सुभाष कन्नी के संगीत ने जगाया रोमांच! ‘जो हारने से डर गया’ और ‘चलते रहेंगे’ गीतों के साथ ‘रावण – द राइज बिफोर द फॉल’ ने बढ़ाया कदम
P S MOTION REELS और SiDDHA ARTS की प्रस्तुति में सुभाष कन्नी की आगामी हिंदी पौराणिक एक्शन थ्रिलर फिल्म के दो दमदार गीत रिलीज़। मौलिक संगीत, प्रभावशाली गीतों और एआई (AI) तकनीक की सहायता से तैयार फिल्म निर्माण का अनूठा संगम।सोलापुर, महाराष्ट्र: रावण – द राइज बिफोर द फॉल के संगीतमय सफर ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। फिल्म के दो दमदार गीत ‘जो हारने से डर गया’ और ‘चलते रहेंगे’ रिलीज़ कर दिए गए हैं। P S MOTION REELS और SiDDHA ARTS द्वारा प्रस्तुत इन गीतों का विशेष विमोचन समारोह 29 अक्टूबर 2026 को निर्देशक के गृह नगर सोलापुर स्थित कॉनप्लेक्स सिनेमा, जामश्री सिटी में आयोजित किया गया।आगामी हिंदी पौराणिक एक्शन थ्रिलर फिल्म रावण – द राइज बिफोर द फॉल की कहानी और निर्देशन की जिम्मेदारी सुभाष कन्नी ने संभाली है। इसके साथ ही उन्होंने फिल्म के दोनों गीतों का संगीत तैयार करने के साथ उनके बोल भी लिखे हैं। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से कन्नी ने पौराणिक कथाओं, संगीत, सिनेमाई कहानी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती तकनीक को एक साथ जोड़ने का अनूठा प्रयास किया है।‘जो हारने से डर गया’ और ‘चलते रहेंगे’: दो गीत, दो प्रेरणादायक संदेशफिल्म के दोनों नए गीत दर्शकों के सामने भावनाओं के दो अलग-अलग पहलुओं को प्रस्तुत करते हैं।‘जो हारने से डर गया’ गीत साहस, दृढ़ संकल्प और चुनौतियों का बिना किसी डर के सामना करने की भावना पर आधारित है। यह गीत उन लोगों के जज्बे को सलाम करता है, जो मुश्किल परिस्थितियों में भी हार मानने के बजाय आगे बढ़ने का हौसला रखते हैं।वहीं, ‘चलते रहेंगे’ गीत संघर्षों के बीच उम्मीद बनाए रखने, निरंतर प्रयास करने और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते रहने का संदेश देता है। यह गीत इस विश्वास को दर्शाता है कि जीवन में आने वाली कठिनाइयां किसी भी व्यक्ति को अपने सपनों और मंजिल तक पहुंचने से रोक नहीं सकतीं।ये दोनों गीत मिलकर रावण – द राइज बिफोर द फॉल की संगीतमय पहचान में साहस, महत्वाकांक्षा, संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति जैसे महत्वपूर्ण भावों को शामिल करते हैं।दोनों गीतों के बोल और संगीत सुभाष कन्नी द्वारा तैयार किए गए हैं। गीतों के वोकल ट्रैक तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की सहायता ली गई है। इस प्रकार पारंपरिक गीत लेखन और संगीत रचना को आधुनिक AI आधारित रचनात्मक तकनीक के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है।सुभाष कन्नी की अनूठी संगीत और सिनेमाई सोचरावण – द राइज बिफोर द फॉल के माध्यम से सुभाष कन्नी ने रावण के पौराणिक चरित्र को एक अलग दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। फिल्म में रावण की पारंपरिक छवि से आगे बढ़कर शक्ति, महत्वाकांक्षा, नेतृत्व, विरासत और त्रासदी जैसे विषयों को तलाशने की कोशिश की गई है।