छोटे बिजनेस तक एआई ऑटोमेशन पहुंचाने की दिशा में वर्क असाइन एआई की पहल

भोपाल (मध्य प्रदेश),14 सितंबर : तेजी से बदलती तकनीक के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई अब केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रह गई है। कस्टमर की पूछताछ, बिक्री के लिए संपर्क, मीटिंग शेड्यूल करना, कस्टमर सपोर्ट और फॉलो-अप जैसे रोजमर्रा के कामों में एआई का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए वर्क असाइन एआई छोटे और तेजी से बढ़ते बिजनेस के लिए एआई आधारित बिक्री और कस्टमर सपोर्ट ऑटोमेशन समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।आज किसी भी बिजनेस के लिए केवल नए कस्टमर तक पहुंचना ही पर्याप्त नहीं है। कस्टमर की पूछताछ का समय पर जवाब देना, संभावित कस्टमर से लगातार संपर्क बनाए रखना, मीटिंग तय करना और सही जानकारी उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। छोटे बिजनेस में कर्मचारियों की संख्या अक्सर सीमित होती है। ऐसे में इन सभी कामों को लगातार और व्यवस्थित तरीके से संभालना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।वर्क असाइन एआई का उद्देश्य इसी समस्या का तकनीक के जरिए समाधान करना है। इसके माध्यम से बिजनेस को एआई कॉलिंग एजेंट और व्हाट्सऐप एआई एजेंट जैसे टूल की मदद से कस्टमर बातचीत और संपर्क प्रक्रिया को ऑटोमेट करने की सुविधा मिलती है।एक ही सिस्टम से कई बिजनेस प्रक्रियाओं को जोड़ने की कोशिशवर्क असाइन एआई का फोकस केवल एआई कॉलिंग तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य कस्टमर के साथ होने वाली पूरी बातचीत को एक जुड़ी हुई प्रक्रिया में लाना है।इसमें एआई कॉलिंग एजेंट कस्टमर से बातचीत करने और सामान्य सवालों का जवाब देने में मदद कर सकता है। वहीं व्हाट्सऐप एआई एजेंट व्हाट्सऐप पर कस्टमर से बातचीत, जानकारी साझा करने और फॉलो-अप जैसे कामों में सहायता कर सकता है।बिजनेस के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा ऑटोमेटेड फॉलो-अप भी है। अगर किसी कस्टमर ने पूछताछ की, लेकिन उसी समय खरीदारी या बुकिंग नहीं की, तो तय प्रक्रिया के अनुसार एआई उसके साथ दोबारा संपर्क करने में मदद कर सकता है। इससे सेल्स टीम के लिए हर संभावित कस्टमर को अलग-अलग याद रखना और लगातार फॉलो-अप करना आसान हो सकता है।इसी तरह मीटिंग शेड्यूलिंग और ऑटोमेटेड रिमाइंडर उन बिजनेस के लिए उपयोगी हो सकते हैं, जहां कस्टमर को पहले से समय लेना पड़ता है। हेल्थ सर्विस, जिम, सैलून, कंसल्टिंग, शिक्षा, प्रॉपर्टी और अन्य सर्विस आधारित बिजनेस में समय का सही मैनेजमेंट रोजमर्रा की बड़ी जरूरत है।फोन और व्हाट्सऐप के बीच बेहतर कनेक्शनआज कस्टमर अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग माध्यमों से बिजनेस से संपर्क करते हैं। कई लोग पहले फोन पर बात करना पसंद करते हैं, जबकि कई कस्टमर व्हाट्सऐप से बातचीत शुरू करते हैं।वर्क असाइन एआई में कॉल से व्हाट्सऐप जैसे वर्कफ्लो के जरिए फोन पर हुई बातचीत के बाद कस्टमर को व्हाट्सऐप पर जरूरी जानकारी भेजने की सुविधा विकसित की जा रही है। इसमें प्रोडक्ट की जानकारी, सर्विस का विवरण, कीमत, लोकेशन या अन्य जरूरी बिजनेस जानकारी साझा की जा सकती है।