान में रख सकता है। इसके माध्यम से businesses budgets निर्धारित कर सकते हैं और session-wise, day-wise या week-wise variations को reports और alerts के माध्यम से track कर सकते हैं। इसका functional design भारतीय food industry की operational realities के अनुरूप तैयार किया गया है।यह approach केवल software implementation तक सीमित नहीं है। Focus Prism business transformation और managed services भी प्रदान करती है, जिनमें technology के साथ food industry का operational domain knowledge भी शामिल है।Advisor से Owner-Operator तक का विस्तारहाल के वर्षों में Focus Prism ने अपने business model में एक महत्वपूर्ण विस्तार किया है। कंपनी ने केवल software और consulting तक सीमित रहने के बजाय food businesses में direct ownership की दिशा में कदम बढ़ाया है।Subramanian Suryanarayanan के नेतृत्व में कंपनी ने EVPL, जिसमें LJ Snackys और SivSai शामिल हैं, Delhi-based Maximus Hotels and Catering Private Limited तथा Chennai की institutional और industrial catering companies SKPL और Food Exo का अधिग्रहण किया है। इस portfolio के माध्यम से Focus Prism की operational presence Chennai, Bengaluru और Delhi सहित कई locations तक पहुंचती है और कंपनी की reach 16 से अधिक राज्यों तक बताई गई है।इस owner-operator model के माध्यम से कंपनी अपनी data-driven profitability management approach को उन businesses में भी लागू कर रही है, जिनका वह संचालन करती है। इससे Focus Prism के लिए technology, consulting और actual food business operations के बीच एक सीधा connection बनता है।अनुभवी नेतृत्व टीमFocus Prism की leadership team में Subramanian Suryanarayanan के साथ CEO Vinod Doraiswamy, CTO Venkatesh Mahalingam और Financial Advisor CA D. Venkataramanan शामिल हैं। Vinod Doraiswamy को software development, project management, quality management और process engineering का 15 वर्षों से अधिक अनुभव है। Venkatesh Mahalingam large-scale technology product development में अनुभव रखते हैं, जबकि CA D. Venkataramanan finance, taxation, corporate governance और statutory compliance से जुड़े क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखते हैं।आज Focus Prism food और hospitality industry में लागत को अधिक व्यवस्थित तरीके से समझने और profitability management को data के आधार पर मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। Technology, industry experience और direct business operations के संयोजन के साथ कंपनी का मॉडल food businesses को लागत और operational performance को अधिक structured तरीके से देखने का framework प्रदान करता है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Sep 2026 21:02:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Focus Prism, food industry</media:keywords>
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<title>बगरू में 25,000 वर्गफीट का फर्नीचर डेस्टिनेशन ‘नायाब एक्सपीरियंस’ होगा शुरू</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/25-000-sq-ft-furniture-destination-nabaab-experience-to-be-launched-in-bagru</link>
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<description><![CDATA[ 25,000 वर्गफीट में तैयार नया फर्नीचर डेस्टिनेशन, 2 लाख वर्गफीट की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का मिलेगा सपोर्टजयपुर (राजस्थान),18 सितंबर : जयपुर के बगरू में नया फर्नीचर डेस्टिनेशन ‘नायाब एक्सपीरियंस’ 19 सितंबर 2026 को औपचारिक रूप से शुरू होने जा रहा है। इस अवसर पर कंपनी द्वारा निर्मित फर्नीचर की विस्तृत रेंज प्रदर्शित की जाएगी। कार्यक्रम शाम 6:30 बजे से बगरू एक्सटेंशन स्थित नायाब एक्सपीरियंस में आयोजित होगा।25,000 वर्गफीट में फैले इस शोरूम को कंपनी की 2 लाख वर्गफीट की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का सपोर्ट प्राप्त है, जहां कंपनी का फर्नीचर इन-हाउस तैयार किया जाता है। यह नया डेस्टिनेशन एक ही पते पर कारोबार के मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल दोनों पक्षों को एक साथ लाएगा। इससे ग्राहकों को अलग-अलग बाजारों में जाने या अधिक विकल्पों के लिए विदेशों से फर्नीचर तलाशने की जरूरत नहीं होगी और उन्हें एक ही स्थान पर फर्नीचर का विस्तृत कलेक्शन उपलब्ध होगा।यहां प्रदर्शित होने वाले कलेक्शन में नियो-क्लासिकल, मॉडर्न और टाइमलेस फर्नीचर शामिल हैं। इन्हें कंप्लीट रूम सेटिंग्स के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे ग्राहक किसी एक फर्नीचर को पूरे इंटीरियर का हिस्सा बनाकर देख सकेंगे। आर्किटेक्ट और इंटीरियर डिजाइनर एक ही स्थान पर अपने प्रोजेक्ट्स के लिए फर्नीचर तलाश सकेंगे, जबकि घर के मालिक अलग-अलग स्टाइल और रूम सेटिंग्स में फर्नीचर को देखकर उनकी तुलना कर सकेंगे।नायाब एक्सपीरियंस के डायरेक्टर ललित अग्रवाल ने कहा, “हमारे लिए नायाब एक्सपीरियंस दो दशक से अधिक समय से मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में किए जा रहे काम का स्वाभाविक विस्तार है। वर्षों के दौरान हमने देखा है कि सही डिजाइन, फिनिश और आकार का संयोजन तलाशने में ग्राहकों को अलग-अलग बाजारों में घूमने में कितना समय लग सकता है। हम इस विकल्प को उनके और करीब लाना चाहते थे और ऐसी जगह बनाना चाहते थे, जहां वे अलग-अलग स्टाइल को देख सकें और निर्णय ले सकें तथा साथ ही निर्माता भी उनके करीब उपलब्ध हो। यह शोरूम हमें अपने काम की पूरी विविधता को ऐसे तरीके से प्रस्तुत करने की सुविधा देगा, जो डिजाइन प्रोफेशनल्स के साथ-साथ घर के मालिकों के लिए भी आसानी से उपलब्ध हो।”डायरेक्टर ललित अग्रवाल, पंकज अग्रवाल और अशोक अग्रवाल ने मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में कंपनी की यात्रा का नेतृत्व किया है। नायाब एक्सपीरियंस कंपनी की एक समर्पित ग्राहक-केंद्रित डेस्टिनेशन के रूप में आगे बढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी से इसके सीधे जुड़ाव के कारण टीम ग्राहकों और डिजाइन प्रोफेशनल्स के साथ फर्नीचर की जरूरतों, जैसे आकार, फिनिश और मात्रा आदि पर भी चर्चा कर सकेगी।शोरूम में तीन प्रमुख डिजाइन संवेदनाओं को एक साथ प्रस्तुत किया जाएगा। नियो-क्लासिकल फर्नीचर में नक्काशी और बारीक डिटेलिंग को प्रमुखता दी गई है, जबकि मॉडर्न कलेक्शन में साफ-सुथरे आकार और लाइनों पर ध्यान दिया गया है। इनके बीच टाइमलेस रेंज रखी गई है, जिसमें ऐसे डिजाइन शामिल हैं जिन्हें बदलते इंटीरियर और पसंद के साथ भी इस्तेमाल किया जा सके।बगरू में स्थित और मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी से सीधे जुड़ा नायाब एक्सपीरियंस एक वन-स्टॉप फर्नीचर डेस्टिनेशन के रूप में तैयार किया गया है। औपचारिक शुरुआत के बाद यह आर्किटेक्ट्स, इंटीरियर डिजाइनर्स, घर के मालिकों, कलेक्टर्स और फर्नीचर के शौकीनों के लिए उपलब्ध होगा। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Sep 2026 13:52:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>धानुका ने रायसेन के बाम्होरी में आयोजित की मेगा किसान बैठक</title>
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<description><![CDATA[ “धानुका कृषि मित्र सम्मान” रहा विशेष आकर्षण&quot;नई दिल्ली,18 सितंबर: भारत की अग्रणी एग्रोकेमिकल कंपनियों में से एक धानुका एग्रीटेक लिमिटेड ने रायसेन जिले के बाम्होरी मार्केट में मेगा किसान बैठक का आयोजन किया, जिसमें करीब 200 किसानों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य धान की फसल के लिए समाधान, रोग एवं कीट प्रबंधन तथा धनुका द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे आधुनिक कृषि समाधानों के प्रति किसानों को जागरूक करना था।कार्यक्रम की शुरुआत S-1 सेल्स से श्री राम जी द्वारा स्वागत एवं माइकोर सुपर के परिचय के साथ हुई। DGM श्री सुभाष कुमार गुप्ता ने धानुका, “इंडिया का प्रणाम” पहल और Verdour के साथ उपलब्ध अवसरों के बारे में जानकारी दी।BDO श्री अभिनव ने रोग प्रबंधन पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की, जबकि FL श्री सौरभ तिवारी ने धान की फसल में कीट प्रबंधन को लेकर किसानों के साथ व्यावहारिक जानकारी साझा की।धानुका कृषि मित्र सम्मानकार्यक्रम का विशेष आकर्षण धानुका कृषि मित्र श्री सुमित चौहान का सम्मान रहा। एक दिन पहले माइकोर सुपर को लेकर उनका प्रशंसापत्र रिकॉर्ड किया गया था। किसान बैठक के दौरान श्री चौहान ने करीब 200 किसानों के सामने अपने खेत में माइकोर सुपर के उपयोग से प्राप्त अनुभव, परिणाम और धान की फसल में देखे गए लाभों को साझा किया।अपने साथी किसानों के बीच सम्मानित किए जाने से श्री सुमित चौहान बेहद खुश और उत्साहित नजर आए। अपने प्रत्यक्ष अनुभव को साझा करते हुए उनका आत्मविश्वास और उत्साह किसानों के बीच किसान से किसान तक अनुभव साझा करने का प्रभावी माध्यम बना और इस पूरे क्षण को बेहद खास बना दिया।धानुका डॉक्टर्स – श्री भीषम सिंह लोधी, श्री योगेश नामदेव, श्री मोहित श्रीवास्तव और श्री विकास चौहान ने पूरे कार्यक्रम के दौरान किसानों के साथ संवाद और सहभागिता को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया।किसानों की भागीदारी को और अधिक रोचक एवं प्रभावी बनाने के लिए टीम द्वारा एक इंटरैक्टिव क्विज का भी आयोजन किया गया, जिसने किसानों के बीच खासा उत्साह और उमंग पैदा की। क्विज के दौरान किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता दिखाई। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Sep 2026 13:52:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Dhanuka, Mega Kisan Meet, Bamhori in Raisen</media:keywords>
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<title>बालों की समस्याओं के समाधान की शुरुआत अब स्कैल्प से</title>
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<description><![CDATA[ केश किंग ने पेश किया ‘स्कैल्प फर्स्ट’; पुरुषों और महिलाओं के लिए ऑयली और ड्राई स्कैल्प की जरूरतों के अनुरूप विशेष रेंजकोलकाता, सितंबर 2026 : बालों के झड़ने, डैंड्रफ, रूखेपन, खुजली और बालों के नुकसान जैसी समस्याओं से निपटने के लिए बाजार में लगातार नए हेयर-केयर प्रोडक्ट्स और ब्रांड्स उपलब्ध हो रहे हैं। इसके बावजूद, बालों से जुड़ी समस्याएं उपभोक्ताओं के लिए एक लगातार बनी रहने वाली चिंता हैं। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए, ईमामी लिमिटेड के हेयर-केयर ब्रांड केश किंग ने ‘स्कैल्प फर्स्ट’ नाम से एक नई स्कैल्प-केयर रेंज पेश की है।‘स्कैल्प फर्स्ट’ एक ऐसी सोच पर आधारित है, जो हेयर-केयर रूटीन का ध्यान केवल बालों तक सीमित रखने के बजाय उसके आधार यानी स्कैल्प पर केंद्रित करती है। इस रेंज को पुरुषों और महिलाओं, दोनों के लिए तैयार किया गया है और इसमें अलग-अलग प्रकार के स्कैल्प की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दो विशेष रेंज शामिल हैं—ऑयली स्कैल्प और ड्राई स्कैल्प।स्कैल्प केवल वह सतह नहीं है जहां से बाल उगते हैं, बल्कि यह एक ऐसा वातावरण है जिसकी अपनी प्राकृतिक pH balance होती है। स्कैल्प के इस संतुलन को बनाए रखना स्वस्थ स्कैल्प वातावरण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके असंतुलित होने पर अतिरिक्त तेल, रूखापन, खुजली, फ्लेकिंग और असुविधा जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।इसी समझ के आधार पर केश किंग ने ‘स्कैल्प फर्स्ट’ रेंज को विकसित किया है। इसका उद्देश्य बालों से जुड़ी दिखाई देने वाली समस्याओं के साथ-साथ स्कैल्प की देखभाल पर भी ध्यान केंद्रित करना है। ब्रांड का मानना है कि स्कैल्प की जरूरत को समझकर सही देखभाल अपनाना बेहतर हेयर-केयर रूटीन की दिशा में पहला कदम हो सकता है। ‘स्कैल्प फर्स्ट’ के तहत दो विशेष रेंज पेश की गई हैं, जिन्हें अलग-अलग स्कैल्प कंडीशंस को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।ऑयली स्कैल्प रेंज में Detoxyscalp™, मोरिंगा और एप्पल साइडर विनेगर के गुण शामिल हैं। यह रेंज अतिरिक्त सीबम, जड़ों पर जमा तेल, खुजली और बंद फॉलिकल्स जैसी ऑयली स्कैल्प से जुड़ी चिंताओं को ध्यान में रखती है।वहीं, ड्राई स्कैल्प रेंज मोरिंगा, अनार और Scalpcalmin™ से समृद्ध है। यह रेंज डिहाइड्रेशन, फ्लेकिंग, स्कैल्प टाइटनेस और ड्राई स्कैल्प से जुड़ी अन्य चिंताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।इस तरह, ब्रांड एक ही समाधान को सभी उपभोक्ताओं पर लागू करने के बजाय स्कैल्प की अलग-अलग जरूरतों के अनुसार देखभाल को व्यक्तिगत बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।इस पहल के बारे में बात करते हुए सुश्री आविशी राज लोहिया, ब्रांड स्ट्रैटेजिस्ट, ईमामी लिमिटेड, ने कहा, “केश किंग के भविष्य को लेकर हमारी सोच स्पष्ट है—हम इसे युवाओं और अलग-अलग पीढ़ियों के उपभोक्ताओं के बीच पसंदीदा ब्रांड बनाना चाहते हैं। उपभोक्ताओं से बातचीत के दौरान हमने महसूस किया कि बालों का झड़ना, डैंड्रफ, खुजली और अतिरिक्त तेल जैसी स्कैल्प संबंधी चिंताएं लगातार बनी रहती हैं। इसके बावजूद, पारंपरिक हेयर-केयर रूटीन का मुख्य फोकस बालों पर रहा है। इसी सोच पर सवाल उठाते हुए हमने स्कैल्प को भी हेयर-केयर रूटीन का उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा माना है।” उन्होंने आगे कहा, “जिस तरह उपभोक्ता अपनी त्वचा के प्रकार और जरूरतों को समझकर पर्सनलाइज्ड स्किनकेयर रूटीन अपनाते हैं, उसी सोच को स्कैल्प केयर में लाने का अवसर हमें दिखाई दिया। ‘स्कैल्प फर्स्ट’ इसी विचार का परिणाम है। यह ऑयली और ड्राई स्कैल्प की अलग-अलग जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है और पुरुषों तथा महिलाओं, दोनों के लिए उपयुक्त है। आयुर्वेद के ज्ञान और आधुनिक स्कैल्प विज्ञान के संयोजन के साथ हमारा उद्देश्य नई पीढ़ी के लिए प्रासंगिक और आसान स्कैल्प-केयर समाधान तैयार करना है।”‘स्कैल्प फर्स्ट’ के प्रोडक्ट्स को 18 से 35 वर्ष की आयु के शहरी उपभोक्ताओं के बीच किए गए प्रोडक्ट अध्ययन में भी मूल्यांकन किया गया। यह अध्ययन स्कैल्प से जुड़ी विशेष चिंताओं में फॉर्मूलेशन की उपयोगिता को समझने के लिए किया गया था। अध्ययन में विभिन्न स्कैल्प मानकों से जुड़े सकारात्मक निष्कर्ष सामने आए, जो सही स्कैल्प जरूरत के अनुसार देखभाल चुनने की ब्रांड की सोच को समर्थन देते हैं।उपभोक्ताओं को अपने स्कैल्प की जरूरत समझने में मदद करने के लिए केश किंग ‘स्कैल्प क्विज’ भी पेश कर रहा है। QR कोड स्कैन कर उपभोक्ता अपने स्कैल्प के प्रकार को समझने और उसके अनुसार व्यक्तिगत सलाह प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।‘स्कैल्प फर्स्ट’ पोर्टफोलियो में शैम्पू, ऑयल, सीरम और मिस्ट शामिल हैं, जिनकी कीमत ₹399 से ₹499 के बीच है। यह रेंज सितंबर 2026 के मध्य से केश किंग की वेबसाइट, Amazon, Nykaa, Myntra, Flipkart और चुनिंदा मॉडर्न ट्रेड चैनल्स पर उपलब्ध होगी।‘स्कैल्प फर्स्ट’ के साथ केश किंग हेयर-केयर की शुरुआत को एक नए नजरिए से देखने की पहल कर रहा है—सिर्फ दिखाई देने वाले बालों से नहीं, बल्कि उन्हें सहारा देने वाले स्कैल्प से।स्कैल्प फर्स्ट के बारे में सोचें। खूबसूरत बाल अपने आप साथ देंगे। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Sep 2026 13:52:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Resolving hair problems, scalp</media:keywords>