फिल्म का शीर्षक द राइज बिफोर द फॉल यानी ‘पतन से पहले का उत्कर्ष’ इसकी केंद्रीय विचारधारा को दर्शाता है। यह एक शक्तिशाली व्यक्तित्व के उदय और उसके पतन के पीछे जिम्मेदार फैसलों एवं परिस्थितियों की कहानी को सामने लाने का प्रयास करता है।फिल्म की इस सिनेमाई सोच में संगीत की भी अहम भूमिका है। रिलीज़ किए गए दोनों गीतों के माध्यम से सुभाष कन्नी ने फिल्म के प्रेरणादायक और भावनात्मक पक्ष को दर्शकों से परिचित कराया है।गीतों का विमोचन सोलापुर फिल्म सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. नवनीत तोष्णीवाल और फिल्म निर्माता डॉ. नितिन तोष्णीवाल के शुभहस्ते संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर कांग्रेस नेता श्री विजयकुमार हट्टुरे, इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन की उप निदेशक अनीता कोडमुर और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुके आदित्य कोडमुर भी उपस्थित रहे।AI तकनीक की सहायता से फिल्म निर्माण का अनूठा प्रयोगइस प्रोजेक्ट की एक प्रमुख विशेषता इसका AI आधारित हाइब्रिड फिल्म निर्माण दृष्टिकोण है, जिसमें पारंपरिक फिल्म निर्माण की प्रक्रियाओं के साथ आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।इस फिल्म के निर्माण में यह तलाशने का प्रयास किया गया है कि किस तरह नई तकनीक कहानी की दुनिया को अधिक प्रभावशाली बनाने और रचनात्मक अभिव्यक्ति को नए आयाम देने में सहायक हो सकती है। साथ ही, कहानी, संगीत और फिल्म की समग्र सिनेमाई सोच को आकार देने में निर्देशक की भूमिका को भी बरकरार रखा गया है।AI आधारित फिल्म निर्माण की तकनीक लगातार विकसित हो रही है। ऐसे में यह फिल्म स्वतंत्र हिंदी सिनेमा में रचनात्मकता और तकनीक के नए अवसरों को तलाशने की दिशा में सुभाष कन्नी का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।फिल्म के दोनों गीतों का रिलीज़ होना रावण – द राइज बिफोर द फॉल के प्रचार अभियान का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इन गीतों के माध्यम से दर्शकों को फिल्म के संगीत और इसके पीछे की रचनात्मक सोच की पहली झलक देखने और सुनने को मिलेगी।अब यूट्यूब पर उपलब्ध हैं दोनों गीतफिल्म के दोनों गीत ‘जो हारने से डर गया’ और ‘चलते रहेंगे’ P S MOTION REELS के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध हैं।मौलिक गीत लेखन, सुभाष कन्नी द्वारा तैयार संगीत, AI तकनीक की सहायता से निर्मित वोकल ट्रैक और भारतीय पौराणिक कथाओं के सबसे जटिल एवं चर्चित पात्रों में से एक रावण पर आधारित कहानी के साथ रावण – द राइज बिफोर द फॉल दर्शकों के सामने संगीत, पौराणिकता और आधुनिक फिल्म निर्माण का एक अलग संगम प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही है।फिल्म एवं संगीत से जुड़ी जानकारीफिल्म का नाम: रावण – द राइज बिफोर द फॉलप्रस्तुतकर्ता: P S MOTION REELS एवं SiDDHA ARTSलेखक एवं निर्देशक: सुभाष कन्नीसंगीतकार: सुभाष कन्नीगीतकार: सुभाष कन्नीरिलीज़ किए गए गीत:जो हारने से डर गया - चलते रहेंगे -वोकल प्रोडक्शन: AI तकनीक की सहायता सेगीत विमोचन समारोह: 29 अक्टूबर 2026स्थान: कॉनप्लेक्स सिनेमा, जामश्री सिटी, सोलापुर, महाराष्ट्रडिजिटल प्लेटफॉर्म: P S MOTION REELS का आधिकारिक यूट्यूब चैनल