दूसरी ओर, अगर कोई कस्टमर व्हाट्सऐप पर बातचीत शुरू करता है और उसे आवाज के जरिए बात करने की जरूरत होती है, तो व्हाट्सऐप से एआई कॉलिंग एजेंट जैसे वर्कफ्लो के जरिए उसे एआई कॉलिंग अनुभव से जोड़ा जा सकता है।इस तरह बिजनेस के लिए अलग-अलग कम्युनिकेशन चैनल को एक साथ मैनेज करना आसान हो सकता है।ऑर्डर और कस्टमर सपोर्ट में भी एआई की भूमिकाकई बिजनेस में कस्टमर की पूछताछ के साथ-साथ ऑर्डर से जुड़ी बातचीत में भी काफी समय लगता है। कुछ स्थितियों में एआई कस्टमर से जरूरी जानकारी लेने, ऑर्डर से जुड़ी डिटेल इकट्ठा करने और आगे की प्रक्रिया में मदद करने के लिए उपयोगी हो सकता है।इससे सेल्स और कस्टमर सपोर्ट टीम को बार-बार होने वाली सामान्य बातचीत पर कम समय खर्च करना पड़ सकता है। वे अधिक महत्वपूर्ण कस्टमर संबंधों और जटिल मामलों पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकती हैं।हालांकि एआई का उद्देश्य हर स्थिति में इंसानी कर्मचारियों की जगह लेना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य बार-बार होने वाले और नियमित कामों को ऑटोमेट करके बिजनेस की कार्यक्षमता, प्रतिक्रिया समय और कस्टमर बातचीत को बेहतर बनाना है।पांच वर्षों के अनुभव के साथ विरॉक्स समूहवर्क असाइन एआई, विरॉक्स सॉफ्टवेयर की तकनीकी पहल है। यह समूह पिछले लगभग पांच वर्षों से अलग-अलग क्षेत्रों में बिजनेस और तकनीक से जुड़े समाधान विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।विरॉक्स समूह के अंतर्गत विरॉक्स सॉफ्टवेयर, विरॉक्स वर्कअसाइन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड और डिग्निटी फूड किचन जैसे उपक्रम शामिल हैं। इन उपक्रमों का काम अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ा है, जिससे समूह का अनुभव केवल एक इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है।विरॉक्स सॉफ्टवेयर का फोकस सॉफ्टवेयर और तकनीकी समाधानों पर है, जबकि विरॉक्स वर्कअसाइन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड का मुख्य ध्यान एआई, बिजनेस ऑटोमेशन, बिक्री और कस्टमर सपोर्ट पर है। वहीं डिग्निटी फूड किचन फूड और फूड सर्विस क्षेत्र में काम कर रहा है।संस्थापक धर्मेंद्र वीर सिलावट की अलग यात्राविरॉक्स समूह के संस्थापक धर्मेंद्र वीर सिलावट का प्रोफेशनल सफर भी तकनीकी क्षेत्र के सामान्य करियर से अलग रहा है।उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शेफ के रूप में की। इसके बाद उन्होंने फाइनेंस और बैंकिंग क्षेत्र में काम किया और बैंक मैनेजर के रूप में भी अनुभव हासिल किया।बाद में उनकी रुचि तकनीक की ओर बढ़ी और उन्होंने कोडिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और तकनीकी समाधान के क्षेत्र में काम करना शुरू किया। इस तरह उनके प्रोफेशनल अनुभव में हॉस्पिटैलिटी, बैंकिंग, फाइनेंस, कोडिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और उद्यमिता जैसे अलग-अलग क्षेत्र शामिल रहे हैं।इन अलग-अलग क्षेत्रों को समझने का अनुभव उनके तकनीकी उपक्रमों में भी दिखाई देता है। उनका फोकस ऐसी तकनीक विकसित करने पर है, जो केवल तकनीकी रूप से उन्नत न हो, बल्कि वास्तविक बिजनेस समस्याओं को समझकर उनका समाधान करने में भी मदद करे।छोटे बिजनेस के लिए एआई का अगला कद