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<title>कंसाई नेरोलैक पेश करते हैं “नूर&amp;ए&amp;कश्मीर”</title>
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<description><![CDATA[ श्रीनगर | मुंबई, भारत कश्मीर के खूबसूरत नज़ारों के अलावा, इसकी खूबसूरती की एक और अभिव्यक्ति इसके घरों में देखनेRead Now ► ]]></description>
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<pubDate>Fri, 18 Sep 2026 19:22:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>newsvoir</dc:creator>
<media:keywords>Kansai Nerolac, Nur-e-Kashmir</media:keywords>
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<title>AI और ऑटोमेशन : MSMEs के लिए नया आयाम</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली, दिल्ली, भारत भारत की मैन्युफैक्चरिंग MSMEs केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं हैं; बल्कि ये रोजगार, नवाचार, (Innovation) निर्यातRead Now ► ]]></description>
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<pubDate>Fri, 18 Sep 2026 13:52:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>newsvoir</dc:creator>
<media:keywords>AI and Automation, New Dimensions, MSMEs</media:keywords>
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<title>शल्बी अस्पताल, सूरत ने एडवांस्ड किडनी ट्रांसप्लांट में नए मील के पत्थर स्थापित किए</title>
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<description><![CDATA[ सूरत (गुजरात) [भारत] : शल्बी अस्पताल ने पिछले 12 महीनों में स्वैप (swap) और ABO-इनकंपैटिबल (अलग ब्लड ग्रुप) प्रक्रियाओं में उन्नत नैदानिक सफलताओं के साथ 25 किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।एडवांस्ड ट्रांसप्लांट की मुख्य विशेषताएं और विशेषज्ञ टीम का सहयोग25 सफल ट्रांसप्लांटः एक अत्यधिक समन्वित मल्टीडिसिप्लिनरी (बहु-विषयक) टीम द्वारा पिछले वर्ष के दौरान पूरे किए गए।अग्रणी स्वैप और ABO-इनकंपैटिबल प्रक्रियाएं: दक्षिण गुजरात का पहला प्राइवेट/कॉर्परिट स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट, कई ABO-इनकंपैटिबल ट्रांसप्लांट और एक जटिल री-ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।दक्षिण गुजरात का पहला जटिल ट्रांसप्लांटः जिसमें मरीज का यह दूसरा ट्रांसप्लांट था और यह ABO-इनकंपैटिबल (अलग ब्लड ग्रुप) था।विशेष क्रिटिकल केर और एनेस्थीसियाः क्रिटिकल केयर स्पेशलिटी (डॉ. अरुल और उनकी टीम) तथा एनेस्थीसिया टीम (डॉ. केविन देसाई और उनकी टीम) के विशेषज्ञ सहयोग से सटीक प्री-ऑपरेटिव और क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट सुनिश्चित किया गया।शल्बी अस्पताल का बढ़ता ट्रांसप्लांट प्रोग्राम गुजरात में सूरत को एक उन्नत स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में उभरने में योगदान दे रहा है, विशेष रूप से जटिल किडनी प्रत्यारोपण के लिए।मुख्य नेतृत्व के विचारडॉ. मुकेश गोयल, कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट और ट्रांसप्लांट फिजीशियनः &quot;एक ट्रांसप्लांट गंतव्य के रूप में सूरत की बदलती धारणा एक बड़ा मील का पत्थर है। शल्बी में, हमारा व्यापक कार्यक्रम हमें स्वैप और ABO-इनकंपैटिबल ट्रांसप्लांट जैसी जटिल प्रक्रियाओं को संभालने में सक्षम बनाता है, जिससे घर के करीब उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल मिलती है।&quot;डॉ. भार्गव पंड्या, कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्टः &quot;किडनी ट्रांसप्लांट हमारे लिए सिर्फ एक सर्जरी नहीं है-यह किसी मरीज को एक नया जीवन और नई उम्मीद देने का प्रयास है। हमारा लक्ष्य केवल ट्रांसप्लांट करना नहीं है, बल्कि मरीज को डायलिसिस की निर्भरता से निकालकर एक स्वस्थ, स्वतंत्र और बेहतर जीवन की ओर ले जाना है।&quot;मीडिया संपर्कः शल्बी अस्पताल, सूरत ]]></description>
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<pubDate>Thu, 17 Sep 2026 22:11:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Shalbi Hospital, Advanced Kidney Transplant</media:keywords>
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<title>बॉन्ड्सइंडिया (BondsIndia) का नाम बदलकर हुआ &amp;apos;डिजीफिन&amp;apos; (Digifinn)</title>
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<description><![CDATA[ डिजीफिन की अगले पांच वर्षों में 50 से अधिक भारतीय शहरों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की योजनामुंबई (महाराष्ट्र),17 सितंबर : भारत के अग्रणी डिजिटल फिक्स्ड-इनकम निवेश प्लेटफॉर्मों में से एक, बॉन्ड्सइंडिया ने आज अपना नाम बदलकर &#039;डिजीफिन&#039; करने की घोषणा की। यह बदलाव कंपनी के केवल बॉन्ड-केंद्रित मार्केटप्लेस से आगे बढ़कर फिक्स्ड-इनकम निवेश के लिए एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनने के विकास को दर्शाता है। नई पहचान डिजीफिन के डिजिटल फिक्स्ड-इनकम उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करने के बड़े दृष्टिकोण को दर्शाती है, साथ ही यह रिटेल निवेशकों, बैंकों और संस्थानों के लिए निवेश को अधिक सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाती है। इस रीब्रांडिंग को &#039;एशिरस ग्रुप&#039; (Eshiruss Group) का समर्थन प्राप्त है, जो प्लेटफॉर्म को मजबूत करने के लिए संस्थागत व तकनीकी साझेदारी लाता है, और &#039;डिजीफिन फाउंडेशन&#039; का भी सहयोग प्राप्त है, जो वित्तीय साक्षरता और निवेशक जागरूकता के लिए इस समूह की एक पहल है। (https://www.digifinn.com/)डिजीफिन ने 90 बॉन्ड इश्यू के जरिए ₹14,000 करोड़ से अधिक के लेनदेन को सुगम बनाया है और आज यह 1.75 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं को सेवाएं प्रदान कर रहा है। निश्चित रिटर्न को गारंटीकृत या आश्वासित रिटर्न नहीं माना जाना चाहिए; निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे निवेश करने से पहले सभी संबंधित पेशकश दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें। पात्र निवेशक केवल 3 मिनट में केवाईसी (KYC) पूरा कर सकते हैं।विकास के अपने अगले चरण के हिस्से के रूप में, कंपनी का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 50 से अधिक शहरों में अपनी उपस्थिति स्थापित करना है, जिसमें भारत के टियर III और टियर IV बाजारों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही, कंपनी अगले 2 वर्षों में अपने कर्मचारियों की संख्या को लगभग दोगुना करने की योजना बना रही है।यह रीब्रांडिंग ऐसे समय में हुई है जब भारत का निवेश पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) एक महत्वपूर्ण बदलाव से गुजर रहा है। आर्थिक समीक्षा (इकोनॉमिक सर्वे) 2025-26 के अनुसार, देश में डिमैट खातों की संख्या 21.6 करोड़ को पार कर गई है, जिसमें 12 करोड़ से अधिक विशिष्ट (यूनिक) निवेशक पूंजी बाजारों में भाग ले रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि 3.5 करोड़ म्यूचुअल फंड निवेशक अब टियर I और टियर II शहरों के बाहर से आते हैं, जो छोटे शहरों के तेजी से होते वित्तीयकरण और उभरते भारत में बाजार से जुड़े निवेशों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है। इसके साथ ही, भारत का कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार पिछले एक दशक में लगभग 12% की वार्षिक दर से बढ़ा है, जो एक महत्वपूर्ण परिसंपत्ति वर्ग (एसेट क्लास) के रूप में फिक्स्ड-इनकम की बढ़ती स्वीकृति का संकेत देता है।हालांकि इक्विटी निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, लेकिन भारतीय परिवारों का एक बड़ा हिस्सा अभी भी मुख्य रूप से फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे पारंपरिक बचत साधनों पर निर्भर है। डिजीफिन का मानना है कि संपत्ति निर्माण (वेल्थ क्रिएशन) का अगला चरण निवेशकों को ऐसे संतुलित पोर्टफोलियो बनाने में मदद करने से आएगा जो फिक्स्ड-इनकम उत्पादों के माध्यम से स्थिरता के साथ-साथ वृद्धि को जोड़ते हैं।इस घोषणा पर टिप्पणी करते हुए, डिजीफिन के संस्थापक, श्री अंकित गुप्ता ने कहा, &quot;जब हमने बॉन्ड्सइंडिया के रूप में शुरुआत की थी, तब हमारा उद्देश्य रिटेल निवेशकों के लिए बॉन्ड्स तक पहुंच को आसान बनाना था। इन वर्षों में, हमने प्लेटफॉर्म पर 1.75 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं का विश्वास हासिल किया है। आज, निवेशक एक ऐसे विश्वसनीय डिजिटल प्लेटफॉर्म की तलाश कर रहे हैं जो सहज उपयोगकर्ता अनुभव के साथ फिक्स्ड-इनकम अवसरों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करे। डिजीफिन उसी बड़े दृष्टिकोण को दर्शाता है। हमारे विकास का अगला चरण महानगरों से परे विस्तार करने, उभरते शहरों तक पहुंचने और प्रौद्योगिकी-आधारित निवेश के माध्यम से अधिक भारतीयों को उनकी मेहनत की कमाई को दीर्घकालिक संपत्ति में बदलने में मदद करने पर केंद्रित होगा।&quot;श्री अंकित ने आगे कहा, “कॉर्पोरेट बॉन्ड में रिटेल भागीदारी अभी भी शुरुआती चरण में है। 1% से भी कम भारतीय परिवार कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश करते हैं, और इसके प्रति जागरूकता का स्तर केवल 10% है। यह अंतर फिक्स्ड-इनकम निवेश को लोकतांत्रिक बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से टियर III और टियर IV शहरों में। यह बड़ा और अछूता बाजार डिजीफिन जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मों के लिए फिक्स्ड-इनकम निवेश तक पहुंच का विस्तार करने और लाखों नए निवेशकों को भारत के औपचारिक निवेश तंत्र में लाने का एक शानदार अवसर देता है।”कंपनी की विस्तार रणनीति वेतनभोगी पेशेवरों, उद्यमियों, सेवानिवृत्त लोगों और पहली पीढ़ी के निवेशकों पर केंद्रित है—विशेष रूप से छोटे शहरों में—जो मुख्य रूप से आय के एक ही स्रोत पर निर्भर हैं और ऐसे विश्वसनीय निवेश विकल्पों की तलाश करते हैं जो अनुमानित रिटर्न देने के साथ-साथ पूंजी को भी सुरक्षित रखें। प्रौद्योगिकी के माध्यम से, डिजीफिन का लक्ष्य हर भारतीय निवेशक के लिए संस्थागत स्तर के फिक्स्ड-इनकम निवेश को सुलभ बनाना है, चाहे वे किसी भी क्षेत्र में रहते हों।डिजीफिन (जिसे पहले बॉन्ड्सइंडिया के नाम से जाना जाता था) ने खुद को एक ऐसे विश्वसनीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित किया है जो रिटेल निवेशकों, बैंकों और संस्थानों को क्यूरेटेड फिक्स्ड-इनकम निवेश अवसरों से जोड़ता है। कंपनी भारत भर में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने और देश की अगली पीढ़ी के डिजिटल फिक्स्ड-इनकम इकोसिस्टम का निर्माण करने के साथ-साथ तकनीक, उत्पाद नवाचार और ग्राहक अनुभव में निवेश करना जारी रखेगी।डिजीफिन के बारे में (पूर्व में बॉन्ड्सइंडिया के नाम से प्रसिद्ध)डिजीफिन, लॉन्चपैड फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड (Launchpad Fintech Private Limited) के स्वामित्व और संचालन वाला एक ब्रांड है, जो सेबी-रजिस्टर्ड ब्रोकर (SEBI Reg. No. I ]]></description>
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<pubDate>Thu, 17 Sep 2026 22:11:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>BondsIndia, Digifinn</media:keywords>
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<title>Kashhvi Corporate Advisory Services Private Limited: कार, कमर्शियल व्हीकल और स्कूल&amp;कॉलेज फाइनेंस की जरूरतों को आसान बना रही कंपनी</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/kashhvi-corporate-advisory-services-private-limited-easing-car-commercial-vehicle-and-school-college-finance-needs</link>
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<description><![CDATA[  