P S MOTION REELS और SiDDHA ARTS की प्रस्तुति में सुभाष कन्नी की आगामी हिंदी पौराणिक एक्शन थ्रिलर फिल्म के दो दमदार गीत रिलीज़। मौलिक संगीत, प्रभावशाली गीतों और एआई (AI) तकनीक की सहायता से तैयार फिल्म निर्माण का अनूठा संगम।
सोलापुर, महाराष्ट्र: रावण – द राइज बिफोर द फॉल के संगीतमय सफर ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। फिल्म के दो दमदार गीत ‘जो हारने से डर गया’ और ‘चलते रहेंगे’ रिलीज़ कर दिए गए हैं। P S MOTION REELS और SiDDHA ARTS द्वारा प्रस्तुत इन गीतों का विशेष विमोचन समारोह 29 अक्टूबर 2026 को निर्देशक के गृह नगर सोलापुर स्थित कॉनप्लेक्स सिनेमा, जामश्री सिटी में आयोजित किया गया।
आगामी हिंदी पौराणिक एक्शन थ्रिलर फिल्म रावण – द राइज बिफोर द फॉल की कहानी और निर्देशन की जिम्मेदारी सुभाष कन्नी ने संभाली है। इसके साथ ही उन्होंने फिल्म के दोनों गीतों का संगीत तैयार करने के साथ उनके बोल भी लिखे हैं। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से कन्नी ने पौराणिक कथाओं, संगीत, सिनेमाई कहानी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती तकनीक को एक साथ जोड़ने का अनूठा प्रयास किया है।
‘जो हारने से डर गया’ और ‘चलते रहेंगे’: दो गीत, दो प्रेरणादायक संदेश
फिल्म के दोनों नए गीत दर्शकों के सामने भावनाओं के दो अलग-अलग पहलुओं को प्रस्तुत करते हैं।
‘जो हारने से डर गया’ गीत साहस, दृढ़ संकल्प और चुनौतियों का बिना किसी डर के सामना करने की भावना पर आधारित है। यह गीत उन लोगों के जज्बे को सलाम करता है, जो मुश्किल परिस्थितियों में भी हार मानने के बजाय आगे बढ़ने का हौसला रखते हैं।
वहीं, ‘चलते रहेंगे’ गीत संघर्षों के बीच उम्मीद बनाए रखने, निरंतर प्रयास करने और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते रहने का संदेश देता है। यह गीत इस विश्वास को दर्शाता है कि जीवन में आने वाली कठिनाइयां किसी भी व्यक्ति को अपने सपनों और मंजिल तक पहुंचने से रोक नहीं सकतीं।
ये दोनों गीत मिलकर रावण – द राइज बिफोर द फॉल की संगीतमय पहचान में साहस, महत्वाकांक्षा, संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति जैसे महत्वपूर्ण भावों को शामिल करते हैं।
दोनों गीतों के बोल और संगीत सुभाष कन्नी द्वारा तैयार किए गए हैं। गीतों के वोकल ट्रैक तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की सहायता ली गई है। इस प्रकार पारंपरिक गीत लेखन और संगीत रचना को आधुनिक AI आधारित रचनात्मक तकनीक के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है।
सुभाष कन्नी की अनूठी संगीत और सिनेमाई सोच
रावण – द राइज बिफोर द फॉल के माध्यम से सुभाष कन्नी ने रावण के पौराणिक चरित्र को एक अलग दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। फिल्म में रावण की पारंपरिक छवि से आगे बढ़कर शक्ति, महत्वाकांक्षा, नेतृत्व, विरासत और त्रासदी जैसे विषयों को तलाशने की कोशिश की गई है।
फिल्म का शीर्षक द राइज बिफोर द फॉल यानी ‘पतन से पहले का उत्कर्ष’ इसकी केंद्रीय विचारधारा को दर्शाता है। यह एक शक्तिशाली व्यक्तित्व के उदय और उसके पतन के पीछे जिम्मेदार फैसलों एवं परिस्थितियों की कहानी को सामने लाने का प्रयास करता है।