छोटे बिजनेस तक एआई ऑटोमेशन पहुंचाने की दिशा में वर्क असाइन एआई की पहल
छोटे बिजनेस तक एआई ऑटोमेशन पहुंचाने की दिशा में वर्क असाइन एआई की पहल

भोपाल (मध्य प्रदेश),14 सितंबर : तेजी से बदलती तकनीक के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई अब केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रह गई है। कस्टमर की पूछताछ, बिक्री के लिए संपर्क, मीटिंग शेड्यूल करना, कस्टमर सपोर्ट और फॉलो-अप जैसे रोजमर्रा के कामों में एआई का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए वर्क असाइन एआई छोटे और तेजी से बढ़ते बिजनेस के लिए एआई आधारित बिक्री और कस्टमर सपोर्ट ऑटोमेशन समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।

आज किसी भी बिजनेस के लिए केवल नए कस्टमर तक पहुंचना ही पर्याप्त नहीं है। कस्टमर की पूछताछ का समय पर जवाब देना, संभावित कस्टमर से लगातार संपर्क बनाए रखना, मीटिंग तय करना और सही जानकारी उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। छोटे बिजनेस में कर्मचारियों की संख्या अक्सर सीमित होती है। ऐसे में इन सभी कामों को लगातार और व्यवस्थित तरीके से संभालना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

वर्क असाइन एआई का उद्देश्य इसी समस्या का तकनीक के जरिए समाधान करना है। इसके माध्यम से बिजनेस को एआई कॉलिंग एजेंट और व्हाट्सऐप एआई एजेंट जैसे टूल की मदद से कस्टमर बातचीत और संपर्क प्रक्रिया को ऑटोमेट करने की सुविधा मिलती है।

एक ही सिस्टम से कई बिजनेस प्रक्रियाओं को जोड़ने की कोशिश

वर्क असाइन एआई का फोकस केवल एआई कॉलिंग तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य कस्टमर के साथ होने वाली पूरी बातचीत को एक जुड़ी हुई प्रक्रिया में लाना है।

इसमें एआई कॉलिंग एजेंट कस्टमर से बातचीत करने और सामान्य सवालों का जवाब देने में मदद कर सकता है। वहीं व्हाट्सऐप एआई एजेंट व्हाट्सऐप पर कस्टमर से बातचीत, जानकारी साझा करने और फॉलो-अप जैसे कामों में सहायता कर सकता है।

बिजनेस के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा ऑटोमेटेड फॉलो-अप भी है। अगर किसी कस्टमर ने पूछताछ की, लेकिन उसी समय खरीदारी या बुकिंग नहीं की, तो तय प्रक्रिया के अनुसार एआई उसके साथ दोबारा संपर्क करने में मदद कर सकता है। इससे सेल्स टीम के लिए हर संभावित कस्टमर को अलग-अलग याद रखना और लगातार फॉलो-अप करना आसान हो सकता है।

इसी तरह मीटिंग शेड्यूलिंग और ऑटोमेटेड रिमाइंडर उन बिजनेस के लिए उपयोगी हो सकते हैं, जहां कस्टमर को पहले से समय लेना पड़ता है। हेल्थ सर्विस, जिम, सैलून, कंसल्टिंग, शिक्षा, प्रॉपर्टी और अन्य सर्विस आधारित बिजनेस में समय का सही मैनेजमेंट रोजमर्रा की बड़ी जरूरत है।

 

फोन और व्हाट्सऐप के बीच बेहतर कनेक्शन

आज कस्टमर अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग माध्यमों से बिजनेस से संपर्क करते हैं। कई लोग पहले फोन पर बात करना पसंद करते हैं, जबकि कई कस्टमर व्हाट्सऐप से बातचीत शुरू करते हैं।

वर्क असाइन एआई में कॉल से व्हाट्सऐप जैसे वर्कफ्लो के जरिए फोन पर हुई बातचीत के बाद कस्टमर को व्हाट्सऐप पर जरूरी जानकारी भेजने की सुविधा विकसित की जा रही है। इसमें प्रोडक्ट की जानकारी, सर्विस का विवरण, कीमत, लोकेशन या अन्य जरूरी बिजनेस जानकारी साझा की जा सकती है।

दूसरी ओर, अगर कोई कस्टमर व्हाट्सऐप पर बातचीत शुरू करता है और उसे आवाज के जरिए बात करने की जरूरत होती है, तो व्हाट्सऐप से एआई कॉलिंग एजेंट जैसे वर्कफ्लो के जरिए उसे एआई कॉलिंग अनुभव से जोड़ा जा सकता है।

इस तरह बिजनेस के लिए अलग-अलग कम्युनिकेशन चैनल को एक साथ मैनेज करना आसान हो सकता है।

ऑर्डर और कस्टमर सपोर्ट में भी एआई की भूमिका

कई बिजनेस में कस्टमर की पूछताछ के साथ-साथ ऑर्डर से जुड़ी बातचीत में भी काफी समय लगता है। कुछ स्थितियों में एआई कस्टमर से जरूरी जानकारी लेने, ऑर्डर से जुड़ी डिटेल इकट्ठा करने और आगे की प्रक्रिया में मदद करने के लिए उपयोगी हो सकता है।