आज के समय में किसी बिजनेस को आगे बढ़ाने, स्कूल-कॉलेज का विस्तार करने या कार खरीदने के लिए सही समय पर फाइनेंस की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन कई बार ग्राहक के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है — कहां से लोन लिया जाए, कौन-सा विकल्प सही रहेगा और पूरी प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ेगी?

इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Kashhvi Corporate Advisory Services Private Limited ग्राहकों को उनकी जरूरत के अनुसार अलग-अलग फाइनेंस विकल्पों तक पहुंच बनाने में सहायता कर रही है।

कंपनी प्रमुख बैंकों और एनबीएफसी की अधिकृत चैनल पार्टनर के रूप में काम करती है और स्कूल-कॉलेज, बिजनेस तथा व्यक्तिगत ग्राहकों को उनकी जरूरत के अनुसार लोन विकल्प तलाशने में मदद करती है।

कंपनी की 55 से ज्यादा बैंकों और एनबीएफसी के साथ पार्टनरशिप है। इसका उद्देश्य ग्राहकों को उनकी जरूरत, प्रोफाइल और पात्रता के अनुसार उपलब्ध फाइनेंस विकल्पों को समझने और सही वित्तीय संस्था से जुड़ने में सहायता करना है।

अलग-अलग जरूरतों के लिए कई तरह के लोन विकल्प

हर ग्राहक की जरूरत एक जैसी नहीं होती। किसी कारोबारी को अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए पैसे चाहिए होते हैं, किसी स्कूल को नई बिल्डिंग या लैब बनाने के लिए फंड की जरूरत होती है, तो किसी व्यक्ति को नई या पुरानी कार खरीदनी होती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए Kashhvi Corporate Advisory Services Private Limited अलग-अलग वित्तीय जरूरतों के लिए कई तरह के लोन विकल्पों में सहायता देती है।