फिल्म की इस सिनेमाई सोच में संगीत की भी अहम भूमिका है। रिलीज़ किए गए दोनों गीतों के माध्यम से सुभाष कन्नी ने फिल्म के प्रेरणादायक और भावनात्मक पक्ष को दर्शकों से परिचित कराया है।
गीतों का विमोचन सोलापुर फिल्म सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. नवनीत तोष्णीवाल और फिल्म निर्माता डॉ. नितिन तोष्णीवाल के शुभहस्ते संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर कांग्रेस नेता श्री विजयकुमार हट्टुरे, इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन की उप निदेशक अनीता कोडमुर और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुके आदित्य कोडमुर भी उपस्थित रहे।
AI तकनीक की सहायता से फिल्म निर्माण का अनूठा प्रयोग
इस प्रोजेक्ट की एक प्रमुख विशेषता इसका AI आधारित हाइब्रिड फिल्म निर्माण दृष्टिकोण है, जिसमें पारंपरिक फिल्म निर्माण की प्रक्रियाओं के साथ आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
इस फिल्म के निर्माण में यह तलाशने का प्रयास किया गया है कि किस तरह नई तकनीक कहानी की दुनिया को अधिक प्रभावशाली बनाने और रचनात्मक अभिव्यक्ति को नए आयाम देने में सहायक हो सकती है। साथ ही, कहानी, संगीत और फिल्म की समग्र सिनेमाई सोच को आकार देने में निर्देशक की भूमिका को भी बरकरार रखा गया है।
AI आधारित फिल्म निर्माण की तकनीक लगातार विकसित हो रही है। ऐसे में यह फिल्म स्वतंत्र हिंदी सिनेमा में रचनात्मकता और तकनीक के नए अवसरों को तलाशने की दिशा में सुभाष कन्नी का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
फिल्म के दोनों गीतों का रिलीज़ होना रावण – द राइज बिफोर द फॉल के प्रचार अभियान का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इन गीतों के माध्यम से दर्शकों को फिल्म के संगीत और इसके पीछे की रचनात्मक सोच की पहली झलक देखने और सुनने को मिलेगी।
अब यूट्यूब पर उपलब्ध हैं दोनों गीत
फिल्म के दोनों गीत ‘जो हारने से डर गया’ और ‘चलते रहेंगे’ P S MOTION REELS के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध हैं।
मौलिक गीत लेखन, सुभाष कन्नी द्वारा तैयार संगीत, AI तकनीक की सहायता से निर्मित वोकल ट्रैक और भारतीय पौराणिक कथाओं के सबसे जटिल एवं चर्चित पात्रों में से एक रावण पर आधारित कहानी के साथ रावण – द राइज बिफोर द फॉल दर्शकों के सामने संगीत, पौराणिकता और आधुनिक फिल्म निर्माण का एक अलग संगम प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही है।
फिल्म एवं संगीत से जुड़ी जानकारी
फिल्म का नाम: रावण – द राइज बिफोर द फॉल
प्रस्तुतकर्ता: P S MOTION REELS एवं SiDDHA ARTS
लेखक एवं निर्देशक: सुभाष कन्नी
संगीतकार: सुभाष कन्नी
गीतकार: सुभाष कन्नी
रिलीज़ किए गए गीत:
जो हारने से डर गया -
चलते रहेंगे -
वोकल प्रोडक्शन: AI तकनीक की सहायता से
गीत विमोचन समारोह: 29 अक्टूबर 2026
स्थान: कॉनप्लेक्स सिनेमा, जामश्री सिटी, सोलापुर, महाराष्ट्र
डिजिटल प्लेटफॉर्म: P S MOTION REELS का आधिकारिक यूट्यूब चैनल
Mamta Choudhary