इससे सेल्स और कस्टमर सपोर्ट टीम को बार-बार होने वाली सामान्य बातचीत पर कम समय खर्च करना पड़ सकता है। वे अधिक महत्वपूर्ण कस्टमर संबंधों और जटिल मामलों पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकती हैं।

हालांकि एआई का उद्देश्य हर स्थिति में इंसानी कर्मचारियों की जगह लेना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य बार-बार होने वाले और नियमित कामों को ऑटोमेट करके बिजनेस की कार्यक्षमता, प्रतिक्रिया समय और कस्टमर बातचीत को बेहतर बनाना है।

पांच वर्षों के अनुभव के साथ विरॉक्स समूह

वर्क असाइन एआई, विरॉक्स सॉफ्टवेयर की तकनीकी पहल है। यह समूह पिछले लगभग पांच वर्षों से अलग-अलग क्षेत्रों में बिजनेस और तकनीक से जुड़े समाधान विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।

विरॉक्स समूह के अंतर्गत विरॉक्स सॉफ्टवेयर, विरॉक्स वर्कअसाइन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड और डिग्निटी फूड किचन जैसे उपक्रम शामिल हैं। इन उपक्रमों का काम अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ा है, जिससे समूह का अनुभव केवल एक इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है।

विरॉक्स सॉफ्टवेयर का फोकस सॉफ्टवेयर और तकनीकी समाधानों पर है, जबकि विरॉक्स वर्कअसाइन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड का मुख्य ध्यान एआई, बिजनेस ऑटोमेशन, बिक्री और कस्टमर सपोर्ट पर है। वहीं डिग्निटी फूड किचन फूड और फूड सर्विस क्षेत्र में काम कर रहा है।

संस्थापक धर्मेंद्र वीर सिलावट की अलग यात्रा

विरॉक्स समूह के संस्थापक धर्मेंद्र वीर सिलावट का प्रोफेशनल सफर भी तकनीकी क्षेत्र के सामान्य करियर से अलग रहा है।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शेफ के रूप में की। इसके बाद उन्होंने फाइनेंस और बैंकिंग क्षेत्र में काम किया और बैंक मैनेजर के रूप में भी अनुभव हासिल किया।

बाद में उनकी रुचि तकनीक की ओर बढ़ी और उन्होंने कोडिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और तकनीकी समाधान के क्षेत्र में काम करना शुरू किया। इस तरह उनके प्रोफेशनल अनुभव में हॉस्पिटैलिटी, बैंकिंग, फाइनेंस, कोडिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और उद्यमिता जैसे अलग-अलग क्षेत्र शामिल रहे हैं।

इन अलग-अलग क्षेत्रों को समझने का अनुभव उनके तकनीकी उपक्रमों में भी दिखाई देता है। उनका फोकस ऐसी तकनीक विकसित करने पर है, जो केवल तकनीकी रूप से उन्नत हो, बल्कि वास्तविक बिजनेस समस्याओं को समझकर उनका समाधान करने में भी मदद करे।

छोटे बिजनेस के लिए एआई का अगला कदम

बिजनेस मालिकों के लिए एआई का सबसे बड़ा फायदा केवल ऑटोमेशन नहीं, बल्कि समय और कस्टमर बातचीत को बेहतर तरीके से मैनेज करना भी हो सकता है।

कस्टमर की पूछताछ से लेकर फॉलो-अप, मीटिंग तय करने से लेकर रिमाइंडर और व्हाट्सऐप से लेकर एआई कॉलिंग तक, अगर अलग-अलग प्रक्रियाओं को एक जुड़े हुए सिस्टम में लाया जाए, तो बिजनेस के रोजमर्रा के काम को अधिक व्यवस्थित किया जा सकता है।

वर्क असाइन एआई इसी दिशा में काम कर रहा हैएआई ऑटोमेशन को केवल बड़ी कंपनियों की सुविधा मानकर छोटे बिजनेस, नए स्टार्टअप और तेजी से बढ़ते बिजनेस तक पहुंचाने की कोशिश।

आने वाले समय में एआई बिजनेस कम्युनिकेशन और कस्टमर सपोर्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है। वर्क असाइन एआई का उद्देश्य इसी बदलाव के साथ आगे बढ़ना है, ताकि तकनीक को अधिक आसान और सुलभ बनाया जा सके और बिजनेस मालिकों को अपने रोजमर्रा के काम स्मार्ट तरीके से संभालने के नए विकल्प मिल सकें।

वर्क असाइन एआई

बिक्री और कस्टमर सपोर्ट के लिए एआई वर्कफोर्स

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