कंपनी की प्रमुख सेवाओं में शामिल हैं:


 स्कूल और कॉलेज फाइनेंस – स्कूल और कॉलेज को बिल्डिंग, क्लासरूम, लैब, हॉस्टल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों के लिए फाइनेंस विकल्प तलाशने में सहायता। 
 नई और पुरानी कार के लिए लोन – नई या पुरानी कार खरीदने वाले ग्राहकों को उपलब्ध लोन विकल्पों तक पहुंच बनाने में मदद। 
 नए और पुराने कमर्शियल व्हीकल लोन – बिजनेस और ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों को नए या पुराने कमर्शियल व्हीकल खरीदने के लिए फाइनेंस विकल्प। 
 यूज़्ड स्कूल बस फाइनेंस – स्कूल और योग्य संस्थानों को पुरानी स्कूल बस खरीदने के लिए फाइनेंस विकल्प तलाशने में सहायता। 
 होम लोन – घर खरीदने, घर बनाने या घर से जुड़ी अन्य योग्य जरूरतों के लिए लोन विकल्प। 
 प्रॉपर्टी के बदले लोन – योग्य प्रॉपर्टी को आधार बनाकर व्यक्तिगत या बिजनेस जरूरतों के लिए फाइनेंस विकल्प। 
 बिजनेस लोन – बिजनेस के रोजमर्रा के खर्च, विस्तार और अन्य कारोबारी जरूरतों के लिए फंडिंग विकल्प। 
 पर्सनल लोन – योग्य ग्राहकों की अलग-अलग व्यक्तिगत वित्तीय जरूरतों के लिए लोन विकल्प। 


स्कूल और कॉलेज के लिए फाइनेंस की सुविधा

स्कूल या कॉलेज शुरू करना या उसका विस्तार करना एक बड़ा निवेश हो सकता है। नई बिल्डिंग, अतिरिक्त क्लासरूम, लैबोरेटरी, हॉस्टल और अन्य सुविधाओं के लिए बड़ी राशि की जरूरत पड़ सकती है।

ऐसी जरूरतों में Kashhvi Corporate Advisory Services Private Limited शैक्षणिक संस्थानों को उपलब्ध फाइनेंस विकल्पों को समझने और तलाशने में सहायता करती है।

कंपनी स्कूल और कॉलेज की प्रोजेक्ट जरूरत को समझकर उनके लिए उपलब्ध फाइनेंस विकल्पों तक पहुंच बनाने में मदद करती है। इसके लिए कंपनी अपने 55 से ज्यादा बैंक और एनबीएफसी पार्टनर्स के नेटवर्क का उपयोग करती है।

हालांकि, किसी भी प्रोजेक्ट के लिए लोन की मंजूरी संबंधित बैंक या एनबीएफसी की पॉलिसी, प्रोजेक्ट प्रोफाइल और आवेदक की पात्रता के आधार पर होती है।

बिजनेस को फाइनेंस तक पहुंच बनाने में मदद

किसी भी बिजनेस के लिए सही समय पर फंडिंग मिलना उसके रोजमर्रा के काम और भविष्य के विस्तार दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

किसी कारोबारी को नया कमर्शियल व्हीकल खरीदना हो, वर्किंग कैपिटल की जरूरत हो, बिजनेस का विस्तार करना हो या किसी अन्य कारोबारी जरूरत के लिए फंडिंग चाहिए हो — ऐसे मामलों में सही फाइनेंस विकल्प तलाशना जरूरी होता है।

Kashhvi Corporate Advisory Services
Private Limited अपने 55 से ज्यादा बैंकों और एनबीएफसी के नेटवर्क के माध्यम से बिजनेस को अलग-अलग फाइनेंस विकल्प तलाशने में सहायता करती है।

कंपनी सबसे पहले ग्राहक की जरूरत को समझने और उसके बाद उपलब्ध विकल्पों के बारे में मार्गदर्शन देने पर ध्यान देती है।

इसका उद्देश्य केवल किसी एक लोन प्रोडक्ट की जानकारी देना नहीं है, बल्कि ग्राहक को उसकी जरूरत के अनुसार उपलब्ध फाइनेंस विकल्पों को समझने में मदद करना है।

आम ग्राहकों के लिए भी फाइनेंस विकल्प

फाइनेंस की जरूरत केवल बिजनेस या संस्थानों को ही नहीं होती। आम लोगों को भी घर खरीदने, कार लेने या अन्य व्यक्तिगत जरूरतों के लिए लोन की आवश्यकता पड़ सकती है।

Kashhvi Corporate Advisory Services
Private Limited ऐसे ग्राहकों को होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन और अन्य उपलब्ध फाइनेंस विकल्पों के बारे में सहायता देती है।

कंपनी की टीम ग्राहकों को लोन की जरूरी शर्तों और दस्तावेजों की जानकारी समझने के साथ-साथ उपयुक्त वित्तीय संस्था से जुड़ने में मदद करती है।

लोन की मंजूरी, ब्याज दर, लोन चुकाने की अवधि, दस्तावेज और अन्य अंतिम शर्तें संबंधित बैंक या एनबीएफसी द्वारा ग्राहक की पात्रता और अपनी पॉलिसी के अनुसार तय की जाती हैं।

लोन प्रक्रिया को आसान और समझने योग्य बनाने पर जोर

लोन लेना कई लोगों के लिए एक जटिल प्रक्रिया हो सकती है। अलग-अलग बैंकों और एनबीएफसी की अलग-अलग जरूरतें, ब्याज दरें, दस्तावेज और शर्तें होने के कारण ग्राहक के लिए सही विकल्प समझना मुश्किल हो सकता है।

Kashhvi Corporate Advisory Services
Private Limited इसी प्रक्रिया को ज्यादा आसान और पारदर्शी बनाने पर ध्यान देती है।

