शिवराजपुर बीच पर फेमिना स्टार्स का रोमांचक दौरा
फेमिना मिस इंडिया 2023-24 रनर्स-अप ने शिवराजपुर के जेट स्की, स्कूबा और शांत समुद्र तल का अनुभव कर गुजरात टूरिज्म की तारीफ की।
गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में बसा शिवराजपुर बीच एक बार फिर चर्चा में आया, जब फेमिना मिस इंडिया 2023 की फर्स्ट रनर-अप श्रेया पूंजा और 2024 की फर्स्ट रनर-अप रेखा पांडे ने इस ब्लू फ्लैग प्रमाणित तट का दौरा किया। राज्य का यह पहला अंतरराष्ट्रीय स्तर का ब्लू फ्लैग बीच न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षा और व्यवस्थित प्रबंधन के लिए भी एक मिसाल पेश करता है।
द्वारका से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित शिवराजपुर ने 2020 में फाउंडेशन फॉर एनवायरनमेंटल एजुकेशन (FEE) से ब्लू फ्लैग सर्टिफिकेशन हासिल किया था। यह प्रमाणन विश्व स्तर पर सबसे प्रतिष्ठित बीच मानकों में से एक है, जो 33 सख्त मानदंडों—जल की गुणवत्ता, सफाई, लाइफगार्ड सेवाएं, आपातकालीन सुविधाएं, पर्यावरण शिक्षा और पारिस्थितिकी संरक्षण—पर आधारित होता है। प्रमाणन हर साल नवीनीकरण के अधीन रहता है, जिससे बीच की गुणवत्ता लगातार बनी रहती है।
श्रेया और रेखा ने बीच पर पहुंचकर इसके सुनहरे रेत के विस्तार, पारदर्शी पानी और शांत समुद्र तल को नजदीक से महसूस किया। यहां रोमांच और शांति का अनोखा संतुलन दिखाई देता है। निर्धारित जोन में जेट स्कीइंग जैसी एडवेंचर गतिविधियां चलती हैं, जबकि सुरक्षित स्विमिंग एरिया और वॉकिंग पाथ परिवारों और शांतिप्रिय पर्यटकों के लिए अलग से तैयार हैं। लाइफगार्ड, साइनेज और पर्यावरण सूचना बोर्ड हर कदम पर सुरक्षा और जागरूकता सुनिश्चित करते हैं। बीच का खुला और अनक्लटर लुक फिल्मकारों और डिजिटल क्रिएटर्स को भी खूब भाता है।
रेखा पांडे ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “यहाँ एक अलग ही ऊर्जा महसूस होती है। एडवेंचर एक्टिविटीज़ का मज़ा है, लेकिन साथ ही सुरक्षा और अनुशासन भी दिखाई देता है। मैं सोच सकती हूँ कि भविष्य में यहाँ बीच कॉन्सर्ट्स और सांस्कृतिक कार्यक्रम कितने शानदार लगेंगे।” उनकी यह टिप्पणी बीच के विकास योजनाओं से सीधे जुड़ती है। अधिकारियों ने एम्फीथिएटर और बड़े इवेंट ग्राउंड बनाने की योजना बनाई है, जिससे शिवराजपुर भविष्य में सांस्कृतिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
श्रेया पूंजा ने बीच की दूरदर्शिता पर प्रकाश डालते हुए कहा, “भारत में इतने साफ और खुले समुद्र तट कम देखने को मिलते हैं। शिवराजपुर भविष्य की संभावनाओं से भरा हुआ लगता है।” उनकी बातें इस बात को रेखांकित करती हैं कि गुजरात टूरिज्म सस्टेनेबल और अनुभव-आधारित पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, जहां प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं।
शिवराजपुर की लोकप्रियता उसकी रणनीतिक स्थिति से भी बढ़ती है। निकटवर्ती बेट द्वारका में भगवान कृष्ण का प्रसिद्ध मंदिर है, जिस तक पहुंच अब सुधारण सेतु (फरवरी 2024 में उद्घाटित, भारत का सबसे लंबा केबल-स्टे ब्रिज) के कारण काफी आसान हो गई है। पास ही मधवपुर का सांस्कृतिक और पौराणिक महत्व यात्रियों को आध्यात्मिकता और समुद्री विश्राम का दुर्लभ संयोजन देता है।
गुजरात टूरिज्म का यह प्रयास दर्शाता है कि सस्टेनेबिलिटी, सुरक्षा और दूरदर्शी योजना से एक स्थानीय तट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहचान मिल सकती है। श्रेया और रेखा जैसी हस्तियों का दौरा न केवल बीच की मौजूदा खूबसूरती को उजागर करता है, बल्कि इसके सांस्कृतिक और पर्यटन क्षमता को भी व्यापक दर्शकों तक पहुंचाता है।
जब डूबते सूरज की सुनहरी किरणें अरब सागर पर बिखरती हैं, शिवराजपुर बीच गुजरात के उभरते तटीय पर्यटन की नई पहचान बनकर उभरता है—एक ऐसा स्थान जहां रोमांच, शांति, सस्टेनेबिलिटी और सांस्कृतिक संभावनाएं एक साथ फल-फूल रही हैं। यह बीच न केवल पर्यटकों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल प्रस्तुत करता है।
Mamta Choudhary