आईआईटी मंडी को ज़रूरतमंद छात्रों के लिए 85,000 अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि मिली, शोध और अकादमिक उत्कृष्टता को मिलेगा बढ़ावा
यह राशि आईआईटी मंडी एंडोमेंट फंड की स्थापना के लिए उपयोग की जाएगी, जो शोध की गुणवत्ता को बेहतर बनाने, ज़रूरतमंद छात्रों की सहायता करने और उच्च शिक्षा में अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
13 फरवरी 2025, मंडी : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (IIT Mandi), जो देश के अग्रणी द्वितीय पीढ़ी के IITs में से एक है, को अमेरिका में रहने वाले परोपकारी और IIT रुड़की के गौरवशाली पूर्व छात्र श्री मोहिंदर एल. नय्यर से 85,000 अमेरिकी डॉलर का उदार दान प्राप्त हुआ है। यह दान IIT मंडी/ DORA कार्यालय द्वारा अमेरिका स्थित किसी परोपकारी से प्राप्त अब तक का सबसे बड़ा योगदान है, जो संस्थान के लक्ष्य को साकार करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
यह राशि आईआईटी मंडी एंडोमेंट फंड की स्थापना के लिए उपयोग की जाएगी, जो शोध की गुणवत्ता को बेहतर बनाने, ज़रूरतमंद छात्रों की सहायता करने और उच्च शिक्षा में अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस राशि के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए श्री नय्यर, IIT मंडी और IIT रुड़की फाउंडेशन के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसका उद्देश्य अकादमिक विकास को बढ़ावा देना और संस्थान के दीर्घकालिक दृष्टिकोण के अनुरूप प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है।
IIT मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मिधर बेहरा और डीन, संसाधन सृजन एवं पूर्व छात्र संबंध प्रो. वरुण दत्त ने इस महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए कहा कि परोपकारी सहयोग IIT मंडी को एक विश्वस्तरीय नवाचार और ज्ञान सृजन केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
IIT मंडी ने श्री नय्यर के इस उदार योगदान और शिक्षा व शोध के प्रति उनके अटूट समर्थन के लिए हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया। संस्थान इस प्रकार के योगदानों का उपयोग अकादमिक समुदाय और समाज के व्यापक हित में प्रभावी पहलों को आगे बढ़ाने के लिए करता रहेगा।
Mamta Choudhary