अधिकृत चैनल पार्टनर के रूप में कंपनी ग्राहकों और वित्तीय संस्थानों के बीच एक कनेक्टिंग लिंक की तरह काम करती है। कंपनी का काम ग्राहकों को उपलब ]]></description>
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<pubDate>Thu, 17 Sep 2026 14:32:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Kashhvi Corporate Advisory Services, Easing car, commercial vehicle, school-college finance needs</media:keywords>
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<title>विनफास्ट ने पकड़ी रफ्तार, महज़ एक साल में सीकर रोड, जयपुर में तीसरा शोरूम लॉन्च</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/winfast-picks-up-pace-third-showroom-launch-in-just-over-a-year-at-sikar-road-jaipur</link>
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<description><![CDATA[ जयपुर (राजस्थान) [भारत], 16 सितंबर : राजस्थान में बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन आंदोलन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव दर्ज करते हुए, विनफास्ट के अधिकृत डीलर पार्टनर वेलोसिटी फिनट्रस्ट ने आज पिंक सिटी में एक नए डीलरशिप का अनावरण किया। यह उद्घाटन राजस्थान में वेलोसिटी फिनट्रस्ट का लगातार विस्तार और जयपुर में तीसरे शोरूम की शुरुआत है, जिससे भारत भर में विनफास्ट के बढ़ते नेटवर्क में और विस्तार हुआ है।इस भव्य सुविधा का उद्घाटन श्री सुदीप्ता घोष, डिप्टी CEO – सेल्स एवं नेटवर्क डेवलपमेंट, विनफास्ट इंडिया,श्री विकास यादव, मैनेजिंग डायरेक्टर, वेलोसिटी फिनट्रस्ट , श्री सीताराम यादव, चेयरमैन, वीएसटी यूनाइटेड ग्रुप, और श्री विकास बोहरा, वेलोसिटी फिनट्रस्ट के वाइस प्रेसिडेंट के साथ किया।विनफास्ट वीएफ 6, वीएफ 7, वीएफ एमपीवी 7 और लीमो ग्रीन के साथ एक विविध इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो तैयार कर रहा है, जो ग्राहकों को व्यक्तिगत, प्रीमियम और पारिवारिक मोबिलिटी जरूरतों के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध कराता है।स्वामित्व के अनुभव को और बेहतर बनाते हुए, ग्राहक 31 मार्च 2029 तक मुफ्त चार्जिंग, तीन साल की मुफ्त मेंटेनेंस, सात साल की वाहन वारंटी, दस साल की बैटरी वारंटी, 75% तक सुनिश्चित बायबैक और आईसीई से ईवी में बदलाव के लाभ जैसे फायदे उठा सकते हैं।इसकी कीमत 18.19 लाख रुपये से शुरू होती है, जो ग्राहकों को अलग-अलग सेगमेंट में प्रीमियम इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विकल्प उपलब्ध कराती है।ब्रांड के फोकस को रेखांकित करते हुए, श्री सुदीप्ता घोष, डिप्टी CEO – सेल्स एवं नेटवर्क डेवलपमेंट, विनफास्ट इंडिया, ने कहा,&quot;हमारा मुख्य फोकस मजबूत बिक्री और सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के साथ-साथ पूरे ईवी चार्जिंग सिस्टम को बेहतर बनाने पर है। जैसे-जैसे मांग बढ़ रही है, हम ग्राहकों को बेहतर ग्राहक सेवा, उच्च गुणवत्ता वाला इंफ्रास्ट्रक्चर और लगातार सपोर्ट देने का वादा करते हैं, ताकि ईवी को अपनाने की रफ्तार तेज हो सके।&quot;पिंक सिटी की यह सुविधा विनफास्ट की नेक्स्ट-जेनरेशन लाइनअप को प्रदर्शित करती है, जहाँ खरीदार व्यक्तिगत परामर्श और टेस्ट ड्राइव के साथ अत्याधुनिक कारों का अनुभव ले सकते हैं।भविष्य की सोचजयपुर में लोग अब पर्यावरण के अनुकूल परिवहन की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में यह नई सुविधा भारतीय ईवी ग्राहकों के लिए एक आधुनिक और तकनीक से जुड़ी जगह है, जहाँ उन्हें बेहतरीन उत्पाद, शानदार आराम और खरीदारी के बाद भी पूरी निश्चिंतता मिलती है।अधिक जानकारी के लिए देखें: https://velocityfintrust.com/ ]]></description>
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<pubDate>Thu, 17 Sep 2026 13:12:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Winfast, showroom, Sikar Road, Jaipur</media:keywords>
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<title>पारुल यूनिवर्सिटी के पत्रकारिता छात्रों ने दिल्ली के प्रमुख न्यूज़रूम का किया दौरा</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/journalism-students-from-parul-university-visit-delhi-s-premier-newsroom</link>
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<description><![CDATA[ वडोदरा (गुजरात) [भारत] : वडोदरा स्थित पारुल यूनिवर्सिटी के पत्रकारिता एवं जनसंचार के छात्रों ने छह दिवसीय दिल्ली मीडिया लीडरशिप टूर में इंडिया टीवी, एनडीटीवी, न्यूज़18, टीवी9, रिपब्लिक, प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया, हिन्दुस्तान टाइम्स और इंडिया टुडे नेटवर्क जैसे संस्थानों का दौरा किया और वरिष्ठ पत्रकारों से संवाद किया।छह दिन, देश के बड़े न्यूज़रूमदौरे की शुरुआत पहले दिन इंडिया गेट पर एक व्यावहारिक अभ्यास से हुई, जहाँ छात्रों को दस मिनट की तैयारी के साथ कैमरे के सामने 60 सेकंड की लाइव रिपोर्टिंग (पीस टू कैमरा) करनी थी। इसके बाद छात्रों ने न्यूज़18, टीवी9 और रिपब्लिक के न्यूज़रूम में लाइव प्रसारण, प्रोडक्शन कंट्रोल रूम और समाचार सत्यापन की प्रक्रिया को नज़दीक से देखा।प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया में सत्यापन का पाठप्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया में एडिटर शुजा उल हक ने छात्रों को एजेंसी के तीन-स्रोत सत्यापन नियम की जानकारी दी और बताया कि पीटीआई देश के लगभग 90 प्रतिशत अख़बार बाज़ार को सामग्री उपलब्ध कराती है तथा प्रतिदिन एक हज़ार से अधिक टेक्स्ट स्टोरी और करीब 400 लाइव फीड तैयार करती है। हिन्दुस्तान टाइम्स में छात्रों ने अख़बार की छपाई की तकनीकी प्रक्रिया देखी, जहाँ प्रेस प्रति घंटे 90,000 प्रतियों तक छपाई करता है।राजत शर्मा और वरिष्ठ पत्रकारों की सलाहइंडिया टीवी के चेयरमैन राजत शर्मा ने छात्रों के साथ करीब दो घंटे बिताए और पत्रकारिता के “फ्री, फेयर एंड फियरलेस” सिद्धांत तथा विश्वसनीयता के महत्व पर बात की। एनडीटीवी की पद्मजा जोशी और इंडिया टुडे नेटवर्क के राजदीप सरदेसाई सहित कई वरिष्ठ पत्रकारों ने विशेषज्ञता विकसित करने, नियमित अख़बार पढ़ने और एंकर से पहले एक अच्छा पत्रकार बनने पर ज़ोर दिया।लाइव प्रसारण और खबर के पीछे की टीमेंछात्रों ने समझा कि एक सहज दिखने वाले बुलेटिन के पीछे कई टीमें एक साथ काम करती हैं, जिनमें असाइनमेंट डेस्क, इनपुट-आउटपुट, ग्राफिक्स, साउंड और तकनीकी विभाग शामिल हैं। रिपब्लिक के नोएडा कैंपस में उन्होंने क्रोमा स्टूडियो और एआर-वीआर तकनीक देखी, जबकि न्यूज़18 और टीवी9 में पीसीआर तथा एमसीआर की कार्यप्रणाली समझी।वरिष्ठ पत्रकारों ने छात्रों को यह भी समझाया कि सटीकता गति से अधिक महत्वपूर्ण है, और सोशल मीडिया पर अपुष्ट सूचनाओं के इस दौर में सत्यापित पत्रकारिता पहले से कहीं अधिक ज़रूरी हो गई है।पारुल यूनिवर्सिटी का पत्रकारिता कार्यक्रमछह दिनों के इस अनुभव में छात्रों ने रिपोर्टिंग, मीडिया एथिक्स, ब्रॉडकास्ट और डिजिटल पत्रकारिता की व्यावहारिक समझ हासिल की। दौरे का पूरा विवरण पारुल यूनिवर्सिटी के आधिकारिक ब्लॉग पर उपलब्ध है, और पत्रकारिता में करियर से जुड़ी जानकारी विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक कार्यक्रम के पेज पर देखी जा सकती है। ]]></description>
<enclosure url="http://blogger.googleusercontent.com/img/a/AVvXsEhLLnsT3tJiTarC8ZYERb8HnPvpQDglb2VaEes0talyf3uYo9rYnBkNF--eNtZg1fqct0jQzBrCfst4NPVC_-JpecZsNXL3rNi72Rv0hu_g0qZ7C-w5doIZOki5VVf-s8YW1rohMK6DL4fOiAnGcS6za4C-W87I5zGSarBT-wZFSau1mY4ObAyf5WbcV2Q=w1600" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 16 Sep 2026 15:23:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Journalism students, Parul University, visit Delhi&#039;s premier newsroom</media:keywords>
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<title>दशहरे पर सामने आएगा रामायण का एक नया पाठ: योगेश अरविंद पुराणिक की पुस्तक ‘Decoding The Ramayana’ आधुनिक मन की खोज से जोड़ेगी प्राचीन कथा को</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/a-new-ramayana-text-will-be-revealed-on-dussehra-yogesh-arvind-puranik-s-book-decoding-the-ramayana-will-link-the-ancient-story-with-the-discovery-of-the-modern-mind</link>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली : रामायण को केवल एक प्राचीन महाकाव्य, धार्मिक आख्यान या नैतिक शिक्षाओं के संग्रह के रूप में
देखने के बजाय आधुनिक मनुष्य की आंतरिक दुनिया को समझने के एक माध्यम के रूप में
प्रस्तुत करने वाली नई पुस्तक ‘Decoding The Ramayana: An Ancient
Blueprint for the Modern Mind’ आगामी 20 अक्टूबर 2026, दशहरे के पावन अवसर पर, दुनिया भर के 100 से अधिक देशों में उपलब्ध
होगी।

पुस्तक के लेखक योगेश अरविंद पुराणिक,
जो शिक्षाविद्, निवेशक, लेखक और प्रबंधन विशेषज्ञ
हैं, रामायण को एक ऐसे
दृष्टिकोण से देखते हैं जिसमें इसकी कथा बाहरी घटनाओं के साथ-साथ मनुष्य के भीतर
चलने वाले संघर्षों का भी रूपक बन जाती है।

पुस्तक का मूल प्रश्न यही है कि यदि रामायण की कथा हमारे भीतर भी घटित होती हो,
तो उसके पात्र और
घटनाएँ हमारे मन, चेतना और जीवन के बारे में क्या कहती हैं?

पुराणिक के अनुसार, युग बदलते हैं, तकनीक बदलती है और जीवन की गति बदलती है, लेकिन मनुष्य की मूल चुनौतियाँ नहीं बदलतीं।
इच्छा, मोह, अहंकार, भटकाव, ध्यान का टूटना और जीवन के
अर्थ की तलाश आज भी उतने ही प्रासंगिक प्रश्न हैं जितने वे हजारों वर्ष पहले रहे
होंगे।

“सबसे महत्वपूर्ण युद्ध लंका में नहीं, हमारे भीतर लड़ा जाता है”

पुस्तक की केंद्रीय अवधारणा को रेखांकित करते हुए लेखक योगेश अरविंद पुराणिक कहते हैं:

“रामायण को हमने सदियों से बाहर घटित होने वाली कथा की तरह पढ़ा है;
‘Decoding The Ramayana’ का प्रयास उसे भीतर घटित होने वाली यात्रा के रूप में देखने का है। राम,
सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण केवल पात्र
नहीं, बल्कि हमारे भीतर सक्रिय चेतना, ऊर्जा, ध्यान, जीवन-शक्ति और अहंकार के रूप भी हो सकते हैं।
शायद यही कारण है कि हजारों वर्ष पुरानी यह कथा आज के मनुष्य को उतनी ही प्रासंगिक
लगती है।”

रामायण को देखने के चार दृष्टिकोण

‘Decoding The Ramayana’ रामायण की कथा को चार प्रमुख आयामों से देखने का प्रयास
करती है:

ऐतिहासिक दृष्टिकोण: कथा और उसके व्यापक संदर्भ को समझने का प्रयास।

नैतिक दृष्टिकोण: कर्तव्य, निर्णय, संबंधों और जीवन-मूल्यों से जुड़े प्रश्नों की पड़ताल।

मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण: पात्रों और घटनाओं को मानव मन और चेतना में सक्रिय शक्तियों
के रूप में देखना।

आध्यात्मिक दृष्टिकोण: चेतना, ऊर्जा और आत्म-बोध की यात्रा को समझना।

इन चार दृष्टिकोणों के माध्यम से पुस्तक प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक जीवन
की व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक चुनौतियों के बीच एक संवाद स्थापित करने का प्रयास
करती है।

राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान: पात्रों से आगे, चेतना के रूपक

पुस्तक में रामायण के प्रमुख पात्रों की मनोवैज्ञानिक व्याख्या की गई है।

राम को ‘शुद्ध चेतना’ (Pure Consciousness) के प्रतीक के रूप में देखा गया है, जो व्यक्ति को बाहरी घटनाओं
से आगे उस मूल जागरूकता की ओर ले जाती है जिसके माध्यम से जीवन का अनुभव किया जाता
है।

सीता ‘शुद्ध ऊर्जा’ (Pure Energy) की जीवंत शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं। उनका
अपहरण चेतना और ऊर्जा के बीच उत्पन्न बाधा का प्रतीक बनता है और यह संकेत देता है
कि आधुनिक अहंकार किस प्रकार हमारे ध्यान और ऊर्जा को अपने प्रभाव में ले सकता है।

लक्ष्मण ‘केंद्रित ध्यान’ (Focused Attention) के प्रतीक हैं। आज के स्क्रीन-प्रधान और लगातार
उत्तेजनाओं से भरे वातावरण में ध्यान को एक दिशा में बनाए रखना स्वयं एक
महत्वपूर्ण क्षमता बन गया है।

हनुमान जागृत प्राण-शक्ति (Awakened Life Force) का प्रतीक हैं। उनका चरित्र
यह दर्शाता है कि जब जीवन-शक्ति को जागरूकता और सही दिशा मिलती है, तो व्यक्ति अपनी सीमाओं से
कहीं आगे जा सकता है।

लंका और रावण: बाहरी सफलता बनाम आंतरिक विजय

पुस्तक में लंका को आधुनिक अहंकार के रूपक के रूप में देखा गया है। बाहरी वैभव, शक्ति और उपलब्धियों के
बावजूद यदि व्यक्ति लगातार बढ़ती इच्छाओं और नियंत्रण की आवश्यकता से संचालित हो
रहा है, तो उसकी बाहरी सफलता
जरूरी नहीं कि आंतरिक संतुलन का संकेत हो।

इसी संदर्भ में रावण का चरित्र उस आधुनिक धारणा पर प्रश्न उठाता है कि बाहरी उपलब्धि अपने आप
आंतरिक महारत में बदल जाती है।

यह व्याख्या लंका को केवल रामायण के भूगोल का हिस्सा नहीं रहने देती, बल्कि उसे मनुष्य के भीतर
मौजूद उस मानसिक संसार के रूपक में बदल देती है जहाँ अहंकार, इच्छा और नियंत्रण की
प्रवृत्ति लगातार सक्रिय रहती है।

प्राचीन कथा, आधुनिक प्रश्न

आज जब डिजिटल जीवन, निरंतर सूचनाएँ और बढ़ती व्यस्तता मनुष्य के ध्यान और मानसिक शांति को
प्रभावित कर रही हैं, ‘Decoding The Ramayana’ रामायण के माध्यम से कुछ बुनियादी आधुनिक
प्रश्नों की ओर लौटती है:

हम अपना ध्यान किसे दे रहे हैं?
हमारी इच्छाएँ हमें
संचालित कर रही हैं या हम उन्हें?
बाहरी सफलता के पीछे
भागते हुए हम अपने भीतर क्या खो रहे हैं?
और क्या प्राचीन
ज्ञान आधुनिक मन को स्वयं को समझने का कोई नया रास्ता दे सकता है?

पुस्तक का निष्कर्ष इसी विचार के आसपास आकार लेता है कि सबसे महत्वपूर्ण संघर्ष
बाहरी दुनिया में नहीं, मनुष्य के भीतर होता है।

इस अर्थ में ‘Decoding The Ramayana’ रामायण को अतीत की स्मृति के रूप में नहीं, बल्कि आधुनिक मनुष्य के लिए
आत्म-अन्वेषण के एक जीवंत ढाँचे के रूप में पढ़ने का निमंत्रण देती है।

लेखक के बारे में

योगेश अरविंद पुराणिक शिक्षाविद्, निवेशक, लेखक और प्रबंधन नेता हैं। वे ‘The House of Anand Rathore’ और ‘The
Tides That Remember’ जैसे उपन्यासों के लेखक भी हैं।

पिछले 25 वर्षों से कॉर्पोरेट क्षेत्र में सक्रिय पुराणिक प्रबंधन और प्रोडक्ट मैनेजमेंट के
क्षेत्र में प्रमाणित हैं। उनका कार्य कॉर्पोरेट नेतृत्व और सचेतन जीवन के बीच के
संबंधों को समझने पर केंद्रित है।

वर्ष 2019 से वे संस्कारधानी जबलपुर में रह रहे हैं ]]></description>
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<pubDate>Tue, 15 Sep 2026 17:55:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Dussehra, Yogesh Arvind Puranik, book, ‘Decoding The Ramayana’</media:keywords>
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<title>सूरत शहर में &amp;apos;आइकॉनिक ग्लोरी अवार्ड्स 2026&amp;apos; का आयोजन</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/iconic-glory-awards-2026-held-in-surat-city</link>
<guid>https://hindi.nationrepubliq.com/iconic-glory-awards-2026-held-in-surat-city</guid>
<description><![CDATA[ बेहतरीन हुनर ​​वाले 50 से ज़्यादा लोगों को अवार्ड्स से सम्मानित किया गया।सूरत (गुजरात) [भारत] : हुनर, कामयाबी और बेहतरीन काम का जश्न मनाने वाला एक शानदार इवेंट—“आइकॉनिक ग्लोरी अवार्ड्स 2026”—सूरत के जहांगीरपुरा में &#039;द प्रिविलेज - रेस्टोरेंट एंड बैंक्वेट&#039; में आयोजित किया गया। इस इवेंट को &#039;आदित्य ग्लोबल आइकन्स&#039; की फाउंडर आरती एम. माल्के ने ऑर्गनाइज़ किया था। इसे गुरुकृपा विद्यालय (मोराभागल), सिटी एजुकेशन, विनफास्ट, महावीर मोबाइल, कार्मिक इवेंट्स, शौर्य एंटरप्राइजेज, माल्के एंटरप्राइजेज, डीएम लूप + लाइव लूप, मायफ्लेज इंस्टीट्यूट ऑफ एविएशन एंड हॉस्पिटैलिटी, Fnx और बिग एफएम ने स्पॉन्सर किया था।इस अवार्ड सेरेमनी का मकसद उन लोगों को बढ़ावा देना और सम्मानित करना था जिन्होंने अपने हुनर, काबिलियत और बेहतरीन योगदान से अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी खास पहचान बनाई है।हिंदी फिल्म &#039;द केरला स्टोरी&#039; की मशहूर एक्ट्रेस अदा शर्मा “आइकॉनिक ग्लोरी अवार्ड्स 2026” में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुईं। उन्होंने खुद खास लोगों को अवार्ड्स दिए। इस शानदार अवार्ड शो में हेतल पुनीवाला, कनुभाई टेलर, तरुण मिश्रा और कई दूसरे उद्योगपति और इन्फ्लुएंसर मौजूद थे, जिससे यह एक ज़बरदस्त ब्लॉकबस्टर इवेंट बन गया।खास लोगों को सम्मानित करने से उन्हें एक नई पहचान मिली, और समाज में सक्रिय दूसरे संगठनों को भी कुछ खास करने और बेहतरीन काम करने की प्रेरणा मिली। यह एक सफल सफर की बस शुरुआत थी, इसका दूसरा भाग जल्द ही आ रहा है... ]]></description>
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<pubDate>Tue, 15 Sep 2026 13:39:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>सूरत, शहर, में, आइकॉनिक, ग्लोरी, अवार्ड्स, 2026, का, आयोजन</media:keywords>
</item>

<item>
<title>जासूसी के क्षेत्र में भविष्य बनाने की राह दिखाती पुस्तक ‘हाउ टू बिकम अ डिटेक्टिव’ प्रकाशित</title>
<link>https://hindi.nationrepubliq.com/how-to-become-a-detective-a-book-on-the-future-of-espionage-published</link>
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<description><![CDATA[ जासूस और इन्वेस्टिगेटर बनने के इच्छुक युवाओं को व्यावहारिक जानकारी और सही दिशा देने का प्रयासनई दिल्ली,14 सितंबर : जासूसी और इन्वेस्टिगेशन के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए Detective Guru राहुल राय गुप्ता की पुस्तक ‘हाउ टू बिकम अ डिटेक्टिव’ प्रकाशित हो चुकी है। यह पुस्तक उन युवाओं को ध्यान में रखकर लिखी गई है, जो निजी जासूस अथवा इन्वेस्टिगेटर के रूप में कार्य करना चाहते हैं, लेकिन इस क्षेत्र में प्रवेश करने, आवश्यक कौशल विकसित करने और इसकी कार्यप्रणाली को समझने के लिए उचित मार्गदर्शन की तलाश में हैं।आमतौर पर जासूसी की दुनिया को फिल्मों, धारावाहिकों और रहस्य कथाओं के माध्यम से देखा और समझा जाता है। इसके कारण बहुत से युवाओं के मन में इस व्यवसाय को लेकर उत्सुकता तो होती है, लेकिन वास्तविक जीवन में एक जासूस का कार्य क्या होता है, इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए किन गुणों की आवश्यकता होती है और जांच-पड़ताल के दौरान किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है, इन विषयों की व्यावहारिक जानकारी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती। ‘हाउ टू बिकम अ डिटेक्टिव’ इसी कमी को दूर करने का प्रयास करती है।पुस्तक जासूसी को केवल रहस्य सुलझाने की कला के रूप में नहीं, बल्कि एक गंभीर और उत्तरदायित्वपूर्ण व्यवसाय के रूप में प्रस्तुत करती है। एक कुशल इन्वेस्टिगेटर के लिए सूक्ष्म निरीक्षण, तार्किक सोच, धैर्य, सतर्कता, गोपनीयता, प्रमाणों को समझने और परिस्थितियों का सही आकलन करने जैसे गुण महत्त्वपूर्ण होते हैं। पुस्तक में ऐसे अनेक पहलुओं को सरल और क्रमबद्ध ढंग से समझाने का प्रयास किया गया है।विशेष रूप से ऐसे युवा, जो जासूसी और इन्वेस्टिगेशन को अपने व्यवसाय के रूप में अपनाने पर विचार कर रहे हैं, इस पुस्तक के माध्यम से इस क्षेत्र की प्रकृति और उससे जुड़ी अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। यह उन्हें अपनी रुचि और क्षमताओं को परखने तथा इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रारंभिक जानकारी उपलब्ध कराती है।आज के समय में युवा परंपरागत व्यवसायों के साथ-साथ नए और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाश रहे हैं। ऐसे में निजी जांच और इन्वेस्टिगेशन का क्षेत्र भी उनकी रुचि का विषय बन रहा है। यह पुस्तक उन युवाओं को केवल आकर्षक कल्पनाओं से आगे बढ़कर इस क्षेत्र के व्यावहारिक पक्ष को समझने के लिए प्रेरित करती है।पुस्तक मूल रूप से हिंदी में लिखी गई है और इसका अंग्रेजी संस्करण भी प्रकाशित किया गया है। इस प्रकार पुस्तक को हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं के पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।‘How to Become a Detective’ का मुद्रित संस्करण और ई-पुस्तक संस्करण पाठकों के लिए उपलब्ध हैं।पुस्तक: How to Become a Detectiveलेखक: राहुल राय गुप्तामुद्रित संस्करण: https://www.amazon.in/dp/8168922204ई-पुस्तक: https://www.amazon.in/dp/B0HFTDFYPV ]]></description>
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<pubDate>Mon, 14 Sep 2026 18:31:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>छोटे बिजनेस तक एआई ऑटोमेशन पहुंचाने की दिशा में वर्क असाइन एआई की पहल</title>
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<description><![CDATA[ भोपाल (मध्य प्रदेश),14 सितंबर : तेजी से बदलती तकनीक के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई अब केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रह गई है। कस्टमर की पूछताछ, बिक्री के लिए संपर्क, मीटिंग शेड्यूल करना, कस्टमर सपोर्ट और फॉलो-अप जैसे रोजमर्रा के कामों में एआई का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए वर्क असाइन एआई छोटे और तेजी से बढ़ते बिजनेस के लिए एआई आधारित बिक्री और कस्टमर सपोर्ट ऑटोमेशन समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।आज किसी भी बिजनेस के लिए केवल नए कस्टमर तक पहुंचना ही पर्याप्त नहीं है। कस्टमर की पूछताछ का समय पर जवाब देना, संभावित कस्टमर से लगातार संपर्क बनाए रखना, मीटिंग तय करना और सही जानकारी उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। छोटे बिजनेस में कर्मचारियों की संख्या अक्सर सीमित होती है। ऐसे में इन सभी कामों को लगातार और व्यवस्थित तरीके से संभालना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।वर्क असाइन एआई का उद्देश्य इसी समस्या का तकनीक के जरिए समाधान करना है। इसके माध्यम से बिजनेस को एआई कॉलिंग एजेंट और व्हाट्सऐप एआई एजेंट जैसे टूल की मदद से कस्टमर बातचीत और संपर्क प्रक्रिया को ऑटोमेट करने की सुविधा मिलती है।एक ही सिस्टम से कई बिजनेस प्रक्रियाओं को जोड़ने की कोशिशवर्क असाइन एआई का फोकस केवल एआई कॉलिंग तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य कस्टमर के साथ होने वाली पूरी बातचीत को एक जुड़ी हुई प्रक्रिया में लाना है।इसमें एआई कॉलिंग एजेंट कस्टमर से बातचीत करने और सामान्य सवालों का जवाब देने में मदद कर सकता है। वहीं व्हाट्सऐप एआई एजेंट व्हाट्सऐप पर कस्टमर से बातचीत, जानकारी साझा करने और फॉलो-अप जैसे कामों में सहायता कर सकता है।बिजनेस के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा ऑटोमेटेड फॉलो-अप भी है। अगर किसी कस्टमर ने पूछताछ की, लेकिन उसी समय खरीदारी या बुकिंग नहीं की, तो तय प्रक्रिया के अनुसार एआई उसके साथ दोबारा संपर्क करने में मदद कर सकता है। इससे सेल्स टीम के लिए हर संभावित कस्टमर को अलग-अलग याद रखना और लगातार फॉलो-अप करना आसान हो सकता है।इसी तरह मीटिंग शेड्यूलिंग और ऑटोमेटेड रिमाइंडर उन बिजनेस के लिए उपयोगी हो सकते हैं, जहां कस्टमर को पहले से समय लेना पड़ता है। हेल्थ सर्विस, जिम, सैलून, कंसल्टिंग, शिक्षा, प्रॉपर्टी और अन्य सर्विस आधारित बिजनेस में समय का सही मैनेजमेंट रोजमर्रा की बड़ी जरूरत है।फोन और व्हाट्सऐप के बीच बेहतर कनेक्शनआज कस्टमर अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग माध्यमों से बिजनेस से संपर्क करते हैं। कई लोग पहले फोन पर बात करना पसंद करते हैं, जबकि कई कस्टमर व्हाट्सऐप से बातचीत शुरू करते हैं।वर्क असाइन एआई में कॉल से व्हाट्सऐप जैसे वर्कफ्लो के जरिए फोन पर हुई बातचीत के बाद कस्टमर को व्हाट्सऐप पर जरूरी जानकारी भेजने की सुविधा विकसित की जा रही है। इसमें प्रोडक्ट की जानकारी, सर्विस का विवरण, कीमत, लोकेशन या अन्य जरूरी बिजनेस जानकारी साझा की जा सकती है।दूसरी ओर, अगर कोई कस्टमर व्हाट्सऐप पर बातचीत शुरू करता है और उसे आवाज के जरिए बात करने की जरूरत होती है, तो व्हाट्सऐप से एआई कॉलिंग एजेंट जैसे वर्कफ्लो के जरिए उसे एआई कॉलिंग अनुभव से जोड़ा जा सकता है।इस तरह बिजनेस के लिए अलग-अलग कम्युनिकेशन चैनल को एक साथ मैनेज करना आसान हो सकता है।ऑर्डर और कस्टमर सपोर्ट में भी एआई की भूमिकाकई बिजनेस में कस्टमर की पूछताछ के साथ-साथ ऑर्डर से जुड़ी बातचीत में भी काफी समय लगता है। कुछ स्थितियों में एआई कस्टमर से जरूरी जानकारी लेने, ऑर्डर से जुड़ी डिटेल इकट्ठा करने और आगे की प्रक्रिया में मदद करने के लिए उपयोगी हो सकता है।इससे सेल्स और कस्टमर सपोर्ट टीम को बार-बार होने वाली सामान्य बातचीत पर कम समय खर्च करना पड़ सकता है। वे अधिक महत्वपूर्ण कस्टमर संबंधों और जटिल मामलों पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकती हैं।हालांकि एआई का उद्देश्य हर स्थिति में इंसानी कर्मचारियों की जगह लेना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य बार-बार होने वाले और नियमित कामों को ऑटोमेट करके बिजनेस की कार्यक्षमता, प्रतिक्रिया समय और कस्टमर बातचीत को बेहतर बनाना है।पांच वर्षों के अनुभव के साथ विरॉक्स समूहवर्क असाइन एआई, विरॉक्स सॉफ्टवेयर की तकनीकी पहल है। यह समूह पिछले लगभग पांच वर्षों से अलग-अलग क्षेत्रों में बिजनेस और तकनीक से जुड़े समाधान विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।विरॉक्स समूह के अंतर्गत विरॉक्स सॉफ्टवेयर, विरॉक्स वर्कअसाइन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड और डिग्निटी फूड किचन जैसे उपक्रम शामिल हैं। इन उपक्रमों का काम अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ा है, जिससे समूह का अनुभव केवल एक इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है।विरॉक्स सॉफ्टवेयर का फोकस सॉफ्टवेयर और तकनीकी समाधानों पर है, जबकि विरॉक्स वर्कअसाइन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड का मुख्य ध्यान एआई, बिजनेस ऑटोमेशन, बिक्री और कस्टमर सपोर्ट पर है। वहीं डिग्निटी फूड किचन फूड और फूड सर्विस क्षेत्र में काम कर रहा है।संस्थापक धर्मेंद्र वीर सिलावट की अलग यात्राविरॉक्स समूह के संस्थापक धर्मेंद्र वीर सिलावट का प्रोफेशनल सफर भी तकनीकी क्षेत्र के सामान्य करियर से अलग रहा है।उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शेफ के रूप में की। इसके बाद उन्होंने फाइनेंस और बैंकिंग क्षेत्र में काम किया और बैंक मैनेजर के रूप में भी अनुभव हासिल किया।बाद में उनकी रुचि तकनीक की ओर बढ़ी और उन्होंने कोडिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और तकनीकी समाधान के क्षेत्र में काम करना शुरू किया। इस तरह उनके प्रोफेशनल अनुभव में हॉस्पिटैलिटी, बैंकिंग, फाइनेंस, कोडिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और उद्यमिता जैसे अलग-अलग क्षेत्र शामिल रहे हैं।इन अलग-अलग क्षेत्रों को समझने का अनुभव उनके तकनीकी उपक्रमों में भी दिखाई देता है। उनका फोकस ऐसी तकनीक विकसित करने पर है, जो केवल तकनीकी रूप से उन्नत न हो, बल्कि वास्तविक बिजनेस समस्याओं को समझकर उनका समाधान करने में भी मदद करे।छोटे बिजनेस के लिए एआई का अगला कद ]]></description>
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<pubDate>Mon, 14 Sep 2026 14:06:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
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<title>माधुरी हाथिनी ने वंतारा में उपचार पूरा किया, एक वर्ष से अधिक समय तक चले विशेष उपचार और स्वास्थ्य लाभ के बाद महाराष्ट्र लौटी</title>
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<description><![CDATA[ एडवांस्ड आर्थराइटिस, क्रॉनिक फुट रॉट, गंभीर गतिशीलता संबंधी समस्याओं और अत्यधिक आघात से उबरने के बाद, माधुरी कोल्हापुर लौट रही है, जहाँ वह तीन दशकों से अधिक समय से रह रही है

माधुरी, वह हाथिनी जिसे वंतारा द्वारा बचाए जाने के बाद विशेष चिकित्सा देखभाल के लिए जामनगर स्थित वन्यजीव पुनर्वास एवं संरक्षण केंद्र वंतारा लाया गया था, ने एक वर्ष से अधिक समय तक उपचार और पुनर्वास पूरा कर लिया है और अब वह महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित नंदानी मठ लौटने के लिए तैयार है। जब माधुरी वंतारा पहुंची थी, तब वह एडवांस्ड आर्थराइटिस, क्रॉनिक फुट रॉट और गंभीर गतिशीलता संबंधी समस्याओं से पीड़ित थी। ये समस्याएं वर्षों तक सीमित गतिविधियों और लंबे समय तक कठोर कंक्रीट सतहों पर रहने के कारण विकसित हुई थीं। लंबे समय तक जंजीरों से बंधे रहने के कारण उसकी प्राकृतिक गतिविधियां और भी सीमित हो गई थीं, जिससे उसके जोड़ों में जकड़न और गतिशीलता संबंधी चुनौतियां बढ़ गई थीं। अपनी स्थिति के बावजूद, उससे त्योहारों और सार्वजनिक जुलूसों में लगातार हिस्सा लिया जाता रहा, जिसमें रस्सियों से बंधी अवस्था में गर्म डामर की सड़कों पर लंबी दूरी तक चलाया जाना भी शामिल था।

अंत अंबानी के मार्गदर्शन में वंतारा में माधुरी को एक बहु-विषयक टीम द्वारा व्यापक और विशेष देखभाल प्रदान की गई, जिसमें उसके शारीरिक स्वास्थ्य, गतिशीलता और भावनात्मक कल्याण को बहाल करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

पिछले एक वर्ष के दौरान वंतारा में माधुरी एक बहु-विषयक टीम के नेतृत्व में एक गहन पुनर्वास कार्यक्रम से गुजरी, जिसमें पशु चिकित्सक, देखभालकर्ता, पोषण विशेषज्ञ और व्यवहार विशेषज्ञ शामिल थे। उसके उपचार में हाइड्रोथेरेपी, लेजर थेरेपी, लक्षित पोषण, विशेष फुट केयर और निरंतर निगरानी शामिल थी। इसका मुख्य उद्देश्य उसकी गतिशीलता में सुधार करना, उसकी पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित करना और उसके समग्र स्वास्थ्य को बहाल करना था।

उसके शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार के अलावा, माधुरी को भावनात्मक पुनर्वास की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ा। वंतारा में उसे सुरक्षित और समृद्ध वातावरण में अन्य हाथियों के साथ बातचीत करने और उनके साथ संबंध बनाने का अवसर दिया गया। इस सामाजिक संगति ने वर्षों तक सीमित गतिविधियों और कैद में रहने के बाद उसकी भावनात्मक स्थिरता और सुरक्षा की भावना को फिर से हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उसकी वापसी सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त हाई पावर्ड कमेटी (HPC) के आकलन के बाद हो रही है, जिसने माधुरी के बेहतर स्वास्थ्य की समीक्षा की। इस आकलन के बाद, गुजरात से महाराष्ट्र तक उसके स्थानांतरण के लिए आवश्यक मंजूरियां और ट्रांजिट परमिट प्रदान किए गए।

माधुरी अपनी यात्रा वंतारा से एक विशेष रूप से सुसज्जित हाथी एंबुलेंस में शुरू करेगी। उसके साथ वंतारा की पशु चिकित्सा और देखभाल टीम के सदस्य भी होंगे, ताकि पूरी यात्रा के दौरान उसके आराम, सुरक्षा और निरंतर चिकित्सकीय निगरानी को सुनिश्चित किया जा सके। माधुरी की वापसी केवल एक वर्ष से अधिक समय तक चले चिकित्सा उपचार और स्वास्थ्य लाभ की यात्रा के पूरा होने का प्रतीक नहीं है। कोल्हापुर में माधुरी की वापसी वंतारा की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। माधुरी के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, अंत अंबानी ने सुनिश्चित किया कि वंतारा में उसे व्यापक चिकित्सा उपचार और पुनर्वास मिले। उसके स्वास्थ्य और सुधार के गहन आकलन के बाद, माधुरी को अब यात्रा के लिए फिट घोषित किया गया है और वह कोल्हापुर लौटने के लिए तैयार है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 12 Sep 2026 17:49:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Madhuri Elephant, completes treatment, Vantara, returns to Maharashtra, special treatment and recovery</media:keywords>
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<title>इन्फ्लुएंसर्स और मॉडल्स अब क्रिकेट के मैदान में, CCL सीजन 2 सितंबर अंत में</title>
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<description><![CDATA[ CCL सीजन 2: जयपुर में 26-27 सितंबर 2026 को क्रिएटर्स क्रिकेट लीग, 5 टीमें, 16 मैच, 80+ क्रिएटर्स रजिस्टर्ड। Nexor Marketing, Sangri Internet व Impact Physio पार्टनर। पूरी डिटेल यहां पढ़ें। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 11 Sep 2026 16:36:16 +0530</pubDate>
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<media:keywords>Creators Cricket League Season 2, CCL Jaipur 2026, Rajasthan Creator Cricket Tournament, Rara Sports Entertainment, Influencer Cricket League Jaipur</media:keywords>
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<title>जब भूख ने शब्दों का स्वर धारण किया, तब जन्मा युग&amp;ग्रंथ</title>
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<description><![CDATA[ &quot;मैं भूख हूँ&quot;

 

विश्व का प्रथम त्रि-आयामी गीत-महाग्रंथ

(गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में
दर्ज)

 

हर युग की अपनी एक भूख होती है। कभी
वह रोटी की होती है, कभी न्याय की; कभी सम्मान की, कभी मनुष्यता की। सभ्यताएँ बदलती
रहती हैं, किन्तु मनुष्य की यह भूख उसके साथ चलती रहती है। साहित्य का धर्म इसी अदृश्य
भूख को शब्द देना है। &quot;मैं भूख हूँ&quot; उसी शाश्वत मानवीय प्रश्न का एक युग-ग्रंथ
है।

 

यह केवल गीतों का संग्रह नहीं, न ही
कविताओं का साधारण संकलन। यह उस भूख की महागाथा है, जो किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि
समूचे समाज, समूचे राष्ट्र और समूची मानवता की साझा अनुभूति है। यह भूख कभी रोटी की
है, कभी सम्मान की; कभी न्याय की है, कभी प्रेम की; कभी अवसर की है, तो कभी आत्मसम्मान
की। यही कारण है कि इस महाग्रंथ में &quot;भूख&quot; किसी विषय के रूप में नहीं, बल्कि
एक जीवंत महा-नायिका के रूप में उपस्थित होती है।

 

प्रख्यात गीतकार, कवि, साहित्यकार एवं
शिक्षाविद् डॉ. अवनीश राही की यह नवीनतम कृति हिंदी साहित्य में एक नए अध्याय का उद्घाटन
करती है। चार दशकों से अधिक समय की सतत साहित्य-साधना, जनजीवन के निकट अनुभव और मानवीय
संवेदनाओं की गहरी समझ इस महाग्रंथ के प्रत्येक पृष्ठ पर स्पंदित होती है। यह पुस्तक
किसी कल्पना का परिणाम नहीं, बल्कि जीवन की धूप, धूल, आँसू, संघर्ष, श्रम और आशा में
तपकर निकली चार दशकों से अधिक की साहित्य-साधना का सार है।

 

इस कृति की सबसे बड़ी विशेषता इसका त्रि-आयामी
स्वरूप है। इसे केवल पढ़ा ही नहीं जा सकता, बल्कि प्रत्येक रचना को क्यूआर कोड के माध्यम
से सुना और देखा भी जा सकता है। इस प्रकार साहित्य पहली बार पठनीय, श्रवणीय और दर्शनीय—तीनों
रूपों में एक साथ पाठक के सामने उपस्थित होता है। यही अभिनव प्रयोग इसे विश्व के प्रथम
त्रि-आयामी गीत-महाग्रंथ के रूप में विशिष्ट पहचान प्रदान करता है, जिसे गोल्डन बुक
ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई है।

 

किन्तु इस कृति की वास्तविक शक्ति किसी
विश्व रिकॉर्ड में नहीं, बल्कि उस विचार में निहित है, जो पाठक को स्वयं से प्रश्न
करने के लिए विवश करता है।

 

आज जब विकास के अनेक दावों के बीच करोड़ों
लोगों के जीवन में भूख अनेक रूपों में उपस्थित है, तब &quot;मैं भूख हूँ&quot; पाठक
से एक असहज किन्तु आवश्यक प्रश्न पूछती है—क्या भूख केवल पेट की होती है? यदि नहीं,
तो क्या सम्मान की भूख, न्याय की भूख, प्रेम की भूख, शिक्षा की भूख और समान अवसर की
भूख भी उतनी ही वास्तविक नहीं है?

 

यही प्रश्न इस महाग्रंथ को सामान्य साहित्य
से अलग खड़ा करते हैं। इसकी प्रत्येक रचना पाठक को उत्तर नहीं देती; वह उसे सोचने,
महसूस करने और स्वयं से संवाद करने के लिए प्रेरित करती है।

 

डॉ. अवनीश राही ने भूख को केवल करुणा
का प्रतीक नहीं बनाया, बल्कि उसे संघर्ष का स्वर, श्रम का सम्मान, संवेदना की कसौटी
और राष्ट्र-निर्माण का मूल प्रश्न बना दिया है। उनके लिए राष्ट्र केवल सीमाओं का भूगोल
नहीं, बल्कि मनुष्यता की जीवंत चेतना है। वह किसान की हथेली में अंकुरित होता है, मजदूर
के पसीने में आकार लेता है, माँ की थाली में संस्कार बनता है और युवा के सपनों में
अपना भविष्य गढ़ता है। इसलिए &quot;मैं भूख हूँ&quot; केवल भूख की कथा नहीं कहती, बल्कि
उस राष्ट्र की अंतरात्मा को स्वर देती है, जिसकी वास्तविक शक्ति उसके लोगों की गरिमा,
संवेदना, श्रम और सम्मान में निहित होती है।

 

इसी कारण यह महाग्रंथ केवल साहित्यिक
आनंद नहीं देता, बल्कि सामाजिक चेतना को भी झकझोरता है। इसकी भाषा सरल होते हुए भी
गंभीर है और उसका प्रभाव तत्काल नहीं, बल्कि धीरे-धीरे पाठक के भीतर उतरता है। यह पाठक
को उत्तर नहीं थमाता, बल्कि उसे अपने समय, अपने समाज और अपने उत्तरदायित्व से संवाद
करने की प्रेरणा देता है।

 

समकालीन हिंदी साहित्य के परिप्रेक्ष्य
में &quot;मैं भूख हूँ&quot; उन विरल कृतियों में अपना विशिष्ट स्थान रखती है, जो कविता
को जीवन से और जीवन को राष्ट्र की व्यापक संवेदना से जोड़ती हैं। यह पुस्तक किसी विचारधारा
का घोषणापत्र नहीं, बल्कि मनुष्यता के पक्ष में खड़ा एक साहित्यिक दस्तावेज़ है।

 

डॉ. अवनीश राही का साहित्य सदैव मनुष्य
की गरिमा, श्रम की प्रतिष्ठा और संवेदना की शक्ति का पक्षधर रहा है। उनकी रचनाओं में
शब्द केवल अलंकार नहीं बनते, बल्कि समाज के मौन वर्गों की आवाज़ बनकर उभरते हैं।
&quot;मैं भूख हूँ&quot; उसी दीर्घ साहित्यिक यात्रा का परिपक्व और ऊर्जस्वित शिखर
है।

 

यह महाग्रंथ हमें यह भी स्मरण कराता
है कि किसी राष्ट्र की वास्तविक समृद्धि केवल उसकी ऊँची इमारतों, विस्तृत सड़कों या
आर्थिक आँकड़ों से नहीं मापी जा सकती। किसी राष्ट्र की सबसे बड़ी पहचान यह है कि वहाँ
कितने चेहरे सम्मानपूर्वक मुस्कुरा पा रहे हैं और कितनी थालियाँ बिना भय और अभाव के
भर पा रही हैं।

 

इसीलिए &quot;मैं भूख हूँ&quot; केवल
पढ़ने की पुस्तक नहीं, बल्कि अनुभव करने की कृति; केवल साहित्य नहीं, बल्कि आत्ममंथन
का अवसर; केवल गीत नहीं, बल्कि समय की धड़कनों का दस्तावेज़ है।

 

डॉ. अवनीश राही अपने इस महाग्रंथ के
भाव को अत्यंत संक्षेप में इन शब्दों में व्यक्त करते हैं—

 

 &quot;जहाँ भूख है—वहाँ मैं हूँ।

जहाँ मैं हूँ—वहाँ सुलगते प्रश्न हैं।&quot;

            — डॉ. अवनीश राही

 

आज जब साहित्य से केवल मनोरंजन नहीं,
बल्कि मनुष्य और समाज के बीच नए संवाद की अपेक्षा की जा रही है, तब &quot;मैं भूख हूँ&quot;
एक ऐसे महाग्रंथ के रूप में सामने आती है, जो शब्दों को संवेदना से, संवेदना को विचार
से और विचार को राष्ट्र की आत्मा से जोड़ने का साहस रखती है। यह केवल एक पुस्तक नहीं,
बल्कि हमारे समय की अंतरात्मा से किया गया एक गंभीर, मानवीय और साहित्यिक संवाद है।
संभवतः इसी कारण &quot;मैं भूख हूँ&quot; अपने पाठकों से केवल पढ़े जाने  ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Sep 2026 21:12:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>Mamta Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>&quot;I am hunger&quot;, the epoch-book born</media:keywords>
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